Thursday, April 25, 2019

ओव्हरव्हिव मुलाकात तय करना :

ओव्हरव्हिव मुलाकात तय करना :


    "बहुत बढिया राज, में तुम्हें कुछ जानकारी देना चाहता हूँ, सिर्फ 20 मिनट लगेंगे. कब मिलना ठीक रहेगा. साथ में कॉफी पियेंगे और बातचीत भी करेंगे। मंगलवार सही रहेगा या गुरूवार ? (समय और जगह निर्धारित कीजिए आपका घर या फिर ऐसी जगह, जो कि आप दोनों के लिए सुविधाजनक हो.)

व्हिडियो का इस्तेमाल

         प्रॉस्पेक्टिंग करते समय आप विट वल्र्ड वाइड द्वारा जारी किए गए साहित्य का उपयोग कर सकते हैं. उसमें एक व्हिडियो है, “द परफेक्टबिज़नेस फॉर इंडिया जिसको दिखाकर आप प्रॉस्पेक्ट को बेहतर तरीके से समझा पाएँगे. फोन पर बातचीत करके अगर आपको लगे, कि पॉस्पेक्टस विजनेस में दिलचस्पी ले रहे हैं, तब आप सहजता से कह सकते हैं, “मैं आपको कुछ व्हिडियो और बाकी साहित्य देना चाहता हूँ, जिनकी मदद से आप इस बिज़नेस को आसानी से समझ पाएँगे. इसके लिए मैं कब आऊँ ? या ऐसा करता हूँ, कि आज शाम मैं उसी तरफ आ रहा हूँ, तभी तुमसे मिल लूंगा, ओ.के.?" व्हिडियो के साथ, अपनी अपलाइन द्वारा सुझायी गयी, उपयुक्त किताव भी आप अपने पॉम्पेक्ट को दे सकते हैं।

बातचीत के कुछ नमूने :

           पिछले परिच्छेदों में विभिन्न स्थितियों में फोन द्वारा संपर्क और आमंत्रण के कई तरीकों को बताया गया है. यहाँ इस पूरे विषय में आमंत्रित करने के कुछ और तरीके दिए जा रहे हैं:

करीबी दोस्त या रिश्तेदारों से

         "हेलो राज, मैं ..... बोल रहा हूँ. तुम्हारे परिवार में सब लोग कैसे हैं? (सामान्य बातचीतजैसे परिवार, पली, बच्चे, नौकरी इत्यादि के बारे में. सुनो राज. मैंने तुम्हें यह बताने के लिए फोन किया था, कि मुझे एक बिज़नेस का अवसर मिला है, मैं उसकी जांच कर रहा हूँ. मुझे यह बहुत बढ़िया लग रहा है. इसमें एक अच्छी कमाई की संभावना दिखायी दे रही है. दरअसल मैं चाहता है, कि तुम इस अवसर को देखो और इस बारे में मुझेसलाह दो. उसके लिए हमें मिलना चाहिए. कौनसा समय सही रहेगा ? तुम्हारे लिए मंगलवार या गुरूवार ठीक रहेगा क्या? (यदे वो 'हां' कहते हैं) फिर तो यही ठीक रहेगा ! और हों, मेरो पली भी इसमें दिलचस्पी दिखा रही है. क्या तुम भी अपनी पत्नी के साथ आ सकते हो ? (यदि वो हाँ कहे ) बहुत बढ़िया! (समय निश्चित कीजिए)...तो फिर मिलते हैं."

‘हैलो राज, में .... बोल रहा हूँ तुम्हारे परिवार में सब लोग कैसे हैं? (सामान्य बातचीतजैसे परिवार, पत्नी, बच्चे, नौकरी इत्यादि के बारे में .) सुनो राज, में अभी कुछ जल्दी में हूँ. में यह जानना चाहता था, कि क्या आज रात (या कल रात) तुम लोग घर पर ही हो ना, कहीं बाहर तो नहीं जा रहे ? (यदि संभव हो, तो दोनों के लिए पूछिए) में और मेरी पली आपके यहाँ आना चाहते हैं और मैं चाहता हूँ, कि वो भी आपस में मिल लें . ठीक है। ना राज? तो फिर मिलते हैं कल शाम 7.00 बजे, वाय..!"

थोड़ीसी जान पहचान वाले और नए परिचय के लोगों से

"हेलो राज जी, में ... बोल रहा हूँ." (हल्की-फुल्की संक्षिप्त बातचीत) “हलो राज जी, फोन करने का कारण यह है, कि मैंने कुछ सफल लोगों के साथ एक बिज़नेस शुरू किया है और हम इस बिजनेस को और आगे बढ़ाना चाहते हैं. मैं आपसे मिलकर बहुत प्रभावित हुआ था. मुझे ऐसा लगता है, कि आप हमारे इस पोग्राम में बिल्कुल फिट बैठेगे राज जी, मैं आपसे यह जानना चाहता हूं, क्या आप इस प्रकार के बढ़िया बिज़नेस को समझने में दिलचस्पी रखते हैं या अपनी बर्तमान जीवनशैली से ही संतुष्ट हैं" (उनके जवाब के लिए किए ). "मुझे आपसे यही उम्मीद थी, लेकिन मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ, कि अभी में इस बारे में आपसे कोई वादा नहीं कर सकता . बस इतना समझ लीजिए, कि हम दोनों के लिए ही, पहली मुलाकात में, यह केवल एकदूसरे को समझने तक ही सीमित रहेगा. मुझे लगता है, कि इस विषय में हमें अगले ही सप्ताह, किसी दिन कुछ समय के लिए मिलना चाहिए. आपका प्रोगाम क्या कहता है ? में मंगलवार और गुरूवार शाम को खाली हूँ, और आप ..? (अगर वो भी खुद को खाली बताते हैं ) फिर तो यढ़िया है ! और हाँ, मेरी पत्नी भी मेरे साथ रहेगी. अगर कोई दिक्कत न हो, तो आप भी अपनी पत्नी के साथ ही आइए, उनकी भी आपस में मुलाकात हो जाएगी और शायद मेरी ही तरह, आपको भी उनसे सलाहमशविरे की ज़रूरत पड़ जाए. (अगर वो तैयार हो जाएँ). बढ़िया ! ..तो फिर मिलते हैं मंगलवार शाम ठीक 7.00 बजे . ठीक है ? (यदि ज़रूरत हो तो दोनों की सहुलियत के हिसाब से जगह और समय निश्चित कीजिए.) गज जी, एक बात और, अगर आपके प्लान में कोई फेर बदल हो जाए, तो प्लीज मुझे फोन करके बता दीजिएगा, ओ.के., बाय !"

अपनी डाउनलाइन के किसी परिचित से बात करना :

हॅलो गज जी. में ..... बोल रहा हूँ. आप मुझे नहीं जानते, मगर मैं ..... का दोस्त बोल रहा हूँ . क्या आपसे दो मिनट बात कर सकता हूँ? (अगर वो हामी भरते हैं . ) धन्यवाद ! देखिए, मैं एक विज़नेसमॅन हूँ. मेरे विज़नेस का नाम . . . . है . यह एक अनोखा विज़नेस है, जो कि अंतराष्ट्रीय स्तर पर काम करता है. हम इसके लिए भारत में 'विट वर्ल्ड वाइड इंडिया' इस सिस्टम से जुड़े हुए हैं. हम इस विज़नेस को तेज़ी से आगे बढ़ा रहे हैं और इसके लिए, हमें कुछ काविल लोगों की तलाश है, जो हमारे साथ मिलकर काम कर सकें . मैंने आपको इस लिए फोन किया है, क्योंकि ... ने आपकी सिफारिश की है. दरअसल राज जी, मैं आपको नहीं जानता, इसलिए वस अंधेरे में तीर चला रहा हूँ. में जानना चाहता हूँ, कि क्या आप एक बढ़िया विजनेस से एक अतिरिक्त आमदनी पाना चाहते हैं या अपनी वर्तमान स्थिति में ही संतुष्ट हैं ?" (अगर वो सकारात्मक जवाब देते हैं) “बहुत बढ़िया ! देखिए राज जी, मैं आपसे आज कोई वादा नहीं कर सकता, क्योंकि हमारी वात वहुत से लोगों से चल रही है. फोन पर इस संबंध में जानकारी नहीं दी जा सकती . बेहतर होगा कि हम कुछ समय के लिए मिलकर बातचीत करें, तभी मैं आपको सही तरीके से बता पाऊँगा। और आप भी जानकर फैसला कर पाएंगे, ठीक है ना ? मैंने इसके लिए मंगलवार और गुरूवार की शाम को .... इनके यहाँ दो सेशन रखे हैं, जहाँ में उनके कुछ दोस्तों से बात करूंगा. क्या आप उस दिन आ सकते हैं ? (अधिकता आपको उनका जवाब 'हां' में ही मिलेगा) वढिया ! मंगल की। शाम को 7.00 बजे ठीक रहेगा. आपसे बात करके अच्छा लगा . मिलनेपर हम वाकी बातें करेंगे!" (पतिपत्नी को साथ में ही आमंत्रित कीजिए मुलाकात की जगह निश्चित कीजिए और इस अपॉइंटमेंट को पक्का कीजिए.)

आपत्तियों का निराकरण

★          मैं क्या कहूँ जब कोई पूछे कि “ये क्या है ?” या “आप क्या करते हो ?”

"आप एक विज़नेस में है, इसलिए आपने बिना हिचकिचाए उन्हें बता देना चाहिए, कि आप क्या करते हैं. इसमें विचलित होने की कोई आवश्यक ही नहीं है. आपको पूरे विश्वास के साथ उनसे बात करनी चाहिए और अपने काम पर आपने गर्व करना चाहिए. आपको इस बिज़नेस के बारे में पी जानकारी रखनी ही चाहिए. आपको तुरंत जवाब देते आना चाहिए और इस संबंध में जान लीजिए, कि आपको क्या बताना चाहिए और क्या नहीं बताना चाहिए. जो आप कहना चाहते हैं, उसका अभ्यास करना आपके लिए बहुत मददगार साबित होगा . हमेशा याद रखिए, सवाल पूछने का मतलव यह संकेत होता है, कि वो व्यक्ति इस बारे में जानकारी लेने के लिए उत्सुक है.

