Monday, July 1, 2019

CHAPTER 1.3 विश्वास करें कि आप       सफल हो सकते हैं और आप हो जाएँगे

    

        विश्वास की शक्ति को किस तरह विकसित करें

विश्वास की शक्ति को प्राप्त करने और विश्वास को दृढ़ बनाने के लिए तीन उपाय किए जा सकते हैं :

         1.   सफलता की बात सोचें, असफलता की बात न सोचें। नौकरी में, घर में, असफलता की जगह सफलता के बारे में सोचें। जब आपके सामने कोई कठिन परिस्थिति आए, तो सोचे "मैं जीत जाऊँगा, यह न सोचें "शायद मैं हार जाऊँगा।" जब आप किसी से प्रतियोगिता करें, तो सोचें, "मैं सर्वश्रेष्ठ हूँ", यह न सोचें “मैं उसके जितना योग्य नहीं हूँ।” जब अवसर नज़र आए, तो सोचें “मैं यह कर सकता हूँ," यह न सोचे “मैं इसे नहीं कर सकता।" अपनी चिंतन प्रक्रिया पर इस विचार को हावी हो जाने दें, “मैं सफल होकर दिखाऊँगा।” सफलता के बारे में सोचने से आपका दिमाग़ ऐसी योजना बना लेता है जिससे आपको सफलता मिलती है। असफलता के बारे में सोचने से इसका ठीक उल्टा होता है असफलता के बारे में चिंतन करने से आपका दिमाग ऐसे विचार सोचता है, जिन से आपको असफलता हाथ लगती है।


           2. अपने आपको बार-बार याद दिलाएँ कि आप जितना समझते हैं, आप उससे कहीं बेहतर हैं। सफल लोग सुपरमैन नहीं होते। सफलता के लिए सुपर-इन्टेलेक्ट का होना ज़रूरी नहीं है। न ही सफलता के लिए किसी जादुई शक्ति या रहस्यमयी तत्व की आवश्यकता होती है। और सफलता का भाग्य से भी कोई संबंध नहीं होता। सफल लोग साधारण लोग ही होते हैं, पर ऐसे लोग होते हैं जिन्हें अपने आप पर विश्वास है, अपनी क्षमताओं पर विश्वास है और जो मानते हैं कि वे सफल हो सकते हैं। कभी भी, हाँ, कभी भी, खुद को सस्ते में न बेचें।

           3. बड़ी सोच में विश्वास करें। आपकी सफलता का आकार कितना बड़ा होगा, यह आपके विश्वास के आकार से तय होगा। अगर आपके लक्ष्य छोटे होंगे, तो आपकी उपलब्धियाँ भी छोटी होंगी। अगर आपके लक्ष्य बड़े होंगे, तो आपकी सफलता भी बड़ी होगी। एक बात कभी न भूलें! बड़े विचार और बड़ी योजनाएँ अक्सर छोटे विचारों और छोटी योजनाओं से आसान होते हैं। 

जनरल इलेक्ट्रिक कंपनी के चेयरमैन राल्फ जे. कॉर्डिनर ने लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में कहा था, "... जो भी लीडर बनना चाहता है, उसे स्वयं के और स्वयं की कंपनी के विकास की योजना बना लेनी चाहिए और इसका दृढ़ निश्चय कर लेना चाहिए। कोई भी किसी दूसरे व्यक्ति के विकास का आदेश नहीं दे सकता ... कोई व्यक्ति दौड़ में आगे रहेगा या पीछे रह जाएगा यह इस बात पर निर्भर करता है कि उसकी तैयारी कैसी है। यह ऐसी चीज़ है जिस में समय लगता है, मेहनत लगती है और इस में त्याग की आवश्यकता होती है। आपके लिए यह कोई दूसरा नहीं कर सकता।”


          मिस्टर कॉर्डिनर की सलाह में दम है और यह व्यावहारिक है। इस पर चलें। जो लोग बिज़नेस मैनेजमेंट, सेल्स लाइन, इंजीनियरिंग, धार्मिक संस्थाओं, लेखन, अभिनय और दूसरे क्षेत्रों में चोटी पर पहुँचते हैं वे निष्ठा और लगन के साथ आत्म-विकास की योजना पर चलकर ही वहाँ पहुँच पाए हैं।


किसी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में - और यही इस पुस्तक का लक्ष्य भी है - तीन बातें होनी चाहिए। इसमें सामग्री होनी चाहिए - यानी क्या किया जाए। दूसरी बात यह कि इसमें तरीक़ा होना चाहिए - यानी कैसे किया जाए। और तीसरी बात यह कि इसे एसिड टेस्ट में खरा उतरना चाहिए - यानी कि इससे परिणाम मिलना चाहिए।


          क्या किया जाए, इस बारे में सफलता का आपका व्यक्तिगत प्रशिक्षण कार्यक्रम सफल लोगों के रवैए और तकनीकों के अध्ययन से संबंधित है। वे किस तरह स्वयं को सफल बनाते हैं ? वे किस तरह बाधाओं का सामना करते हैं और उन्हें पार करते हैं? वे किस तरह दूसरों का सम्मान प्राप्त करते हैं ? कौन सी चीज़ है जो उन्हें साधारण लोगों से अलग करती है ? सफल लोग किस तरह सोचते हैं ?