विभिन्न सवालों के जवाब देने के कुछ नमूने :

* मेरी कंपनी का नाम ... है

* मेरा अपना मार्केटिंग का विज़नेस है

* थोक खुदरा वितरण का काम

* अंतर्राष्ट्रीय मार्केटिंग 

* निजी व्यापार का विकास

* इंटरैक्टिव मार्केटिंग

* इंटरैक्टिव डिस्ट्रिब्युशन

* अल्टरनेटिव फ्रेंचाइजिंग

*  प्राइवेट फ्रेंचाइजिंग

* हम लोगों को उनका अपना विज़नेस बढ़ाने में मदद करते हैं

* नेटवर्क डिटिव्युशन

* हम लोगों को उनकी आमदनी के स्रोत बढ़ाने में मदद करते हैं

* हम विज़नेस के वितरण नेटवर्क का निर्माण करते हैं

* हम लोगों के लिए अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनाने में मदद करते हैं

आप अपने प्रॉस्पेक्ट को यह जानने दीजिए, कि इस संबंध में फोन पर या उसी समय, उन्हें बहुत ज्यादा जानकारी नहीं दी जा सकती . प्रत्यक्ष मिलकर ही इसकी जानकारी दी जा सकती है, इसलिए मिलकर वैठने के बाद ही आप उन्हें विज़नेस के बारे में सही तरीके से समझा पाएंगे .

आमंत्रित करते समय क्या करें और क्या न करें :

क्या करें :

* अपनी बात तुरंत कह दीजिए. (बस चंद मिनटों में )

* उत्साहित रिहए

* उन्हें बताइए कि आप अपने विज़नेस को और आगे बढ़ा रहे हैं

* जिज्ञासा उत्पन्न कीजिए

* हर काम को तेज़ी से निपटाने का अहसास रखिए

* अपने हावभाव को ऊँचा बनाए रखिए (यह कहते हुए, मैं आपको कोई वादा या गॅरंटी नहीं दे सकता.")

* जितने लोगों को आप मिटिंग में चाहते हैं, उससे दुगुने लोगों को निमंत्रण दीजिए

* सहज होकर हंसते हुए वात कीजिए

* मुलाकात की बात निश्चित होने के वाद, लोगों से वहाँ पहुँचने का वादा लीजिए

* सवाल का जवाब, सवाल पूछकर दीजिए

* पतिपत्नी दोनों को साथ में आने का निमंत्रण दीजिए

*वातचीत पर नियंत्रण रखिए

* लोगों की जिज्ञासा का वढ़ाते रहिए. इस अवसर को उसी समय समझाने की जल्दबाजी से वचिए . वास्तव में आप जितना कम समय उनके साथ बात करने में विताएँगे, उतना ही बेहतर होगा 

* आप अपने प्रॉम्पेक्ट को स्पष्ट बता दीजिए, कि कोई जोरजबरदस्ती की बात नहीं है, उन्हें मिटिग में केवल जानकारी पाने के लिए ही बनाया
जा रहा है.

क्या न करें :

* अपने प्रोस्पेक्ट को फोन पर ही सब कुछ बताने की कोशिश मत कीजिए

* लोगों से बात करते समय मत हिचकिचाइए.

* उनकी रूचि को जॉचिए, कुछ बेचने की कोशिश मत कीजिए

* इस तरह की बात मत कहिए, कि मेरा एक छोटा-सा साइड विजनेस हैं

* विचलित मत होइए, सहज बने रहिए

* लोगों पर कभी भी अपना प्लान देखने के लिए न तो दबाब डालिए, ना ही याचना कीजिए.

* कभी भी देकेपे अंदाज में बात मत कीजिए: उन्हें पता होना चाहिए कि आप किसी बिज़नेस अवसर की बात कर रहे हैं.

* सही समय से पहले अपनी कंपनी के बारे में बातचीत मत कीजिए

* बेचना' और 'पॉडक्ट' जैसे शब्दों का प्रयोग करते समय सावधानी बरतना ज़रूरी है, वरना आपके प्रॉस्पेक्ट्स इन बातों का गलत मतलत
सकते हैं

* यदि आपने 5-6 लोगों को आमंत्रित कर लिया है, पर कोई सकारात्मक परिणाम न मिला हो, तब आगे बढ़ने से पहले अपनी अपलाइन में सलाह लीजिए, क्योंकि तब इस बात को जॉचना ज़रूरी है, कि कहीं आपके आमंत्रण का तरीका गलत तो नहीं .

महत्वपूर्ण बात :   अपने बिज़नेस को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए, अपनी सूचि में शामिल बेहतर लोगों को आमंत्रित कीजिए, जो कि महत्वकांक्षी और आदर के पात्र हों. यही लोग हर रूकावट को पार कर सकते हैं और बाकी लोगों के लिए एक उदाहरण बन सकते हैं

             लोगों को बिज़नेस प्लान देखने के लिए, आमंत्रित करने से पहले, अपनी बातचीत में सही शब्दों का प्रवाह लाने के लिए, सिस्टम के सीडी और कॅसेट्स को वारवार मुनिए, आप अपने अपलाइन प्लॅटिनम से मिलकर यह भी समझ लें, कि आपके क्षेत्र में कौनसी भाषा सबसे अधिक प्रभावशाली हो सकती है।

Share:

फोन से आमंत्रण देने की सामान्य रूपरेखा

फोन से आमंत्रण देने की सामान्य रूपरेखा


1)  सहज माहोल बनाइए. सामान्य बातचीत से शुरू कीजिए.

2) अपने फोन करने का कारण बताइए.

3). अपने हावभाव को ऊँचा बनाए रखिए.

4) उनकी दिलचस्पी को जॉचिए.

5)  मुलाकात का समय निश्चित कीजिए.



1) . सहज माहौल बनाइए

             विजनेस से संबंधित किसी भी बात को कहने से पहले, फोन पर सामान्य बातचीत से शुरूआत की जाती है. आप जिसे भी फोन करें, पहले उससे अपने रिश्तों के आधार पर बातचीत शुरू कीजिए. अगर वह व्यक्ति आपका दोस्त या रिश्तेदार है, तव आप उनसे सामान्य ढंग से ही बातचीत शुरू कीजिए, जिस तरह से आप हमेशा करते हैं. अगर उस व्यक्ति से अभी हाल ही में आपका परिचय हुआ है, तब आप उसे अपनी मुलाकात की। याद दिलाइए. वो व्यक्ति कौन हैं, यह बात मायने नहीं रखती, अधिक देर तक गपशप करना उचित नहीं . जितनी जल्दी हो सके अपने विषय पर आ जाइए. हमेशा अपनी बात शुरू करने से पहले उनसे यह पूछ लीजिए, कि उन्हें कुछ देर आपसे बात करने में कोई एहतराज तो नहीं, उनके पास समय तो है और सम्भव हो, तो उन्हें समय देने के लिए धन्यवाद दीजिए.

उदाहरण :

★  दोस्त या रिश्तेदार

“हाय राज, मैं बोल रहा हूँ . क्या चल रहा है आजकल ? तुम्हारे (परिवार, पत्नी, बच्चे, कारोबार) सब कैसे है ?"

★ नए परिचित या जिनसे कभी मुलाकात हुई हो:

“हेलो राज जी. में... बोल रहा हूँ .हम लोग... में मिले थे. क्या कर रहे हैं आजकल ? क्या में दो मिनट आपसे बात कर सकता हूँ? आपकोबताना चाहता हूँ कि मैंने किस लिए फोन किया हैं। जब में आपमें मिला था, तो में आपके व्यवहार से काफी प्रभावित हुआ था. मुझे लगा किआप एक महत्वकांक्षी व्यक्ति हैं और तरक्की करना चाहते हैं. कहीं में गलत तो नहीं कह रहा?"

★  किसी दोस्त के दोस्त से जिससे आप पहले कभी नहीं मिले :

"राजा जी, मेरा नाम ....है. हम लोग एक दुसरे से कभी मिले नहीं हैं, लेकिन राम हम दोनों का ही दोस्त है. उसी ने मुझे बताया है। कि आप दोनों साथ में गोल्फ खेलते हैं... (एक ही क्लब में मेवर हैं, स्कूल में सहपाठी थे, साथ काम किया करते थे, इत्यादि.. मन फोन इसलिए किया था कि......"

2. अपने फोन करने का कारण बताएँ

आपको चाहिए कि जितनी जल्दी हो सके अपनी सामान्य बातचीत या हालचाल पूछने के तुरंत बाद, अपने मुख्य विषय पर आ जाइए. कहने का अर्थ यही है, आप उन्हें यह बताना चाहते हैं, कि आप अपना विज़नेस बढ़ाने जा रहे हैं. इस बात का हमेशा ख्याल रखिए, कि अपने
बिज़नेस से संबंधित ज्यादा वाते फोन पर कभी मत कीजिए. याद रखिए, कि किसी भी व्यक्ति को विजनेस प्लान देखने के लिए पोत्साहित करने का सबसे बढ़िया तरीका यही है, कि एक जिज्ञासा पैदा की जाए. यह जिज्ञासा कई तरीकों से पैदा की जा सकती है. आप वही तरीका इस्तेमाल कीजिए। जो आपको सहज लगता हो . ज़ाहिर है, कि यह तरीका उस व्यक्ति पर भी निर्भर करता है, जिससे आप बात कर रहे हैं. यहाँ काठ उदाहरण दिया जा रहे हैं:

> दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ

★"राज, एक विज़नेस कन्सेप्ट को देखकर में हैरान हूं. हमें मिलकर इस विषय में बात करनी चाहिए. अगले सप्ताह तम्हारे क्या कार्यक्रम हैं? क्या हम .. या .. को मिल सकते हैं?

★"राजा, में एक नया विज़नेस शुरू करने जा रहा हूँ और मुझे तुम्हारी सलाह की जरूरत है. इसके लिए कव मिलना बेहतर होगा ?"