      आत्म-विकास कैसे किया जाए, वाला हिस्सा आपकी कार्ययोजना बनाएगा। यह हर अध्याय में मिलेगा। इससे काम को दिशा मिलती है। इस पर अमल करें और इसके परिणामों को स्वयं महसूस करें।


       और इस पुस्तक में इस प्रशिक्षण के सबसे महत्वपूर्ण भाग यानी कि परिणामों पर भी ध्यान दिया गया है। यहाँ पर जो कार्यक्रम दिया जा रहा है, अगर आप उसे अमल में लाते हैं तो आपको ऐसी सफलता मिलेगी और इतने बड़े पैमाने पर मिलेगी जिसकी आपने सपने में भी कल्पना नहीं की होगी। सफलता के आपके व्यक्तिगत प्रशिक्षण कार्यक्रम में आपको कई लाभ होंगे- आपका परिवार आपका ज्यादा सम्मान करने लगेगा, आपके मित्र और आपके सहयोगी आपकी प्रशंसा करने लगेंगे, आप अधिक उपयोगी होंगे, आपके पास प्रतिष्ठा होगी, लोकप्रियता होगी, ज्यादा तनख़्वाह होगी और आप बेहतर जीवनशैली का आनंद ले पाएँगे।


            अपने को सिखाने का ज़िम्मा आप ही का है। कोई दूसरा व्यक्ति आपके सिर पर खड़ा रहकर आपको यह नहीं बताएगा कि आपको क्या करना है और कैसे करना है। यह पुस्तक आपको रास्ता दिखाएगी, परंतु आप और केवल आप ही स्वयं को समझ सकते हैं। केवल आप ही स्वयं को यह आदेश दे सकते हैं कि आप इस पुस्तक में दिए गए सिद्धांतों पर चलेंगे। केवल आप ही अपनी प्रगति का मूल्यांकन कर सकते हैं। जब आप अपने रास्ते से थोड़ा सा भटक जाएँ, तो केवल आप ही अपनी ग़लती सुधारकर सही रास्ते पर आ सकते हैं। सौ बात की एक बात, आपको ही स्वयं को इस योग्य बनाना है कि आप बड़ी से बड़ी सफलता प्राप्त कर सकें।


          आपके पास पहले से ही एक ऐसी प्रयोगशाला है जिसमें आप काम करते हैं और अध्ययन करते हैं। आपकी प्रयोगशाला आपके आस-पास ही है। आपकी प्रयोगशाला में इंसान रहते हैं। इस प्रयोगशाला में मानवीय कार्यों के हर तरह के उदाहरण हैं। अगर आप अपनी इस प्रयोगशाला में स्वयं को वैज्ञानिक समझ लें तो आप बहुत कुछ सीख सकते हैं। और इससे भी बड़ी बात यह कि यहाँ आपको कुछ ख़रीदना नहीं पड़ता। इसका कोई किराया नहीं देना पड़ता। यहाँ किसी तरह की फ़ीस नहीं लगती। आप इस प्रयोगशाला का उपयोग मुफ्त में कर सकते हैं।


          अपनी प्रयोगशाला के डायरेक्टर के रूप में, आपको वही करना होगा जो हर वैज्ञानिक करता है- आपको अवलोकन और प्रयोग करना होगा।


          क्या आपको इस बात से हैरानी नहीं होती कि हमारे चारों तरफ़ जिंदगी भर इतने सारे लोग रहते हैं, फिर भी ज्यादातर लोग यह नहीं जान पाते कि इंसान के व्यवहार के पीछे क्या कारण होते हैं ? ज्यादातर लोग यह जानते ही नहीं कि अवलोकन कैसे किया जाता है। इस पुस्तक का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य आपको यह सिखाना भी है कि आप अवलोकन कैसे करें, इंसान के कामों के पीछे छुपे कारणों को किस तरह समझें। आप स्वयं से यह सवाल पूछ सकते हैं, “ऐसा क्यों है कि जॉन इतना सफल है, जबकि टॉम सिर्फ दिन काट रहा है ?” “कुछ लोगों के इतने सारे दोस्त क्यों होते हैं, जबकि कई लोगों के बहुत कम दोस्त क्यों होते हैं ?” “लोग एक व्यक्ति की कही बातों पर विश्वास क्यों कर लेते हैं, जबकि वे किसी दूसरे व्यक्ति की कही हुई उसी बात पर विश्वास क्यों नहीं   करते ?”


       एक बार आप प्रशिक्षित हो जाएँ, तो आपको केवल अवलोकन करने की आसान प्रक्रिया से ही बहुमूल्य सबक़ सीखने को मिलेंगे।


       यहाँ दो विशेष सुझाव दिए गए हैं, जिनके माध्यम से आप अवलोकन की कला सीख सकते हैं। आप अपने आस-पास के दो सबसे सफल और सबसे असफल लोगों को अध्ययन के लिए चुनें। फिर, जैसे-जैसे आप यह पुस्तक पढ़ते जाएँ, यह देखें कि आपका सफल मित्र किस तरह सफलता के इन सिद्धांतों पर चलता है। यह भी देखें कि इस तरह के दोनों लोगों के अध्ययन से आप स्वयं इस पुस्तक में दिए गए सिद्धांतों की सच्चाई को परख सकेंगे।


       दूसरे व्यक्ति के साथ किसी भी तरह के संपर्क में आपको सफलता के सिद्धांत आज़माने का मौक़ा मिलता है। आपका लक्ष्य यह होना चाहिए कि आप सफलता की कार्ययोजना बनाने की आदत डाल लें। हम जितना ज़्यादा अभ्यास करेंगे, हम उतनी ही जल्दी सफल होंगे।



       हममें से ज्यादातर लोगों के ऐसे दोस्त होते हैं जिन्हें गार्डनिंग का शौक होता है। और हम सब ने इस तरह की बातें सुनी हैं, “पौधों को बढ़ते हुए। देखना कितना रोमांचक होता है। किस तरह खाद-पानी से वे तेज़ी से बढ़ते। हैं। पिछले सप्ताह वे जितने बड़े थे, आज वे उस से कितने ज्यादा बड़े हो गए हैं।”



        निश्चित रूप से, जब आदमी सावधानी से प्रकृति के साथ समन्वय कर लेता है तो इसके परिणाम रोमांचक होते हैं। परंतु अगर आप सावधानी से विचार-मैनेजमेंट कार्यक्रम पर चलेंगे, तो इसके परिणाम उससे दस गुना अधिक रोमांचक होंगे। यह देखना सुखद होगा कि आप हर महीने, हर दिन ज्यादा आत्मविश्वासी, ज़्यादा प्रभावशाली, ज्यादा सफल बनते जाएँ। जीवन में कोई दूसरी चीज़ आपको इतनी संतुष्टि नहीं दे सकती, जितना यह जानना कि आप सफलता और उपलब्धि की सही राह पर चल रहे हैं। और इस राह पर चलने के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही है कि आप अपनी क्षमताओं का अधिकतम लाभ उठाएँ।