★"राज, में एक नए विजनेस की जानकारी लेने जा रहा हैं. तम्हारी सलाह मेरे लिए हमेशा ही महत्त्वपूर्ण होती हैं, मुझे इस विषय में भीतु म्हारी सलाह की ज़रूरत है. तुमसे कव मिल सकता हूँ, ताकि मैं तुम्हें इस बिजनेस का विवरण देकर सलाह ले सकें?"

★"राज, क्या तुमने कभी विट वल्र्ड वाइड इंडिया के बारे में सुना है (जबाव के लिए इंतजार कीजिए। इसका काम वहत से देशों में चल रहा है. मुझे तो यह विजनेस एकदम वढिया लगा और में कछ खास लोगों के साथ इस विजनेस को बढ़ाने की सोच रहा था, कि तभी मुझे
तुरंत तुम्हारा खयाल आया राज."

> दोस्त या रिश्तेदार जिनसे आपने इस बिज़नेस का ज़िक्र किया है:

"राज, तम्हें याद है मने तम्हें बताया था कि में एक नए विजनेस की जानकारी ले रहा हूँ ? खर, मैने उसे अच्छी तरह से जांचापरखा है.इसकी हर बात वढिया दिखायी दे रही है. इसमें लाभ कमाने के वतिया अवसर है, में तो इस शुरू करने जा रहा हैं. राज, मुझे लगता है, कि तुम भी ऐसे मौके को छोड़ना नहीं चाहोगे . तुम चाहो तो में इसमें तुम्हारी मदद कर सकता हूं."

■  परिचित लोग :

"राज, मैंने कुछ सफल लोगों के साथ मिलकर, एक नया विज़नेस शुरू किया है. हमारा विज़नेस तेज़ी से तरक्की कर रहा है और अव हमें कुछ काविल लोगों की जरूरत है. मुझे तुम्हारा ध्यान आया, तुम्हारा व्यक्तित्व अच्छा है और तुम होशियार भी हो . मुझे लगता है कि तुम्हारी खूवियों का इस विज़नेस में बेहतर उपयोग होगा और तुम हमारे इस प्रोग्राम के लिए विल्कुल फिट हो. इसलिए मैंने तुम्हारे बारे में सवसे बात की है और वो सभी तुमसे मिलकर बात करना चाहते हैं, तो फिर ..."

■ सामान्य परिचय या नए परिचित लोग :

राज जी, हालाँकि मैं अंधेरे में तीर चला रहा हूँ, क्योंकि हम काफी कम समय के लिए मिले थे . वैसे मैं आपके बारे में ज्यादा तो नहीं जानता, लेकिन मैं आपसे पहली ही मुलाकात में काफी प्रभावित हुआ था. मुझे आपका नज़रिया पसंद आया. (यदि ऐसी कोई बात याद हो तो उसका उल्लेख कीजिए). राज जी, मैंने शायद आपसे ज़िक्र भी किया था, कि मेरा अपना का एक विज़नेस है . (या, मैं कुछ सफल लोगों के साथ मिलकर एक विजनेस कर रहा है. इस विज़नेस को और आगे बढ़ाने के लिए हमें कुछ काविल व्यक्तियों की जरूरत है) (उसकी प्रतिक्रिया जानने के लिए थोड़ा रूकिए) "वैर... इस सिलसिले में हम कुछ लोगों से संपर्क कर रहे थे, कि अचानक मुझे आपका खयाल आया. मैंने इस बारे में सबसे बात की है, कि आप हमारे इस प्रोग्राम के लिए पूरी तरह से फिट हैं."

■ डाउनलाइन के लिए उसके प्रॉस्पेक्ट से बात करना :

"हैलो, मैं ... बोल रहा हूँ. देखिए, हमारी कभी मुलाकात तो नहीं हुई हैं, लेकिन रान हम दोनों का सांझा मित्र है. राज ने बताया था, कि आप और वो एक ही स्कूल में थे (क्लव, कॉलेज, संस्था आदि... "वास्तव में ... मैने फोन इसलिए किया है, कि में और राज मिलकर एक विज़नेस कर रहे हैं और हम अपना बिज़नेस फैलाना चाहते हैं. हमें विजनेस पार्टनर के रूप में कुछ काविल व्यक्तियों की जरूरत है. राज ने मुझे आपका नाम सुझाया, क्योंकि उसे लगता है, कि आप इग पार्टनशिप के लिए। सदगे उपयुक्त सावित होंगे."

.....राज और में, एक सफल व्यापारी ग्रुप के साथ मिलकर, हम भारत में और बाहर के देशों में भी एक बिजनेस कर रहे हैं. हमारे विजनेस  में कई चीजों की मार्केटिंग होती है. हम इस शहर में इस बिजनेस को तेजी से बढ़ाना चाहते हैं. इसके लिए हमें कुछ खास लोगों की तलाश है, जो हमारी ही तरह साथ मिलकर काम कर सकें. राज का कहना है, कि आप एक काविल, तेज और बहुत ही समझादार इसान है।उसको लगता है, कि आप हमारी इस टीम के लिए बेहतर साबित होंगे..."

.....राज और में दोनों एक सफल व्यापारिक समूह के साथ जुड़े हैं. हम लोग एक इंटरक्टिव डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम में काम करते हैं. हम इस काम को और आगे बढ़ाना चाहते हैं. इस सिलसिले में हमें एक खास व्यक्ति की ज़रूरत है, जो हमारी ही तरह जुड़कर इस शहर में इस विज़नेस को सम्भाल सके . तब राज ने आपके नाम का सुझाव दिया और आपको फोन करने के लिए काफी जोर दिया. इसलिए मैं आपसे बात कर रहा हूँ, क्या आप ..?"

3). अपने हावभाव को ऊँचा बनाए रखिए.

इस तमाम बातचीत के दौरान उन्हें कहीं से भी ऐसा नहीं लगना चाहिए, कि आपको उनकी बहुत ज़रूरत है या आप कर्मचारियों की तलाश में हैं , नीचे दी गयी बातों का आमंत्रण के समय प्रयोग करके, आप पॉम्पेक्ट के मन पर मही पभाव पैदा कर सकते हैं.

        "राज जी, मैं अभी आपस कोई वादा नहीं कर सकता . हम जुड़ पाएंगे या नहीं ? जव तक हम लोग वैठकर, इस बारे में बात न कर लें और इस टीक से समझ न ले, तब तक इस संबंध में निर्णय पर पहुँचने का कोई गग्ना नहीं."

        में दावे के साथ नहीं कह सकता, कि वह विज़नेस आपके लिए है या नहीं, क्योंकि..."

"..में अभी ही आपसे मिला हूँ."

“..हम अभी ठीक से मिले भी तो नहीं हैं."

"..एकता की भावना हमारी टीम के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और मुझे पता नहीं है, कि हम लोग एक साथ काम कर पाएंगे या नहीं."

".. हम दोनों के लिए, हमारी पहली मुलाकात जाँचपड़ताल तक ही सीमित है."

"राज जी, हम इस समय वहुत से लोगों से बातचीत कर रहे हैं. हम उन में से कुछ ही लोगों को अपने साथ काम करने के लिए चुनेंगे . इसलिए यह मिटिग हम दोनों के लिए केवल परिक्षण तक ही सीमित है."

"राज जी, मुझे स्पष्ट करने दिजिए, इस समय पर, हमारी बातचीत केवल एकदूसरे को समझने तक ही सीमित है . मैं आपसे अभी कोई वादा नहीं कर सकता . मैं सिर्फ इतना चाहता हूँ कि हम दोनों मिलें, एक कप कॉफी पिएँ और थोडीशी बातचीत करें. आप क्या कहते हैं ?

4). उनकी दिलचस्पी को जॉचिए.

आपके लिए यह बहुत आवश्यक है, कि आप सकारात्मक नज़रिया रखनेवाले लोगों का ही चुनाव करें और जो साथ में सम्माननीय और महत्वकांक्षी हों. उन लोगों की तलाश कीजिए, जो खुले दिमाग से किसी अवसर की तलाश में हों. अगर आपका पॉस्पेक्ट अपने वर्तमान से संतुष्ट हो, तंग दिमाग का हो, और नकारात्मक नज़रिया रखता हो तो आप उसके साथ अपना भी समय वरवाद करेंगे, इस बात को परखने के लिए उनसे एकदो सवाल पूछिए और उनके प्रतिसाद का इंतज़ार कीजिए. वात को जारी रखना चाहिए या नहीं, यह पूरी तरह से उनके इसी प्रतिसाद पर निर्भर करता है. ज्यादातर लोग ऐसे सवालों का 'हाँ' या 'ना' में जवाब देते हैं या इसके अलावा वो कह सकते हैं, “हो सकता है.", "ये निर्भर करता है." में कह नहीं सकता." यदि आपके प्रॉस्पेक्ट का जवाव "हाँ" में मिलता है, तब आप अपने हावभाव को ऊंचा रखते हुए, आगे की बातचीत जारी रख सकते हैं.

परखने के लिए पूछे जानेवाले सवाल:

★"राज जी, मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूँ . अपने वर्तमान तरीके के अलावा, आमदनी के किसी और ज़रिये के बारे में,क्या आपने कभी खुले दिल से विचार किया है ?

★"राज जी, क्या आप आमदनी कमाने के और तरीकों को खुले दिमाग से देखना चाहेंगे या आप अपने वर्तमान हालातों से संतुष्ट हैं?

★ “राज जी, अपने वर्तमान व्यवसाय के अलावा, क्या आप अपनी आमदनी बढ़ाने के नए तरीकों की तलाश में हैं ?

★ "राज जी, क्या आप अपनी वर्तमान परिस्थिति से खुश हैं या अन्य विकल्पों को भी जानना चाहेंगे ?"

5). मुलाकात का समय निश्चित कीजिए.