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Sunday, June 23, 2019

CHAPTER 1.2    विश्वास करें कि आप       सफल हो सकते हैं और आप हो जाएँगे

       कुछ ही समय बाद हम एक रेस्तराँ में बैठे हुए थे।

     मेरा एक व्यक्तिगत अनुभव है,” उसने शुरू किया, “जो आपकी इस शाम की चर्चा से संबंधित था, जिसमें आपने कहा था कि आप किस तरह अपने दिमाग को अपना सहयोगी बनाएँ, न कि अपना विरोधी  मैंने आज तक यह किसी को नहीं बताया है कि मैंने किस तरह अपने आपको औसत लोगों की दुनिया से ऊपर उठाया है, परंतु मैं आपको यह बताना चाहता हूँ।”

          "और मैं यह सुनना चाहूँगा,” मैंने कहा।

      " आज से पाँच साल पहले मैं भी औरों की ही तरह था- मेरी जिंदगी घिसट भर रही थी। मेरी कमाई औसत थी। परंतु यह आदर्श नहीं थी। हमारा घर बहुत छोटा था और हमारे पास अपनी मनचाही चीज़ों को खरीदने के लिए पैसे नहीं रहते थे। मेरी पत्नी, भगवान उसका भला करे, इस बात की शिकायत नहीं करती थी, परंतु उसके चेहरे पर यह साफ़ लिखा हुआ था कि उसने भाग्य के सामने हार मान ली है और वह सचमुच खुश नहीं है। अपने अंदर मैं बहुत असंतुष्ट महसूस कर रहा था। जब मैंने देखा कि मैं किस तरह अपनी अच्छी पत्नी और दो बच्चों को आदर्श जीवनशैली नहीं दे पा रहा हूँ, तो मुझे अंदर से बहुत चोट पहुँची।"

     "परंतु आज सब कुछ बदल गया है," मेरे दोस्त ने कहा। आज हम दो एकड़ के प्लॉट पर बने अपने सुंदर नए घर में रहते हैं, जो यह से दो सौ मील दूर है। आज हमें इस बात की चिंता नहीं है कि हम अपने बच्चों को अच्छे कॉलेज में भेज पाएँगे या नहीं। आज मेरी पत्नी जब ना कपड़े खरीदती है तो उसे यह नहीं लगता, जैसे उसने कोई गनाहरू दिया है। अगली गर्मियों में हम लोग एक महीने की छुट्टियाँ मनाने यो जा रहे हैं। हम सचमुच जिंदगी का आनंद ले रहे हैं।”

             "ऐसा कैसे हुआ?” मैंने पूछा।

          उसका जवाब था, “आपने आज रात एक बात कही थी, अपने विश्वास की शक्ति का दोहन करें।' मैंने वही किया और परिणाम आपके सामने है। पाँच साल पहले मैंने डेट्रॉइट की एक टूल-एंड डाई कंपनी के बारे में सुना। हम उस वक्त क्लीवलैंड में रह रहे थे। मैंने फैसला किया कि कोशिश करने में हर्ज़ ही क्या है, शायद यहाँ थोड़ी ज्यादा तनख्वाह मिल जाए। मैं यहाँ रविवार की शाम को ही आ गया, जबकि इंटरव्यू सोमवार को था।

        “डिनर के बाद मैं अपने होटल के कमरे में बैठा हुआ था और न जाने क्यों, मैं खुद को कोसने लगा, ‘आखिर क्यों,' मैंने खुद से पूछा, ‘आख़िर क्यों, मैं एक असफल आदमी की तरह मिडिल क्लास के दलदल में फंसा हुआ हैं ? आखिर क्यों थोड़ी ज्यादा तनख्वाह के लिए मैं यह नौकरी हासिल करने की कोशिश कर रहा हूँ ?'

     "मैं आज तक यह नहीं जान पाया कि मैंने ऐसा क्यों किया, परंतु इसके बाद मैंने होटल का नोटपैड लिया। नोटपैड में मैंने अपने से ज्यादा सफल पाँच लोगों के नाम लिखे, जिन्हें मैं वर्षों से जानता था और जिनकी आमदनी और नौकरी मुझसे काफ़ी बेहतर थीं। दो तो मेरे पुराने पड़ोसी थे जो अब एक पॉश कॉलोनी में रहते थे। दो लोगों के लिए मैं पहले काम किया करता था और एक मेरा रिश्तेदार था।

     “इसके बाद मैंने खुद से पूछा कि मेरे इन पाँच दोस्तों में ऐसा क्या था जो मुझमें नहीं था। मैंने अपनी और उनकी बुद्धि की तुलना की और ईमानदारी से विश्लेषण करने पर यह पाया कि जहाँ तक बुद्धि का सवाल था, वे मुझसे बेहतर नहीं थे। न ही वे मुझसे शिक्षा, चरित्र या व्यक्तिगत आदतों में बेहतर थे।

      " आख़िरकार मैं सफलता के एक ऐसे गुण पर आया, जिसके बारे में काफ़ी चर्चा होती है। पहल करना। मुझे यह मानने में काफ़ी दिक्क़त हुई, पर इसे मानने के सिवा कोई चारा नहीं था। इस मामले में मेरा रिकॉर्ड उनकी तुलना में काफ़ी नीचे था।

       “यह सब सोचते-सोचते सुबह के 4 बज गए, परंतु मेरा दिमाग बिलकुल स्पष्ट सोच रहा था। जीवन में पहली बार मैं अपनी कमज़ोरी को देख पाया था। मैंने पाया कि इसी चीज़ के कारण मैं जीवन में इतना पीछे रह गया था। मैंने हमेशा सहारे के लिए अपने साथ एक छोटी छड़ी रखी थी। मैं अपने अंदर जितनी गहराई तक गया, मैंने पाया कि मैं इसलिए पहल नहीं करता था, क्योंकि मुझे अंदर से यह विश्वास नहीं था कि मैं ऐसा कर सकता था, कि मैं सचमुच इस क़ाबिल हूँ।

         “पूरी रात मैं यही सोचता रहा कि आत्मविश्वास की कमी के कारण ही मैंने अपने मस्तिष्क को अपना विरोधी बना लिया था। मैंने पाया कि मैं खुद को यही बताता था कि मैं आगे क्यों नहीं बढ़ सकता, जबकि मुझे खुद को यह बताना चाहिए था कि मुझे आगे क्यों बढ़ना चाहिए। मैं अपने आपको सस्ते में बेच रहा था। अपनी नज़रों में गिरा होने के कारण ही मैं लोगों की नज़रों में भी गिरा हुआ था। यह मेरी हर बात में स्पष्ट रूप से दिख रहा था। तभी मुझे यह समझ में आया कि जब तक मैं खुद में विश्वास नहीं करूंगा, तब तक कोई दूसरा भी मुझ पर विश्वास नहीं करेगा।

      “उसी समय मैंने फैसला किया, ‘अब सेकंड क्लास की जिंदगी खत्म। आगे से मैं खुद को सस्ते में नहीं बेचूंगा।'

        “अगली सुबह भी मुझ में वही आत्मविश्वास था। नौकरी के उस इंटरव्यू में मेरे विश्वास का पहला इम्तहान हुआ। इंटरव्यू के लिए अपने घर से चलते समय मैंने सोचा था कि मैं हिम्मत करके अपनी वर्तमान नौकरी से 750 या 1000 डॉलर ज्यादा माँग लँगा। परंतु अब, जब मैं जान गया था कि मैं एक योग्य आदमी था, मैंने 3500 डॉलर ज्यादा माँगे। और यह मुझे मिले भी। मैं खुद को महंगे दाम में इसलिए वेच पाया. क्योंकि एक रात तक चले लंबे आत्म-विश्लेषण के बाद में यह जान गया। था कि मुझ में ऐसे गुण हैं जिन्हें महंगे दामों पर बेचा जा सकता है।

       "दो साल में ही मैंने अपनी प्रतिष्ठा एक सफल बिज़नेसमैन के रूप में बना ली। सभी जान गए कि यह आदमी बिज़नेस ला सकता है। फिर मंदी का दौर आया। इस दौर में मैं और भी ज्यादा मूल्यवान बन गया। क्योंकि मुझ में अपनी इंडस्ट्री में सबसे अच्छा बिज़नेस हासिल करने की काबिलियत थी। कंपनी का पुनर्गठन हुआ और मुझे बहुत ज्यादा तनख्वाह मिलने लगी और इसके अलावा मुझे कंपनी के काफ़ी सारे शेयर भी मिले।”

      अपने आपमें विश्वास करें और आपके साथ अच्छी घटनाएँ होने लगेंगी।

आपका दिमाग “विचारों की फैक्टरी" है। यह एक व्यस्त फैक्टरी है, जो एक दिन में अनगिनत विचारों का उत्पादन करती है।

           आपके विचारों की इस फैक्टरी में उत्पादन के इन्चार्ज दो फ़ोरमैन हैं, जिनमें से एक को हम मिस्टर विजय और दूसरे को मिस्टर पराजय का नाम देंगे। मिस्टर विजय सकारात्मक विचारों के निर्माण के इन्चार्ज हैं। उनकी विशेषज्ञता इस तरह के कारण देने में है कि आप क्यों सफल हो सकते हैं, आपमें इस काम की काबिलियत क्यों है, और आप इसमें क्यों सफल होंगे।

         दूसरा फ़ोरमैन मिस्टर पराजय नकारात्मक, कमतरी के विचारों को उत्पादन करता है। यह फ़ोरमैन इस तरह के कारण ढूँढने में महारत रखता है कि आप कोई काम क्यों नहीं कर सकते, कि आप क्यों कमज़ोर हैं, कि आप क्यों अक्षम हैं। उसकी विशेषज्ञता इस तरह के
विचारों की श्रृंखला ढूँढ़ने में है कि “आप क्यों असफल हो जाएँगे ?”

          मिस्टर विजय और मिस्टर पराजय दोनों ही बेहद आज्ञाकारी होते हैं। वे तत्काल आपकी बात पर ध्यान देते हैं। आपको दोनों में से किसी भी फ़ोरमैन को मानसिक रूप से संकेत भर देना होता है। अगर संकेत सकारात्मक होता है तो मिस्टर विजय आगे आ जाएँगे और काम में जुट जाएँगे। इसी तरह नकारात्मक संकेत देखते ही मिस्टर पराजय सक्रिय हो जाएँगे।

        दोनों फ़ोरमैन आपके लिए किस तरह काम करते हैं, इसे स्वयंआज़माकर देखें। अपने आपसे कहें, “आज तो बड़ा ही बुरा दिन है।”इससे मिस्टर पराजय हरकत में आ जाएँगे और वे आपको सही साबित करने के लिए कुछ तथ्यों का उत्पादन कर देंगे। वे आपको यह सुझाव देंगे कि मौसम ज्यादा गर्म या ज्यादा ठंडा है, आज बिज़नेस बुरा रहेगा,बिक्री कम होगी, दूसरे लोग चिड़चिड़े रहेंगे, आप बीमार पड़ सकते हैं, आपकी पत्नी आज बात का बतंगड़ बना देगी। मिस्टर पराजय बेहद सक्षम होते हैं। वे कुछ ही मिनटों में आपको पूरी तरह विश्वास दिला देते हैं कि आज का दिन सचमुच बहुत बुरा है। और आपका दिन सचमुच बुरा साबित होता है।

          परंतु अपने आपसे कहें, “आज कितना बढ़िया दिन है।" और तत्काल मिस्टर विजय सक्रिय हो जाते हैं। वे आपको बताते हैं, “आज शानदार दिन है। खुशगवार मौसम है। कितना सुखद जीवन है। आज आप जो भी काम करेंगे बढ़िया करेंगे और आप उसमें निश्चित रूप से
सफल होंगे।” और आपका वह दिन सचमुच बहुत अच्छा गुज़रता है।