          जव व्यक्ति की दिलचस्पी के बारे में आप निश्चित हो जाएँ, तव मुलाकात का समय निर्धारित करके अपनी वात खत्म कीजिए. यह जाँच लीजिए, कि उस व्यक्ति के पास तव खाली समय होगा या नहीं और, कि उसकी मुलाकात का वादा पक्का है. इसके लिए सुझाव है, कि
उसे दो दिनों का विकल्प दीजिए और उनका सुविधाजनक दिन पूछिए. आप होम मिटिंग, ओपन मिटिंग, वनऑनबन का प्लान दिखाने था
'ओव्हरिव्हव के लिए मुलाकात का समय निश्चित कर सकते हैं. आप जब भी मुलाकात का समय निश्चित करें, तब उस व्यक्ति को पता
होना चाहिए, कि उन्होंने अपनी पत्नी/पति के साथ में प्लान देखना चाहिए ।

याद रखिए कि जहां तक हो सके, अपॉइंटमेंट एकदम पक्का होना चाहिए, वरना आपको कोई नहीं आया .. या “मुलाकात रद्द की गया. जैसी बातों के अनुभव से गुजरना पड़ सकता है. शायद..” “देखता हूँ, अगर हो सका तो .. या "म कोशिश। करूंगा.. सामान्यतः इस तरह की बातों का अर्थ होता है, “नहीं”. इसीलिए यह सलाह दी जाती है, कि इस तरह से निर्धारित मुलाकात को निश्चित मत मानिए. पॉस्पेक्टस को यह कहना चाहिए, कि वो वहाँ ज़रूर आएंगे, वशते कि कुछ अनचाहा न घट जाए. उन्हें बता दीजिए, कि अगर ऐसा कुछ हो जाता है, तब वो तुरंत आपको सूचित करें . यदि मुलाकात कुछ दिन बाद की हो, तो एकाध दिन पहले। अपॉइंटमेंट को फिर से पक्का कर लीजिए. आप उन्हें मिटिंग के एक दिन या कुछ घंटे पहले, फोन करके पूछ सकते हैं, कि उन्हें मिटिंग की जगह और समय ठीक से पता है या नहीं.

कुछ उदाहरण :

■ गज, अगले हफ्ते में तुम व्यस्त तो नहीं ? क्या हम लोग किसी दिन मिल सकते हैं ? मंगलवार और बुधवार की शाम को मैं खाली । हैं. क्या तुम उस दिन शाम को मिलने के लिए समय निकाल सकते हो ? (सकारात्मक जवाब मिलने पर) वढ़िया ! वैसे मेरी पत्नी भी मेरे । साथ होगी . तुम भी अपनी पत्नी को साथ ले आना, इसी बहाने उनकी मुलाकात भी हो जाएगी और मिलकर निर्णय लेने में सुविधा भी होगी. (यदि वो 'हाँ' कहते हैं). बहुत बढ़िया ! तो  मंगलवार शाम को 7.00 बजे, ठीक है ना ?" (जगह निश्चित कर लीजिए) "राज, एक आखिरी बात . मैं जानता हूँ कि तुम वादे के पक्के हो, मगर किसी भी कारण वश तुम्हारा आना रद्द हो जाए, तो मुझे फोन करके तुरंत बता देना ...तो फिर मिलते हैं मंगलवार को . वाय."

★ राज, में गुरुवार शाम 7.00 बजे खाली हैं, क्या तुम मिल सकते हो ? (यदि वो 'हाँ' कहते हैं वढिया ! और हाँ, मेरी पत्नी भी मेरे यि होगा. अगर कोई दिक्कत न हो. तो क्या नाम भाभीजी को साथ में ला सकते हो? मुझे लगता है, कि उन्हें भी एक दुसरे से मिलना । चाहिए. (सकारात्मक जवाव मिलने पर) “हाँ यही ठीक रहेगा !" जरूरत हो तो मिलने की जगह भी बता दीजिए। राज. इसी । अपॉइंटमेंट के हिसाब से मैं अपना वाकी कार्यक्रम निश्चित कर रहा हूं. अगर किसी कारण वश तुम्हें मुलाकात को टालना पड़े, तो कृपया मुझे तुरंत फोन करके बता देना. वास्तव में इसी दिन मेरा एक और परिचित मुझसे समय माँग रहा था, मगर मन साचा पहले तुम से बात। कर लें. अगर समय रहते तुम्हारा फोन आ गया, तो मैं उसे बुला लूंगा या फिर, मैं गुरूवार शाम को 7.00 बजे तुम्हारा इंतजार करूंगा . ठीक है..? चलो मैं इसे निश्चित मानकर, अपनी आगे की योजना बनाता हूँ".

★ “राज, गुरुवार की शाम तुम क्या कर रहे हो ? (वो उस शाम खाली हैं) वढ़िया ! ऐसा करते हैं कि उस दिन मेरे घर आ जाओ, क्योंकि उस दिन एक सफल व्यक्ति मेरे घर पर आ रहे हैं. मेरे ख्याल से इस विषय को उन्हीं से समझना बेहतर होगा. उनका समय कीमती है, इसलिए हम ठीक 7.00 बजे शाम को वैठेगे. और हाँ राज, तुम अपनी पत्नी को भी साथ ले आना . मैं चाहता हूँ कि इसी बहाने उनकी भी आपस में मुलाकात हो जाएगी. वैसे भी, आपस में सलाह करके इस विषय में फैसला करना बेहतर होता है. ठीक है.. तो मुलाकात पक्की ?

(यदि वो हाँ कहे). अच्छा राज, किसी कारण यदि तुम नहीं आ सको, तो मुझे पहले ही फोन करके बता देना. ताकि मैं किसी और को बुलाकर इंतजाम कर सकें, ठीक है? तो फिर मिलते हैं, गुरूवार की शाम ठीक 7.00 बजे .

Share:

Tuesday, April 23, 2019

दूसरा कदमः संपर्क करना और आमंत्रित करना

            दूसरा कदमः संपर्क करना और आमंत्रित करना



         अपनी नामों की सूची तैयार करने के बाद और उनमें से अच्छे प्रॉस्पेक्ट्स की विशेष सूची बनाने के बाद अगला कदम है, लोगों के साथ संपर्क करके, उन्हें प्लान को देखने के लिए आमंत्रित करना . आप उन्हें फोन कर सकते हैं ताकि ..




1) बिज़नेस के संक्षिप्त परिचय या 'वन ऑन वन मिटिंग' के लिए, आप उनसे मुलाकात का समय निश्चित कर सकें.




2) उन्हें होम मिटिंग या ओपन मिटिंग के लिए आमंत्रित कर सकें .


         प्रास्पेक्ट को आपके द्वारा, आपकी अपलाइन के द्वारा या आप दोनों साथ में मिलकर भी आमंत्रित कर सकते हैं. यह कार्य फोन द्वारा भी। इन तरीकों से किया जा सकता है...



1) आपके द्वारा अकेले ही 




2) आपके द्वारा अपने स्पॉन्सर की मदद तथा मार्गदर्शन में




3) आपके द्वारा डिस्ट्रिब्युटर्स के एक छोटे समूह (फोन टीम ) में शामिल होकर




अपनी बेचैनी पर काबू पाइए




         कई लोग नेटवर्किंग के लिए संपर्क करते समय सहजता महसूस नहीं करते हैं. विशेषकर तब, जब उन्हें लोगों से अपॉइंटमेंट लेना पड़ता है. हर बार संपर्क करने के लिए सोचते समय, लोगों की अस्वीकृति और अन्जाने प्रतिसाद का भय उन्हें लगा रहता है. इसलिए इस विजनेस को वढ़ाते समय, अधिकतर नए डिस्ट्रिब्युटरों के लिए, संपर्क और निमंत्रण सबसे कठिन काम बन जाता है. शुरूआत में ऐसा लगभग सभी के साथ होने वाला एक सामान्य अनुभव है. इसलिए अगर ऐसा हो रहा है, तो चिंता की कोई बात नहीं, क्योंकि ऐसे अनुभव से गुजरनेवाले आप अकेने व्यक्ति नहीं हैं .




              अगर आपको संपर्क करते समय खुद पर विश्वास नहीं है, तो हमारी सलाह है, कि आप शुरूआत में अपनी अपलाइन या स्पॉन्सर की मदद लेकर अपने प्रॉस्पेक्ट को आमंत्रित कीजिए और उन्हें देखकर जल्दी से इस काम को सीख लीजिए, बाद में जैसे आपका विश्वास इस विजनेस और खुद पर बढ़ता जाएगा, वैसेवेसे लोगों को आमंत्रित करना आपके लिए आसान होता जाएगा. इसे नियमित रूप से करते रहने पर, यह काम आपके लिए सहज हो जाएगा . अभ्यास से ही कार्य करने की कुशलता पायी जा सकती है.




           याद रखिए, यदि आप अपनी सूची में शामिल लोगों को आमंत्रित नहीं करेंगे, तब आज नहीं तो कल कोई और उन्हें आमंत्रित कर लेगा . बिज़नेस में शामिल होने का अवसर देकर आप लोगों का भला कर रहे हैं, न कि लोग प्लान देखने के लिए आकर आपपर एहसान

कर रहे हैं, केवल इतनी सी बात आपकी समझ में आ जाए और दूसरों की भलाई का भाव रखकर आप उन्हें प्लान दिखाएं, तब लोगों को
आमंत्रित करना आपके लिए एक सरल और सहज काम बन जाएगा .



1)  जब आप बात कर रहे हैं, तब उसी विषय पर अपना ध्यान केंद्रित कीजिए, विषय से भटके नहीं .




2) आपको विज़नेस से संबंधित सभी गतिविधियों, जिनमें संपर्क और आमंत्रण भी शामिल है पेशेवर तरीके से होनी चाहिए .




3) आमंत्रित करने के लिए हमेशा सही भावना रखिए, किसी को गुमराह करने की कोशिश मत कीजिए .




4) आप मिटिंग में जितने ज्यादा लोगों को देखना चाहते हैं, उससे चार गुना ज्यादा लोगों को आमंत्रित कीजिए. आँकड़े बताते हैं कि आप जितने लोगों को आमंत्रित करते हैं, उनमें से केवल आधे ही आने के लिए हाँ कहते हैं, और उनमें से भी केवल आधे ही मिटिंग आ पाते।हैं. देखा गया है कि इस बिज़नेस में जुड़नेवाले ५0 प्रतिशत लोग ऐसे होते हैं, जिनके मन में लान देखने से पहले तक, बहन सी गलत धारणाएं होता है. अधिकतर लोगों का यही कहना है, कि यदि उन्हें सही तरीके से आमंत्रित किया जाता, तो वो वहत पहले से इस बिजनेस में शामिल हो चुके होते . इसलिए याद रखिए, कि आमंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों का बड़ा महत्व है।




         

   सीधी बात



              संपर्क के इस तरीके में आप प्रॉस्पेक्ट को सीधेसीधे यह बता देते हैं, अपनी कंपनी का नाम, जिसमें आप अपने स्वतंत्र विजनेस के मालिक हैं. साधारणतः ऐसा संपर्क शुरूआती दौर में किया जाता है.