       इसी तरह से मिस्टर पराजय आपको यह बताते हैं कि आप मिस्टरस्मिथ को माल क्यों नहीं बेच सकते, जबकि मिस्टर विजय आपको बताते हैं कि आप मिस्टर स्मिथ को माल किस तरह बेच सकते हैं। मिस्टर पराजय आपको यह विश्वास दिलाते हैं कि आप असफल हो जाएँगे, जबकि मिस्टर विजय आपको यह विश्वास दिलाते हैं कि आप क्यों सफल होंगे। मिस्टर पराजय टॉम को नापसंद करने के कई कारण गिना देंगे, जबकि मिस्टर विजय टॉम को पसंद करने के कई कारण गिना देंगे।

         आप इन दोनों फ़ोरमैनों में से जिसे ज़्यादा काम देंगे, वह उतना ही ताक़तवर बनता जाएगा। अगर मिस्टर पराजय को ज्यादा काम दिया जाएगा तो वह अपने कर्मचारियों की संख्या बढ़ा लेगा और आपके दिमाग़ की ज्यादा जगह पर क़ब्ज़ा कर लेगा। एक दिन ऐसा आएगा जब वह आपके दिमाग के विचारों का पूरा उत्पादन अपने हाथ में ले लेगा और इसके बाद आपकी मानसिकता पूरी तरह नकारात्मक हो जाएगी।

       समझदारी इसी में है कि आप मिस्टर पराजय को तत्काल नौकरी से निकाल दें। आपको उनकी ज़रूरत नहीं है। आपको उनकी इस सलाह की ज़रूरत नहीं है कि आप कोई काम क्यों नहीं कर सकते, कि आप क्यों अक्षम हैं, और आप क्यों असफल होंगे इत्यादि। जहाँ आप पहुँचना चाहते हैं, वहाँ तक आपको पहुँचाने में मिस्टर पराजय आपकी कोई मदद नहीं कर सकते, इसलिए मिस्टर पराजय को आप धक्के मारकर अपने दिमाग की फैक्टरी से बाहर निकाल दें।

       पूरे समय मिस्टर विजय से ही काम लें। जब भी आपके दिमाग में कोई विचार आए तो मिस्टर विजय को ही वह काम सौंपे। वह आपको बताएँगे कि आप किस तरह सफल हो सकते हैं।

       अगले चौबीस घंटों में अमेरिका में 11,500 नए ग्राहक आ जाएँगे।

          जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। अगले दस सालों में 3.5 करोड़ लोगों की वृद्धि का अनुमान है। इसका मतलब है पाँच बड़े शहरों की वर्तमान जनसंख्या : न्यूयॉर्क, शिकागो, लॉस एंजेलिस, डेट्रॉइट और फिलाडेल्फिया कल्पना करें!

         नए उद्योग, नए वैज्ञानिक आविष्कार, बढ़ते हुए बाज़ार- हर तरफ़ अवसर ही अवसर हैं। यह अच्छी खबर है। जिंदा रहने के लिए यह
अद्भुत समय है।

          हर क्षेत्र में ऐसे अवसर विखरे हैं जहाँ चोटी के लोगों की रिकॉर्ड माँग है- उन लोगों की जिनमें दूसरों को प्रभावित करने की अधिकतम योग्यता है, जो दूसरों का मार्गदर्शन कर सकते हैं, जो उनके लीडर बनकर उनकी सेवा कर सकते हैं। और जो लोग ऐसे लीडर बनेंगे, वे सभी आज वयस्क हैं या वयस्क बनने वाले हैं। उनमें से एक आप भी हो सकते हैं।

आर्थिक व्यवस्था में उछाल का यह मतलब नहीं है कि आप व्यक्तिगत रूप से सफल हो ही जाएँगे। देखा जाए तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था में उछाल हमेशा ही रहा है। परंतु इसके बाद भी लाखों-करोड़ों लोग संघर्ष ही करते रहते हैं और सफल नहीं हो पाते। ज्यादातर लोग औसत जिंदगी के दलदल में ही फंसे रहते हैं और पिछले दो दशकों से लगातार चल रहे रिकॉर्ड अवसर का लाभ नहीं उठा पाते। और आगे आने वाले अच्छे समय में भी ज्यादातर लोग चिंता ही करते रहेंगे, डरते ही रहेंगे, जिंदगी भर खुद को अयोग्य मानते हुए घिसटते ही रहेंगे, और वह काम नहीं कर पाएँगे जो वे करना चाहते हैं। इसका परिणाम यह होगा कि उन्हें उनके काम के बदले में कम तनख्वाह ही मिलेगी, उनकी खुशी छोटी खुशी ही होगी।

         जो लोग अवसर का भरपूर लाभ उठाते हैं (और यहाँ मैं यह कहना चाहता हूँ कि आप भी उन लोगों में से एक हो सकते हैं, क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता तो आप इस पुस्तक को पढ़ने के बजाय क़िस्मत के भरोसे ही वैठे होते), वे ऐसे समझदार लोग होंगे जो यह सीख लेंगे कि बड़ी सोच के सहारे खुद को सफलता के रास्ते पर किस तरह ले जाया जा सकता है।

          अंदर चले जाएँ। सफलता का दरवाज़ा आज पहले की तुलना में ज्यादा खुला हुआ है। यह ठान लें कि आप भी सफल लोगों के समूह में शामिल होना चाहते हैं, आप भी अपनी मनचाही चीज़ हासिल करना चाहते है।

        सफलता की तरफ़ यह आपका पहला कदम होगा। यह एक मूलभूत क़दम है। इस क़दम को उठाए बिना काम नहीं चलेगा। क़दम एक- खुद में विश्वास करें, विश्वास करें कि आप सफल हो सकते हैं।

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Thursday, June 13, 2019

CHAPTER 1.1: विश्वास करें कि आप सफल हो सकते हैं और आप हो जाएँगे


                   विश्वास करें कि आप
      सफल हो सकते हैं और आप हो जाएँगे

सफलता यानी बहुत सी अद्भुत और अच्छी चीजें। सफलता का मतलब है अमीरी- शानदार घर, मज़ेदार छुट्टियाँ, यात्रा, नई चीजें, आर्थिक सुरक्षा, अपने बच्चों को ज्यादा से ज्यादा खुशहाली देना । सफलता का मतलब है प्रशंसा का पात्र बनना, लीडर बनना, अपने बिज़नेस और सामाजिक जीवन में सम्मान पाना।स सफलताका मतलब है। आज़ादी- चिंताओं, डर, कुंठाओं और असफलता से आज़ादी। सफलता का मतलब है आत्म-सम्मान, जिंदगी का असली सुख और जीवन में संतुष्टि, जो लोग आप पर निर्भर हैं उनके लिए अधिक से अधिक करनेकी  क्षमता।

सफलता का मतलब है जीतना।

सफलता - उपलब्धि - मनुष्य के जीवन का लक्ष्य है!