इस तरीके में अधिक सफलता तव मिलती है, जब आप किसी व्यक्ति से आमनेसामने रहकर आमंत्रण दे रहे हैं और आप वन ऑनवन' प्लान दिखानेवाले हों. अन्यथा यह सलाह दी जाती है और कारगर भी हैं, कि जब आप अपने किसी नज़दीकी यादोस्त या रिलेदार का आमंत्रण देने जा रहे हैं, तब ही इस तरीके से संपर्क करना चाहिए. विपकर जब आप किसी से फोन पर संपर्क करने जा रहें हैं, तव सीधी बात करने से बचना चाहिए. हालांकि, रिश्तेदारों और दोस्तों से सीधी बात करके आप अधिक सफलता प्राप्त कर सकते हैं. इसके पीछे कारण यही हैं, कि उनके साथ अधिक समय रहने से आप एक बेहतर स्थिति में होते हैं और आपके पास अबसर होता है, कि आप लोगों को इस विज़नेस की सही दिशा दिवा सकते हैं और इस विज़नेस के बारे में उनकी गलतफहमी को दूर कर सकते हैं, सबसे महत्वपर्ण बात यह है कि आप किमीको इस विज़नस के बारे में कितने अच्छे तरीके से समझाते हैं, यह मायने नहीं रखता. बल्कि सफलता आपको तव ही मिलेगी, जब इस बिजनेस के पति आप अपने दिन में विश्वास और गर्व महसूस करेंगे, आपका विश्वास, लोकव्यवहार में शलता और बिज़नेस का ज्ञान, इन सभी बातों में ही निश्चित होता है, कि परिपक्ट आपको कितना अच्छे से सुनेंगे और आपको कैसा पतिसाद देंगे . जितने ज्यादा लोग जानेंगे, कि आप एक स्वतंत्र विज़नेस के मालिक हैं, और आप उनके लिए एक बेहतरीन स्पोन्सर हो सकते हैं, उतना ही यह आपके लिए अच्छा होगा. इसलिए लोगों तक यह बात पहुंचने दीजिए, उन्हें जानने दीजिए.




उदाहरण है




1) जब आप अपने करीबी दोस्त या रिश्तेदार से संपर्क कर रहे हों

“हाय राज, कैसा है .... (विज़नेस के बारे में बातचीत की शुरूआत मत कीजिए, क्योंकि वो आपका करीबी है. आप कुछ औपचारिक छोटीमोटी बातों से बातचीत शुरू कर सकते हैं- जैसे उसकी सेहत, परिवार, नौकरी/विज़नेस, शौक या किसी और विषय के बारे में बात करते हुए जैसे कि, आण्टी कैसी हैं ? तुम कैसे हो ? तुम्हारा काम कैसा चल रहा है ?) ... सुनो राज, मुझे तुम्हारी मदद की ज़रूरत है . मुझे इसी सप्ताह एक विजनेस के बारे में जानकारी मिली है, जो कि बहुत ही बढ़िया है. मुझे अंदाजा नहीं था कि इस बिज़नेस से इतना ज्यादा पैसा कमाया जा सकता हैं. मैं चाहता हूँ कि तुम मेरे घर आओ . मैं तुम्हें विजनेस करने के लिए नहीं बुला रहा है. दरअसल मुझे इसे समझने के लिए तुम्हारी मदद चाहिए.
मैं निश्चित होना चाहता हूँ, कि जो मैं करने जा रहा हूँ, वो सही काम है. क्या तुम मेरे घर मंगलवार या बुधवार की शाम को आ सकते हो ? इस विजनेस के एक बहुत ही सफल व्यक्ति मेरे घर में प्लान दिखाने आ रहे हैं. मैं चाहता हूँ कि तुम उस समय मेरे साथ रहो . तुम्हारे यहाँ आकर देखने से मुझे निर्णय लेने में मदद हो जाएगी. क्या तुम आ सकते हो ? कोई बात नहीं सोच लो . . ., पर मुझे बता ज़रूर देना ओ . के . वाय..."



• जो पहले से ही जानता है, कि आप इस बिज़नेस हैं।




                “राज, तुम जानते हो कि मेरा डायरेक्ट सेलिंग का विज़नेस है, जानते हो ना?'' (इसका उत्तर नकारात्मक ही होगा) “तुम इस बिजनेस के बारे में क्या जानते हो, क्या तुम्हें पता है यह कैसे काम करता हैं?" (जवाव को सुनिए . सामान्यतया, जब लोग इसका वर्णन करते हैं, तब यह विल्कुल स्पष्ट हो जाता है, कि वो बिजनेस के बारे में बहुत कम जानते हैं . ) “राज, मैंने जानता था, कि तुम ऐसा ही कहोगे . पर जो पहला अनुभव मुझे मिला है और जो कुछ तुमने बताया, वो एकदूसरे से बिल्कुल अलग हैं . राज, अव में तुम्हें इस बिजनेस में शामिल होने के लिए नहीं बुला रहा हूँ, पर मुझे अच्छा लगेगा, कि मैं तुम्हें यह बताऊँ, कि मैंने इस बिज़नेस के बारे में क्या जाना है, और मैं क्यों इतना उत्साहित हैं. मैं तुमसे किसी वादे की उम्मीद नहीं रख रहा हूं, लेकिन इसकी सही जानकारी पाकर तुम उछल पड़ोगे . यही ठीक रहेगा, कि तुम इसे आकर समझ लो, है ना? तो आ जाना ....."




★  पुराने परिचित या दोस्तों से




               "हाय राज... (थोड़ी सी गपशप) "मुझे पता नहीं कि तुम्हे नेटवर्क मार्केटिंग बिजनेस के बारे में जानकारी है या नहीं. इसमें एक अच्छी । आमदनी कमाई जा सकती है. इसीलिए मैं और मेरे दोस्त इस डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस को लेकर बहुत उत्साहित हैं. क्या तुम इस विज़नेस के बारे में कुछ जानते हो? क्या इस विजनेस के किसी सफल व्यक्ति से तुम्हारी कभी कोई बात हुई है ? (उनके उत्तर का इंतज़ार कीजिए) "अगर तुम इसके बारे में सही जानकारी चाहते हो, तो में तुमसे मिलकर इसकी जानकारी देना पसंद करूंगा...तो हम कव मिल सकते हैं ? 




               जैसा कि पहले बताया गया है, कि हम इस तरीके से लोगों को सफलतापूर्वक आमंत्रित कर सकते हैं. हालांकि, जिन्हें आप पहले। से नहीं जानते, उन्हें संभालना थोड़ा मुश्किल होता है,




★ फोन कॉल का एक विशेष उदाहरण




          हमेशा की तरह ही शुरूआत कीजिए. उनसे हुई मुलाकात की याद दिलाने की कोशिश कीजिए या फिर अगर वो पहले से ही आपके परिचित हैं, तब आप थोड़ी गपशप कर सकते हैं. उसके बाद मुख्य विषय पर आ जाइए।




          "वास्तव में मंने आपको फोन इसलिए किया, कि पता नहीं मैंने आपको यह बताया है या नहीं, मगर यहां मेरा अपना एक विजनेस हैं और में इसे फैलाना चाहता है, उस दिन आपसे मिलकर अच्छा लगा, क्योंकि आपमें और मुझमें कुछ बाते समान हैं . (इसलिए मुझे लगता है कि इस विजनेस की जानकारी आपके लिए भी मेरी ही तरह फायदे की सावित होगी. मैं चाहता है कि आप गले दिमाग में इस बिजनेस की टेरिया और अपनी मर्जी से निर्णय लीजिए, क्या हम ..... के दिन मिल सकते हैं, शाम को कुछ समय के लिए ?"




           अगर वो "हाँ" कहते हैं, तब इतना ही कहिए, "बहुत बढ़िया, मिलकर बात करंग . . वाय. और बातचीत को खत्म कीजिए, फोन पर अधिक बातचीत को टाल दीजिए. हालांकि ऐसा हो नहीं पाता. अक्सर ऐसा होता है, कि लोग आपसे फोन पर ही विज़नेस के बारे में अधिक जाना। चाहते हैं, जैसे कि "मैं समझा नहीं , आप कीनरो विजनेस की बात कर रहे हैं। तब आपको फोन पर ही इस विजनेस के बारे में बताना पड़ेगा। लेकिन उन्हें पता बताना ही सेहतर होगा कि इस विजनेस के बारे में फोन पर नहीं बताया सकता, क्योंकि इस समझाने के लिए अक और चार्ट दिखाना जरूरी है, जिन्हें आमनेसामने बैठकर ही दिखाया जा सकता है.




              यदि वह व्यक्ति आपसे सवाल पूछना जारी राता है, तो आप उन्हें 'द परफेक्ट विज़नस फार इंडिया नामक कीसीडी देखने के लिए है। मकते हैं. उनसे पछिए कि क्या आप उन्हें यह सीसीडी देने के लिए आ सकते हैं. यदि उनका जवाव सकारात्मक है, तब यह वात पक्की हो जाएगी। कि व्हीसीडी देते समय, वटी न मही, कम से कम उन के साथ आपकी एक छोटी सी बननवन मिटिग तो हो ही जाएगी. तब भी आपका प्लान दिखाने का उद्देश्य पूरा हो जाएगा 




           जव आप उनसे मिलेंगे, तभी विजनेस का संक्षिप्त प्लान दिखाकर आप उन्हें सही तरह से समझा पाएंगे. इसके अलावा, आप उन्हें प्लान दिखाने के गाध में, यदि जरूरन परे लो. प्रॉडक्ट डेमो देने के लिए भी तैयार रिहए .