    हर इंसान सफलता चाहता है। हर इंसान चाहता है कि उसे जिंदगी का हर सुख मिले। कोई भी घिसट-घिसटकर औसत ज़िंदगी नहीं जीना चाहता। कोई भी सेकंड क्लास नहीं दिखना चाहता या इस तरह का जीवन नहीं गुज़ारना चाहता।

सफल जीवन का व्यावहारिक रास्ता हमें बाइबल की उस पंक्ति में दिखाया गया है जिसके अनुसार आस्था से पहाड़ हिलाए जा सकते हैं।

          विश्वास करें, सचमुच विश्वास करें कि आप पहाड़ हिला सकते हैं और आप वाक़ई ऐसा कर सकते हैं। अधिकतर लोगों को यह विश्वास ही नहीं होता कि उनमें पहाड़ हिलाने की क्षमता है। इसका परिणाम यह होता है कि वे ऐसा कभी नहीं कर पाते।

        किसी मौके पर आपने शायद किसी को यह कहते सुना होगा, “यह सोचना बकवास है कि आप किसी पहाड़ को यह कहकर हिला सकते हैं,‘पहाड़, मेरे रास्ते से हट जाओ।' यह असंभव है।"

           जो लोग इस तरह से सोचते हैं उन्होंने आस्था और इच्छा के बीच के अंतर को ठीक से नहीं समझा है। यह सच है कि केवल इच्छा करने भर से आप पहाड़ को नहीं हटा सकते। केवल इच्छा करने भर से आप एक्ज़ीक्यूटिव नहीं बन जाते। केवल इच्छा करने भर से आप पाँच बेडरूम और तीन बाथ वाले घर के मालिक नहीं बन जाते या आप अमीर नहीं बन जाते। केवल इच्छा करने भर से आप लीडर नहीं बन जाते।

     परंतु अगर आपमें विश्वास हो, तो आप पहाड़ को हिला सकते हैं। अगर आपको अपनी सफलता का विश्वास हो, तो इस विश्वास के सहारे आप सफलता हासिल कर सकते हैं।

       विश्वास की शक्ति के बारे में कुछ भी जादुई या रहस्यमय नहीं है।

       विश्वास इस तरह काम करता है। “मुझे विश्वास है कि मैं यह कर सकता हूँ” वाला रवैया हमें वह शक्ति, योग्यता और ऊर्जा देता है जिसके सहारे हम वह काम कर पाते हैं। जब आपको यक़ीन होता है कि आप कोई काम कर सकते हैं, तो आपको अपने आप पता चल जाता है कि इसे कैसे किया जा सकता है।

         हर दिन देश भर में युवा लोग नई नौकरियाँ शुरू कर रहे हैं। ये सभी युवक-युवतियाँ “चाहते हैं कि किसी दिन वे सफलता की चोटी पर पहुँचे और सफल बनें। परंतु इनमें से ज्यादातर लोगों को यह विश्वास नहीं है कि वे कभी चोटी पर पहुँच पाएँगे। और इसी कारण वे चोटी पर
नहीं पहुँच पाते। अगर आप यह मान लेते हैं कि चोटी पर पहुँचना असंभव है, तो आप उन सीढ़ियों को नहीं ढूंढ पाएँगे जिनके सहारे आप चोटी पर पहुँच सकते हैं। ऐसे लोग जिंदगी भर “औसत व्यक्तियों की तरह ही व्यवहार करते हैं।

     परंतु इनमें से कुछ युवक-युवतियों को विश्वास होगा कि वे सफल हो सकते हैं। वे अपने काम के प्रति “मैं चोटी पर पहुँचकर दिखाऊँगा” वाला रवैया रखते हैं। और चूंकि उनमें ज़बर्दस्त विश्वास होता है इसलिए वे चोटी पर पहुँच जाते हैं। यह जानते हुए कि वे भी सफल हो सकते हैं - और ऐसा असंभव नहीं है - यह लोग अपने वरिष्ठ एक्ज़ीक्यूटिज़ के व्यवहार को ध्यान से देखते हैं। वे सीखते हैं कि सफल लोग किस तरह समस्याओं को सुलझाते हैं और निर्णय लेते हैं। वे सफल लोगों के रवैए को ध्यान से देखते हैं।

      जिस आदमी को विश्वास होता है कि वह काम कर लेगा, उसे हमेशा उस काम को करने का तरीक़ा सूझ जाता है।

           मेरी एक परिचित महिला ने दो साल पहले यह फैसला किया कि वह मोबाइल होम बेचने की सेल्स एजेंसी बनाएगी। उसे कई लोगों ने सलाह दी कि उसे ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि वह ऐसा नहीं कर पाएगी।

    उस महिला के पास पूँजी के नाम पर सिर्फ 3000 डॉलर थे और उसे बताया गया कि इस काम को शुरू करने के लिए इससे कई गुना ज़्यादा पूँजी की ज़रूरत होती है।

      उसे समझाया गया, “इसमें प्रतियोगिता बहुत है। और इसके अलावा, आपको मोबाइल होम्स बेचने का कोई अनुभव भी नहीं है। आपको बिज़नेस चलाने का अनुभव भी नहीं है।”

     परंतु इस युवा महिला को अपनी क्षमताओं पर विश्वास था। उसे विश्वास था कि वह सफल होगी। वह मानती थी कि उसके पास पूँजी नहीं थी, कि बिज़नेस में सचमुच बहुत प्रतियोगिता थी, और यह कि उसके पास अनुभव नहीं था।

         “परंतु,” उसने कहा, “मुझे यह साफ़ दिख रहा है कि मोबाइल होम उद्योग तेज़ी से फैलने जा रहा है। इसके अलावा, मैंने अपने इस बिज़नेस में प्रतियोगिता का अध्ययन कर लिया है। मैं जानती हूँ कि मैं इस बिज़नेस को इस शहर में सबसे अच्छे तरीके से कर सकती हूँ। मैं जानती हैं कि मुझसे थोड़ी-बहुत गलतियाँ तो होंगी, परंतु मैं चोटी पर तेज़ी से पहुँचना चाहती हूँ।"

        और वह पहुँच गई। उसे पूँजी जुटाने में कोई खास समस्या नहीं आई। इस बिज़नेस में सफलता के उसके दृढ़ विश्वास को देखकर दो निवेशकों ने उसके व्यवसाय में निवेश करने का जोखिम लिया। और संपूर्ण आस्था के सहारे उसने ‘असंभव' को कर दिखाया- उसने बिना
पैसा दिए एक ट्रेलर निर्माता से माल एडवांस ले लिया।

       पिछले साल उसने 1,000,000 डॉलर से ज्यादा क़ीमत के ट्रेलरबे 

       “अगले साल," उसका कहना है, “मुझे उम्मीद है कि मैं 2,०००,००० डॉलर का आँकड़ा पार कर जाऊँगी।”

       विश्वास, दृढ़ विश्वास, मस्तिष्क को प्रेरित करता है कि वह लक्ष्य को प्राप्त करने के तरीके, साधन और उपाय खोजे। और अगर आप यक़ीन कर लें कि आप सफल हो सकते हैं, तो इससे दूसरे भी आप पर विश्वास करने लगते हैं।

ज्यादातर लोग विश्वास की शक्ति में भरोसा नहीं करते। परंतु कई  लोग करते हैं, जैसे अमेरिका के सक्सेसफुल विले में रहने वाले नागरिक। कुछ सप्ताह पहले मेरे एक दोस्त ने जो स्टेट हाइवे डिपार्टमेंट में अधिकारी है मुझे एक “पहाड़ हिलाने वाला अनुभव बताया।

पिछले महीने," मेरे दोस्त ने बताया, “हमारे विभाग ने कई इंजीनियरिंग कंपनियों को टेंडर नोटिस दिए। हमें अपने हाइवे बनाने के लिए किसी फ़र्म से आठ पुलों की डिज़ाइन बनवानी थी। पुलों की लागत 5,000,000 डॉलर थी। जिस भी इंजीनियरिंग फ़र्म को चुना जाता, उसे डिज़ाइनिंग के काम के लिए 4 प्रतिशत का कमीशन दिया जाना प्रस्तावित था, यानी 200,000 डॉलर।

          “मैंने इस बारे में 21 डिज़ाइनिंग फ़र्स से बात की। सबसे बड़ी चार फ़र्मों ने तो तत्काल प्रस्ताव भेज दिए। बाक़ी 17 कंपनियाँ छोटी थीं, जिनमें केवल 3 से 7 इंजीनियर ही थे। प्रोजेक्ट इतना बड़ा था कि इनमें से 16 तो इसके बड़े आकार को देखकर ही घबरा गईं। उन्होंने इतने बड़े प्रोजेक्ट को देखा, अपने सिर को हिलाया और इस तरह की बात कही,

‘यह हमारे लिए बहुत बड़ा प्रोजेक्ट है। काश हम इसे कर पाते, परंतु कोशिश करने से कोई फायदा नहीं।'

        “परंतु इनमें से एक छोटी फर्म ने, जिसके पास केवल तीन इंजीनियर थे, प्रोजेक्ट का अध्ययन किया और कहा, 'हम इसे कर सकते हैं। हम एक प्रस्ताव तो भिजवा ही देते हैं।' उन्होंने प्रस्ताव भिजवाया, और उन्हें वह काम मिल गया।”

     जिन्हें यक़ीन होता है कि वे पहाड़ हिला सकते हैं, वे ऐसा कर पाते हैं। जिन्हें यकीन होता है कि वे पहाड़ नहीं हिला सकते, वे ऐसा नहीं कर पाते। विश्वास से ही ऐसा करने की शक्ति मिलती है। 

          दरअसल, आज के आधुनिक दौर में विश्वास के दम पर पहाड़ हिलाने से भी ज्यादा बड़ी चीजें करना संभव है। आज के अंतरिक्ष अन्वेषण कार्यक्रम का सबसे मूलभूत तत्व यह है कि अंतरिक्ष को जीता जा सकता है। मनुष्य अंतरिक्ष में यात्रा कर सकता है, इस दृढ़ विश्वास के बिना हमारे वैज्ञानिकों में वह साहस, उत्साह, और रुचि पैदा नहीं हो पाती जिससे उन्हें आगे बढ़ने का हौसला मिलता। यह विश्वास कि कैंसर का इलाज किया जा सकता है, हमें इस बात के लिए प्रेरित करता है कि हम इसके उपचार को खोजें और अंततः ऐसा उपचार हम खोज ही लेंगे। अभी यह चर्चा चल रही है कि इंग्लिश चैनल के नीचे एक टनल बनाई जाए और इंग्लैंड को महाद्वीप से जोड़ दिया जाए। यह टनल बन पाएगी या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसे बनाने वाले लोगों के पास ऐसा कर पाने का विश्वास है या नहीं।

         प्रबल विश्वास ही वह शक्ति है जो महान पुस्तकों, नाटकों, वैज्ञानिक खोजों के पीछे होती है। सफलता में विश्वास ही हर सफल बिज़नेस, चर्च और राजनीतिक संगठन के पीछे होता है। सफलता में विश्वास ही वह मूलभूत, अनिवार्य तत्व है जो हर सफल व्यक्ति में पाया जाता है।

      विश्वास करें, सचमुच विश्वास करें, कि आप सफल हो सकते हैं। और आप हो जाएँगे।

बरसों तक मैंने ऐसे कई लोगों से बात की है जो अपने बिज़नेस या दुसरे करियर में असफल हो गए थे। मैंने असफलता के बहुत से कारण