       कछ मिलाकर आप यदि एक ऐसे  प्रॉस्पेक्ट को इस बिजनेस के बारे में जानकारी देते हैं, जो किसी ओपन मिटिंग या होम मिटिंग में शामिलनहीं हुए हैं, तव आपके लिए उन्हें इस बिजनेस में लाना और भी आसान हो जाएगा.




        आप अन्य कई तरीकों के बारे में  सोच सकते हैं जिनके द्वारा इस विज़नस के फायदों को दिखाकर, आप अपने पांग्पट का निरा में।

जुड़ने के लिए तैयार कर सकते हैं.



संपर्क निमंत्रण से संबंधित कुछ सुझाव




               लोगों को किसी मीटिंग या मुलाकात के लिए बुलाने के कई अलगअलग तरीके हो सकते हैं. आपके आमंत्रित करने का तरीका, इस बात पर निर्भर करता है, कि आपका उनके साथ कैसा रिश्ता है. वो आपके दोस्त हैं, करीबी रिश्तेदार हैं या केवल परिचय है या फिर आप एकदम नए व्यक्ति को आमंत्रित करने जा रहे हैं . आमंत्रित करने का तरीका इस बात पर भी निर्भर करता है, कि आप उन्हें घर पर बुला रहे हैं या किसी ओपन मीटिंग में बुला रहे हैं या फिर आमनेसामने अकेले को ही प्लान दिखाने के लिए बुला रहे हैं.




                      हम आपको सलाह देंगे कि आप इसके लिए एक स्क्रिप्ट बनाकर उसका इस्तेमाल कीजिए, या फिर आपके स्पॉन्सर या अपलाइन के द्वारा पहले से इस्तेमाल की जा रही स्क्रिप्ट का ही इस्तेमाल कीजिए. आप यह सोच रहे होंगे, कि फोन पर स्क्रिप्ट पढ़के सुनाना शायद असली ना लगे, पर यह याद रखिए, कि टी.वी . या किसी पिक्चर में, हर पेशेवर अभिनेता द्वारा एक स्क्रिप्ट ही उपयोग में लायी जाती है. वो लोग लिखे हुए शब्दों में जान डाल देते हैं. यह बात स्क्रिप्ट पढ़ने के तरीके पर काफी हद तक निर्भर करती हैं. थोड़ा अभ्यास करने पर स्क्रिप्ट का उपयोग करना सहज हो जाता है. स्क्रिप्ट के प्रयोग का यह लाभ है, कि आप बोलते समय गलत शब्दों का प्रयोग नहीं करते और आपको यह सोचना भी नहीं पड़ता, कि आप क्या बोलने जा रहे हैं. इसके बजाय, आप इस बात पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं, कि आप किस तरह से अपनी बात कह रहे हैं और प्रॉस्पेक्ट आपसे क्या कह रहा है. अब यह जरूरी नहीं, कि आप हमेशा केवल स्क्रिप्ट के शब्दों का ही प्रयोग करें. स्क्रिप्ट का मतलब है, कि आप सहज होकर बात करें और अपने विषय से भटके नहीं. रिकट के बारे में आखिरी महत्वपूर्ण बात को समझ लीजिए, कि वो बोलचाल की भाषा में होना चाहिए और बोलते समय सरल भाषा का प्रयोग कीजिए, जो सुनने में नाटकीय न लगे.


Share:

Monday, April 22, 2019

तीन सूचियों बनाइए:

          तीन सूचियों बनाइए:

   स्थानिक सूची

     इस सूची में 200 किलोमिटर की परिधि में रहने वाले या आपके निवास । एक-दो घंटे के अंला पहनाले अपने स्थानिय परिचितों के नाम लिखे होने चाहिए. शुरूआत में इशी सूची की मदद से आप अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं.

  दूरस्थ सूची

२00 किलोमिटर से दूर, दूसरे शहरों में रहने वाले, अपने परिचितों के नाग इस सूची में शामिल कीजिए. जत नज़दीक रहनेवालों के साथ काम करने हुए आप कुशल हो जाएंगे, तत निश्चित ही आप अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए, दूसरे शहरों में बसे अपने परिचितों में भी संपर्क करना चाहेग,

अन्तर्राष्ट्रीय सूची

      अगर आप दूसरे देशों में बसे लोगों को जानते हैं, तब उनका नाम इस सूची में शामिन कीजिए. अपनी अपलाइन से मिलकर जानकारी लीजिए, कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर लोगों को किस तरह से स्पांसर किया जा सकता है. अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना नेटवर्क बढ़ाने के लिए आपकी अपलाइन की मदद महत्वपूर्ण साबित होगी. इस किताब में दी गई संबंधित जानकारियों को पढ़िए. इस विषय की अधिक जानकारी आपको विट दाइ की वेबसाइट www.bww.com पर भी मिल सकती है.

सूची बनाने की तकनीक

      फ्री असोसिएशन सूची बनाने की तकनीक : इस तकनीक से आपको कम से कम समय में अच्छे पॉस्पेक्ट्स की एक बड़ी सूची बनाने और उसे बढ़ाने में मदद मिलती है. इसकी मदद से लोगों के नामों की सूची उनके व्यवसाय के हिसाब से बनाना बहुत आसान हो जाता है. नीचे दिए गए। 'मेमोरी जागर्स (रिमाइंडर्म) का उपयोग कीजिए और आपके दिमाग में जो नाम पहले आता जाए, उसे एक के बाद एक, नोट करते जाइए. नामों को । लिखते समय कोई भी पूर्वाग्रह मत रखिए.

         यदि आप यह काम अपनी डाउलाइन के लिए कर रहे हैं, तब नए डिस्ट्रिब्यूटर को खुद ही सोचकर नाम लिखने चाहिए, जिससे उनका
दिमाग स्वतंत्र होकर, किसी रूकावट के बिना काम करेगा. आपको 'मेमारी जॉगर' का उपयोग करके नामों को पुकारना चाहिए तथा नाम लिखते जाना चाहिए, अपनी डाउनलाइन को तनावमुक्त महसूस करने दीजिए और सहजता से प्रतिसाद देने दीजिए. जयं आप उनसे कोई सवाल पूछे या मेमोरी जांगर' में से कोई नाम पुकारे, तब उनके दिमाग में आनेवाल पर नाम को उन्हें ही बताने दीजिए, ना आप किसी दम्पत्ति के साथ नामों की सूची बना रहे हो, तो दोनों के साथ अलगअलग बैठकर मूची बनाइए और बाद में दोनों गुचियों को मिलाकर एक अंतिम सूची बनाइए. यह काम पूरा होने के बाद भी, नागों का आकलन करके, उस सूची में से उन्हें कांटछांट करने से रोकिए, नीचे मेमोरी जॉगर्स और सामान्यतः उपयोग में आनेवाले । कुछ नागों की सूची दी गई है, जिनको आप आगेपीछि करके भी उपयोग में ला सकते हैं।


   सूची तैयार करने के बाद महत्वपूर्ण है कि:

1. मूचियों को मिला लीजिए. यदि दम्पत्ति हैं तो दूसरी बार लिखे नाम को निकाल दीजिए.

2. नामों के आगे फोन नंबर लिखिए.

3. लोगों के नामों को, स्थानिय दूरी और अंतर्राष्ट्रीय दूरी के आधार पर प्राथमिकता दीजिए.

4. अपने नए डिस्ट्रिब्युटर को यह बता दीजिए, कि यह सूची बनाने का काम उनको सूची बनाने में मदद करने के लिए ही किया गया है। इसी पक्रया को आगे भी शुरू कर, और नामों को जोड़ते हुए, सूची बढ़ाने के लिए उनको पोल्साहित कीजिए.

अपनी सूची को बढ़ाना :

          जव आप अपनी सूची के लोगों को विज़नेस प्लान दिखाना शुरू करेंगे, तब आपकी सूची खाली होना शुरू हो जाएगी. ऐसा कभी नहीं
होगा, कि इस सूची में शामिल सभी लोग, इस विजनेस में शामिल होने के लिए तैयार हो जाएं. जब आपकी सूची खत्म होने पर आएगी, तब आपको नई सूची की ज़रूरत होगी, जिसका मतलब है कि आपने अपनी सूची को हमेशा बढ़ाते रहना चाहिए. सभी सफल डिस्ट्रिब्युटर्स, ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ मिलकर, वहुत बड़ा नेटवर्क बनाते हैं और सूची में नए नामों को जोड़ते चले जाते हैं, साथ ही साथ लोगों को प्लान भी दिखाते रहते हैं.

प्रॉस्पेक्टिंग :

      शुरूआत में प्रॉस्पेक्टिंग असुविधाजनक लग सकती है, विशेष रूप से उन लोगों को, जो सोचते हैं कि वो वातचीत शुरू करना नहीं जानते.
आप यह जान लेंगे कि नए लोगों से बातचीत शुरू करना, लोगों के मन की बात तक पहुंचना और फिर नए दोस्त बनाना, एक आसान काम है.
| व्यावसायिक और व्यक्तिगत संपर्को को विकसित करके जानकारी, समर्थन, सिफारिश और संदर्भ हासिल करने के रूप में नेटवर्किग को
परिभाषित किया जा सकता है. इसे लोगों के साथ संपर्क बनाने और उनका उपयोग करने की कला के रूप में भी परिभाषित किया गया है. उपयुक्त लोगों के साथ सम्मेलनों, समारोहों, और सभाओं में संपर्क बढ़ाने की यह एक प्रक्रिया है. एक नेटवर्कर के लिए, हर अजनवी में नया दोस्त बनाने और दूसरे प्रॉस्पेक्ट्स पाने का एक सुअवसर छुपा होता है. एक बार जब आप पॉस्पेक्टिंग में कुशलता हासिल कर लेते हैं, तब आपको स्पष्ट रूप से समझ में आ जाता है, कि प्लान दिखाने के लिए लोगों की कमी नहीं है, यह सव विजनेस बढ़ाने में निश्चित ही आपके लिए मददगार साबित होगा .

प्रॉस्पेक्टिग कैसे शुरू करें ?

1)अपनी अपलाइन द्वारा सुझाई गई पॉस्पेक्टिग से संबंधित अलगअलग ऑडियो सीडी और कैसेट्स को सुनना शुरू कीजिए.

2)अपने स्पॉन्सर या अपनाइन के साथ रहें और उनके काम करने के ढंग से सीखिए . तव आप जान पाएंगे, कि वो कितनी आसानी से इस काम को करते हैं.

3)आप सम्मेलनों में इस बिज़नेस से जुड़े लोगों के साथ मिलकर उन्हें अपना दोस्त बनाने से शुरूआत कीजिए. इससे आपको प्रॉम्पेक्ट के साथदोस्ती बनाने में आसानी होगी .

4)लोगों को 'चेक इंटस्ट' की सूची में जारी किए गए टेप्स और सीडी सुनने के लिए देना शुरू कीजिए, और इन टेप्स को अपना काम करने
दीजिए .

5)लोगों को यह जानने दीजिए, कि बिजनेस बढ़ाने के लिए होशियार, महत्वकाक्षी और विश्वसनीय लोगों को शामिल करने के लिए ह,आपकी तलाश चल रही है.

6) लोगों से बातचीत करते समय, यह जानने की कोशिश कीजिए, कि क्या वो अतिरिक्त आय कमाना चाहते हैं, अपनी आय में विविधता लाना  चाहते हैं, या खुद का नया बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं?

प्रॉस्पेक्टिग के लिए सुझाव

1) अपनी सूची में उन लोगों का नाम जोड़ने की कोशिश कीजिए, जो कि सामाजिक और आर्थिक स्तर में आपके समान या आपस ऊपर हों

2) यह बात याद रखें कि इस विज़नेस से मिलनेवाली हर चीज लोगों को चाहिए

3)आप जहां भी जाएँ, लोगों के साथ बातचीत करने का अभ्यास कीजिए

4)लोगों के संबंध में जागरूकता रखिए.

5) ऐसा नज़रिया अपनाइए, जिससे लगे कि आप केबल दोस्ताना बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं

6) अपना यह लक्ष्य बना लीजिए, कि हर दिन कम से कम एक नए व्यक्ति से आप मिलेंगे

7) लोग काटने के लिए नहीं दौडते. इसलिए यह तर अपने दिल से निकाल दीजिए. जितने ज्यादा लोगों से आपकी मुलाकात होगा, यह काम उतना ही आसान होता जाएगा. इसलिए सहजता से मुलाकात कीजिए।

8) शुरूआती संपर्क के समय अगर कोई गलती हो जाए, तो इसमें घबराने की कोई बात नहीं है.

9) जव आपको यह बात समझ जाती है, कि लोगों को अपना विजनेस प्लान दिखाकर, वास्तव में आप उनके ही लाभ की बात कर रहे हैं, तव 
लोगों से बात करना आसान हो जाता है.

10)लोगों के साथ मस्कराकर 'हाय-हॅल्लो' कीजिए. आपके हावभाव से दीखना चाहिए, जैसे आप कह रहे हों, में आपको पसंद करता , में
आपका शुभचिंतक हूँ, दोस्त हूं."

11) लोगों में दिलचस्पी लीजिए.

12) उनके व्यक्तित्व और पहनावे में प्रशंसा करने लायक किसी बात की तलाश कीजिए और उसकी दिन से पशंसा कीजिए.

13)किसी ऐसे विषय को खोजिए, जो आप दोनों के लिए दिलचस्प हो और उसी विषय पर चर्चा शुरू कीजिए

14) याद रखिए, लोग केवल अपने अपने परिवार, अपने विचारों इत्यादि के बारे में ही बातें करना पसंद करते हैं. इसलिए उनके विषय में ही बातें करना बेहतर होता है.

15)लोगों द्वारा शुरू किए गए विषय पर ही चर्चा कीजिए याने विषयांतर करने से बचिए. उनसे प्रश्न पूछिए और उन्हें ही बातचीत करने 
- दीजिए.

16)लोगों के साथ गपशप करना सीखिए, बातचीत बंद करवानेवाले छोटे जवायों को अच्छी नजर से नहीं देख जाता.

17) एफ. ओ. आर. एम. (फमिली, ऑक्युपेशन, क्रिएशन, मनी/मसेजयाने परिवार, वर्तमान व्यवसाय, मनोरंजन, धन) को अपनी
वातचीत का आधार बनाइए.

18)अपना विज़नेस कार्ड हमेशा तैयार रखिए, ताकि उन्हें तुरंत दिया जा सके .

Share:

Saturday, April 20, 2019

पहला आधारभूत कार्य: नामों की सूची बनाना

        पहला आधारभूत कार्य: नामों की सूची बनाना

              यह बिजनेस सही अर्थों में लोगों का बिजनेस है. यह बिजनेस पूरी तरह से उसी प्रकार के लोगों पर निर्भर करता है, जो लोग समूह बनाते हैं. इस बिज़नेस को सफलतापूर्वक करने के लिए आपके पास एक सही सूची का होना आवश्यक है, ताकि आप एक अच्छे समूह का निर्माण कर सके. ऐसा इसलिए, क्योंकि जब आप लोगों को मार्केटिंग प्लान दिखाएंगे, तब जरूरी नहीं कि सभी लोग आपसे इस विज़नेस में जुड़ जाएँगे. कुछ लोग आज आपसे जुड़ेंगे, उनमें से भी कुछ ही लोग बहुत बड़ा बिज़नेस खड़ा कर पाते हैं, जबकि बाकी लोग छोटामोटा ही विज़नेस कर पाएंगे . कई बार ऐसा भी होता है, कि कुछ लोग इस विज़नेस से जुड़ते तो हैं, मगर वो बीच में ही इसे छोड़ भी सकते हैं. ऐसी संभावनाओं के कारण यह बहुत ज़रूरी है, कि आप इस बिज़नेस के अवसर को, ज़्यादा से ज्यादा लोगों को, पेशेवर तरीके से समझाएँ. आप जितने ज्यादा लोगों से मिलेंगे, उतने ही बेहतर परिणाम पाएँगे.

         नामों की सूची बनाना :  साधारणतः यह देखा गया है, कि इस बिज़नेस से जुड़नेवाले नए डिस्ट्रिब्युटर्स नामों की सूची तैयार करने और फोन नंबर लिखने की बात पर ध्यान नहीं देते, क्योंकि तब उन्हें लगता है, कि इसकी आवश्यकता नहीं है. कुछ लोगों की धारणा हैं, कि उनकी तो पूरी सूची उनके दिमाग में ही है, या फिर उनके परिचितों के सारे नाम तो 'एड्रेस बुक' में लिखे मिल ही जाएँगे . वो इस बात के महत्व को समझ नहीं पाते, कि इस बिज़नेस के लिए नामों की सूची विशेषतौर पर बनाना क्यों ज़रूरी है. यदि आप अपने इस बिज़नेस को ऊँचाइयों तक ले जाना चाहते हैं, तब आपको समय निकलना ही चाहिए, उन संभावित लोगों के नामों की सूची बनाने के लिए, जिनके साथ मिलकर आप बहुत बड़ा विज़नेस खड़ा कर सकते हैं।

            यदि आपको एकदम से नामों की बड़ी सूची बनाना मुकिल लग रहा हो, तव अपने परिचित लोगों के नामों की लिखित सूची बनाने में आप अपने अपलाइन स्पांसर से मदद ले सकते हैं, उनसे सीख सकते हैं. नामों की लिखित सूची बनाने पर इसलिए जोर दिया जाता है, क्योंकि मानवीय मस्तिष्क में याद रखने की क्षमता सीमित होती है, वैसे भी नागों की सूची को दिमाग में बनाए रखने के लिए, याददारले एक कमज़ोर चौकीदार है, सूची बनाने का सबसे उत्तम तरीका है, कि उसे दो मुख्य शेणयों में विभाजित किया जाए। प्राथमिक पॉस्पेक्ट्स और दलीय पॉस्पेक्टस, जिन्हें हम आगे चलकर उपश्रेणियों में भी विभाजित कर सकते हैं .

प्राथमिक प्रॉस्पेक्ट्स :

इस श्रेणी में उन लोगों के नाम आएँगे, जिनसे आप अछी तरह से परिचित हैं, उदाहरणार्थ:

• दोस्त और रिश्तेदार

• भूतपूर्व और वर्तमान पड़ौसी

• स्कूल के यारदोस्त ।

• सहकर्मी या व्यापार में सहयोगी

• परिचित लोग

  द्वितीय पॉस्पेक्ट्स :

       इस श्रेणी की सूची में उन लोगों के नाम लिखे जाते हैं, जिन्हें आज आप अच्छी तरह से नहीं जानते, लेकिन भविष्य में प्रयास करके उनसे
परिचय और मित्रता को बढ़ाया जा सकता है. विशेष बात यह है कि इसी श्रेणी में आपकी सबसे बड़ी सूची की संभावनाएं छुपी हुई है. संभावना यही भी है, कि भविष्य का डायमंड आपको इसी श्रेणी में मिलेगा . सबसे बड़ी सच्चाई यही है, कि अजनबी लोग ही इस बिज़नेस के लिए सबसे बड़ा स्त्रोत होते हैं, इसलिए नए लोगों से मिलते समय, अपने आपको हमेशा आत्मविश्वासी और सहज बनाए रखिए. इन लोगों के साथ आपको ऐसे अवसर मिल सकते हैं, जो इस विज़नेस की वात छेड़ने के लिए आवश्यक हैं. इसमें कला इतनी ही हैं, कि आप लोगों द्वारा कही गयी बातों को ध्यान से सुनें और उनसे बातचीत करते समय उनकी दिलचस्पी से संबंधित सवाल ही पूछिए , अजनबियों को अपना दोस्त बनाने हेतु नीचे कुछ सुझाव दिए गए हैं.

1) लोगों को समझने के लिए उनमें दिलचस्पी लेने की आदत को विकसित कीजिए.

2)यदि आप रेस्तरां, शॉपिंग सेंटर, ब्यूटी पॉर्नर, जिम और अन्य स्थानों पर जाते हैं, तो आपको कई नए लोगों से मिलने और परिचय
बढ़ाने का अवसर मिलेगा. सभी के साथ सहयता विकसित करने की आदत बना लीजिए.

3)हर व्यक्ति को इस सम्भावना के नज़रिये से देखिए की वो इस विज़नेस में आपके साथ जुड़ चुका है या फिर जुड़नेवाला है .

4) किसी भी व्यक्ति के बारे में पूर्वाग्रह न रखें और किसी भी व्यक्ति का नाम सूची में से यह सोच कर न काट दें, कि वो इस बिजनेस
में दिलचस्पी नहीं लेगा .

          अक्सर हम यह सोचते हैं, कि कुछ लोग इस बिज़नेस को नहीं करेंगे, क्योंकि यह उनकी पसंद का काम नहीं हैं, या कि वो तो पहले से ही अपने जीवन में सफल हैं, या वो हमे अनुचित जवाब दे सकते हैं. हमें अपने दिमाग से इस तरह के पूर्वाग्रहों को निकाल देना चाहिए, क्योंकि सबसे पहली बात तो यही है, कि यह बिज़नेस सबके लिए है और सभी तरह के लोग इस विज़नेस का सफलतापूर्वक निर्माण कर रहे हैं. दूसरी बात यह कि जो लोग अपने वर्तमान व्यवसाय में सफल हैं, वो और भी बेहतर काम करना चाहते है और कर सकते हैं. सभी लोग निरंतर बढ़नेवाली सुरक्षित आमदनी, अधिक फुरसत के पल, और अन्य लाभ चाहते हैं . इसीलिए बेहतर यही होगा, कि लोगों को प्लान देखकर, उन्हें खुद ही अपना निर्णय लेने दीजिए, कि वो इस विज़नेस को करना चाहते हैं या नहीं . वेहतर होगा कि लोगों को उनका फैसला खुद ही लेने दें, बजाय इसके कि आप उनके हिस्से का फैसला लें . हमेशा याद रखिए, कि यदि आज आप उन्हें प्लान नहीं दिखाएंगे, तब आज नहीं तो कल कोई और उन्हें इस बिजनेस के बारे में बताएगा .

Share:

Thursday, April 18, 2019

नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नेस निर्माण के आधार

             नेटवर्क मार्केटिंग बिज़नेस निर्माण के आधार

1. नेटवर्क का निर्माण

2. नेतृत्व (लीडरशीप)

3. कारोबार बढ़ाना

            नेटवर्क मार्केटिंग विज़नेस में मुख्यतः टीम का निर्माण और प्रॉडक्ट की बिक्री पर ध्यान दिया जाता है. इस बिज़नेस में टीम बनाने के पीछे। मुख्य उद्देश्य है, समय तथा धन को वहगुणित करना . हर एक व्यक्ति के पास काम करने के लिए सीमित समय ही उपलब्ध होता है. अगर उस । व्यक्ति के साथ, उसकी डाउनलाइन टीम के लोग मिलकर काम करें, तो काम का समय बहगुणित हो जाता है . उदाहरणार्थ यदि एक व्यक्ति रोज़ 2 घंटे इस बिजनेस में लगाता है और उसकी डाउनलाइन टीम में उसके जैसे ही 100  लोग हैं, तब समय के बहुगुणित होने के कारण, एक दिन में 200
घटे काम होगा, जो कि सप्ताह के 1400 घंटे होते हैं और महीने में 6000 घंटे .

          यह सिध्दांत हर एक व्यक्ति की कमाई पर भी लागू होता है, परंपरागत व्यापार में हर व्यापारी, फिर चाहे वो महान विक्रेता ही क्यों न हो, अपने चंद ग्राहकों द्वारा की गयी खरीददारी पर एक निश्चित प्रतिशत आमदनी ही पाता है, जबकि इस बिजनेस में एक व्यक्ति की डाउनलाइन मेंबहुत सारे लोग होते हैं, जो प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल भी करते हैं और विक्री भी . पारिणामस्वरूप, उसे इन लोगों द्वारा किए गए कारोबार में से भी कुछ। प्रतिशत की आमदनी होती हैं . दूसरे शब्दों में यह बिज़नेस अधिक आमदनी का माध्यम है, क्योंकि हमारी आमदनी हमारे नेटवर्क में शामिल असीमित लोगों की संख्या और उनके द्वारा की गयी विक्री तथा इस्तेमाल पर निर्भर होती है.

जिस पल से कोई व्यक्ति इस बिज़नेस में शामिल होता है, उसी पल से वह एक स्वतंत्र विज़नेस का मालिक (आइ.वी. ओ . ) बन जाता है. एक आइ . बी. ओ . स्पॉसरिंग करते हुए अपनी एक टीम का निर्माण करता है, जो व्यक्ति दसरे व्यक्ति को इस विज़नेस से जोड़ता है, वह उसका स्पांसर बन जाता है और अपलाइन के नाम से भी जाना जाता है.

         इस बिज़नेस में सफलता प्राप्त करने के लिए, नेटवर्क निर्माण के साथ ही, बिक्री करने में भी निपुण होना बहुत ज़रूरी है. नेटवर्किग करना एक आवश्यक कदम। है. हर रोज़ हम बहुत से लोगों से मिलते रहते हैं और इस बिजनेस को उन्हें समझाने का हमें अवसर मिलता है. हर एक व्यक्ति को 'शो द प्लान' पूरी तरह से सीख लेना चाहिए, क्योंकि इस बिजनेस के लिए यह बहुत ही जरूरी है कि अपने
पॉस्पेक्ट को यह विज़नेस समझाते समय, आप अच्छी तरह से उन्हें समझा सकें ।

                प्रॉडक्ट की विकी इस विज़नेस का एक ज़रूरी हिस्सा है, हर प्रॉडक्ट पर कुछ पॉइंट्स होते हैं, जो कि उसका उपयोग या विक्री करने पर हमारे कारोबार में गिने जाते हैं. प्रॉडक्ट्स के व्यक्तिगत उपयोग को अधिक बढ़ावा दिया जाता है, क्योंकि स्वयं उपयोग करने के बाद ही पॉडक्टस के सच्चे अनुभव की बात लोगों से पूरे विश्वास के साथ की जा सकती हैं, लोग तब आसानी से अपने आप ही पॉडक्टस खरीदने के लिए तैयार हो जाते हैं.

             हर आई.वी. ओ. के लिए एक अच्छा लीडर होना भी ज़रूरी है. कारण यही है, कि दूसरे लोगों को सफल होने में मदद करके ही, इस विजनेस में खुद सफलता हासिल की जा सकती है. हालांकि इस विज़नेस में सबसे बड़ा लाभ यही है, कि इसमें आप अपनी पसंद के हिसाब से अपने सहयोगी का चुनाव कर सकते हैं.

1)  नेटवर्क का निर्माण करना
वितरकों के नेटवर्क का निर्माण करते समय कुछ आधारभूत कार्य :

1)नामों की सूची बनाना

2)संपर्क और निमंत्रण

3)प्लान दिखाना

4)फोलोअप और फोलोथू

5)नए वितरकों के लिए विज़नेस की विधिवत शुरूआत



Share:

Tuesday, April 16, 2019

पांचवां चरण :कार्य

                     पांचवां चरण :कार्य

"बड़े शब्दों की संगत अच्छे कर्मों के साथ दुर्लभ ही दिखायी देती है."
                                                                                                                                        चार्लोट व्हिटन

कर्म के विना सभी इच्छाएं, सपने, लक्ष्य, योजनाएँ, प्रार्थनाएँ, और विश्वास खो जाते हैं. प्रयास ही प्रगति है. हर सक्षम व्यक्ति को इस
सवाल का जवाब देना ही पड़ता है, “क्या में अपने सपनों और लक्ष्यों से संबंधित कार्य करने के लिए वास्तव में गंभीर हूँ?" आपके मज़बूत और
लगातार प्रयासों के ही परिणाम आपके इच्छित लक्ष्यों में दिखायी देते हैं. 

         यदि एक बार आपके पास अपने सपनों को साकार करने की सक्षम योजना है, तब आपको अपनी योजना पर सावधानी से अमल करने के लिए, केवल एक पक्का निर्णय लेने की आवश्यकता है, लेकिन उससे भी पहले अपने आप से यह सवाल करना जरूरी है, कि आप अपने सपनों को। पूरा करने के लिए कितने गंभीर हैं. यदि आपका जवाब सकारात्मक है, तो आपको आगे बढ़कर योजना के अनुसार कार्य में जुट जाना चाहिए. यदि आप इस विजनेस को आधे मन से करते हैं, तब निश्चित ही आप इसे आधे रास्ते में छोड़ भी देंगे . 

       नीचे दी हुई कहानी, योजना और प्रबल इच्छा के महत्व को समझाती है. राज और प्रकाश दोनों ही अपने कॉलेज के सर्वश्रेष्ठ धावक थे. राज हमेशा प्रथम आता था, परंतु एक दिन वह हार गया . प्रतियोगिता के बाद राज ने प्रकाश के पास आकर कहा, “आज तो तुमने कमाल कर दिया. आज से पहले मैंने कभी तुम्हें इतना तेज़ दौड़ते हुए नहीं देखा. इसपर प्रकाश ने जवाब दिया, “ आज भी तुम हमेशा की तरह प्रथम स्थान पाने के लिए ही दौडे थे. पर मैं तो दौड़ा था स्कॉलरशीप के पैसों के लिए, ताकि में कॉलेज की फीस भर सकें. यह बात बिल्कुल स्पष्ट है, कि उस दिन की दौड़ में दोनों की इच्छाओं की तीव्रता और जुनून में फर्क था, जिसके साथ वो आगे बढ़े थे, बस इसी बात ने दौड़ के नतीजे में फर्क पैदा किया - 

              काम करना पहली जरूरत है. अमल किए बिना आप सफलता प्राप्त नहीं कर सकते . अपने लक्ष्य के लिए प्रतिवद्ध रहिए। प्रतिबद्धताओं के बिना जीवन में कुछ भी सार्थक हासिल नहीं किया जा सकता .

Share:

Recommended Business Books

Buy Books

Featured Post

CHAPTER 13.6 सोचें तो लीडर की तरह

      साम्यवाद के कूटनीतिक रूप से चतुर कई लीडर्स - लेनिन, स्तालिन और कई अन्य - भी काफ़ी समय तक जेल में रहे, ताकि बिना किसी बाहरी चिंता क...