और बहुत से बहाने सुने हैं। असफलता के बारे में हुई इन चर्चाओं में हमें एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली। असफल आदमी के मुँह से इस तरह की कोई न कोई बात ज़रूर सुनने में आई, “सच कहूँ तो, मुझे लग ही नहीं रहा था कि हम सफल हो पाएँगे” या “मैंने काम शुरू किया उसके पहले ही मुझे इसकी सफलता पर शक हो रहा था” या “दरअसल जब यह असफल हुआ तो मुझे ज़रा भी हैरानी नहीं हुई।”

     “ठीक है मैं कोशिश करके-देखता हूँ-पर-मुझे नहीं लगता-कि-यह-होगा” वाले रवैए की वजह से ही आदमी असफल होता है।

       अविश्वास नकारात्मक शक्ति है। जब मस्तिष्क किसी बात पर अविश्वास करता है या किसी बात पर संदेह करता है तो मस्तिष्क ऐसे कारणों” को खोज लेता है जिससे उस अविश्वास को बल मिले। ज़्यादातर असफलताओं के लिए ज़िम्मेदार हैं : शंका, अविश्वास, असफल होने की अवचेतन इच्छा व सफल होने की सच्ची इच्छा न होना।

शंका करें और असफल हो जाएँ।

जीत के बारे में सोचें और सफल हो जाएँ।

      एक युवा कहानीकार अपनी लेखन महत्वाकांक्षाओं को लेकर मुझसे हाल में मिली। चर्चा उसके क्षेत्र के एक महान लेखक के बारे में होने लगी।

       ओह,” उसने कहा, “मिस्टर एक्स असाधारण लेखक हैं, परंतु मैं उनके जितनी सफल नहीं हो सकती।”

          उसके रवैए से मुझे बहुत निराशा हुई, क्योंकि मैं उस मिस्टर एक्स को जानता हूँ। उनमें न तो असाधारण बुद्धि है, न ही असाधारण प्रेरणा है, न ही वे किसी और बात में सुपर हैं, उनमें केवल एक ही बात असाधारण है और वह है उनका असाधारण आत्मविश्वास। उन्हें दृढ़ विश्वास है कि वे सर्वश्रेष्ठ लेखक हैं और इसीलिए वे सर्वश्रेष्ठ लिखते हैं।

       लीडर का सम्मान करना अच्छी बात है। उससे सीखें। उसे ध्यान से देखें। उसका अध्ययन करें। परंतु उसकी पूजा न करें। यह विश्वास करें कि आप उससे आगे निकल सकते हैं। यह विश्वास करें कि आप उससे ऊपर जा सकते हैं। जिन लोगों का रवैया सेकंड क्लास होता है वे सेकंड क्लास काम ही कर पाते हैं।

इसे इस तरह से देखें। विश्वास ही वह थर्मोस्टेट है जो हमारी उपलब्धियों को नियमित करता है। उस व्यक्ति का अध्ययन करें जो औसत ज़िंदगी के जाल में उलझा हुआ है। उसे विश्वास है कि वह अयोग्य है, इसीलिए उसे अयोग्य समझा जाता है। वह मानता है कि वह बड़े काम नहीं कर सकता और इसीलिए वह उन्हें नहीं कर पाता। वह मानता है कि वह महत्वपूर्ण नहीं है, इसलिए जो भी वह करता है वह काम महत्वहीन बन जाता है। समय के साथ-साथ आत्मविश्वास का अभाव उसकी बातों, चाल-ढाल और कामों में दिखने लगता है। जब तक कि वह अपने थर्मोस्टेट को फिर से संतुलित नहीं करेगा, तब तक वह सिकुड़ता रहेगा, बौना होता जाएगा और अपनी नज़रों में छोटा होता जाएगा। और चूंकिदूसरे हममें वही देखते हैं जो हम अपने आपमें देखते हैं इसलिए वह अपने आस-पास के लोगों की नज़रों में भी छोटा होता जाएगा।

अब उस व्यक्ति की तरफ़ देखें जो आगे बढ़ रहा है। उसे विश्वास है कि वह योग्य है और इसलिए बाक़ी लोग भी उसे योग्य समझते हैं। उसे विश्वास है कि वह बड़े, कठिन काम कर सकता है और इसलिए वह इन्हें कर लेता है। जो भी वह करता है, जिस तरह भी वह लोगों से बात करता है, उसका चरित्र, उसके विचार, उसका दृष्टिकोण; सभी बातों में यह झलकता है कि “यह व्यक्ति प्रोफेशनल है। यह एक महत्वपूर्ण व्यक्ति है।”

       कोई भी व्यक्ति वैसा ही होता है, जैसे उसके विचार होते हैं। बड़ी बातों में यक़ीन करें। अपने थर्मोस्टेट को आगे की तरफ़ सेट करें। अपने सफलता के अभियान की शुरुआत इस सच्चे, संजीदा विश्वास से करें कि आप सफल हो सकते हैं। अगर आपको यक़ीन है कि आप महान बन सकते हैं तो आप सचमुच महान बन जाएँगे।

       कई साल पहले मैं डेट्रॉइट में एक बिज़नेसमेन समूह को संबोधित कर रहा था। चर्चा के बाद एक व्यक्ति मेरे पास आया और उसने अपना परिचय देने के बाद कहा, “मुझे आपकी बातें पसंद आई। क्या आप मुझे कुछ मिनट का समय दे सकते हैं? मैं आपके साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव पर चर्चा करना चाहता हूँ।” ।

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Wednesday, May 22, 2019

एम्वे कंपनी में प्रचलित शब्दों का अर्थ :

         एम्वे कंपनी में प्रचलित शब्दों का अर्थ :


● बिज़नेस गूप    :  आपके हर समूह में शामिल आपकी डाउनलाइन    के सभी डिस्ट्रिव्युटर आपके विज़नेस गूप में गिने  जाते हैं, लेकिन इसमें आपके नीचे प्लॅटिनम स्तर को हासिल करनेवाले डाउनलाइन डिस्ट्रिव्युटर का गूप शामिल नहीं होता•



● विज़नेस वॉल्यूम (BV)   :   विज़नेस वॉल्यूम का अर्थ है, आपके बिज़नेस गूप के द्वारा महीने भर में किया गया कुल कारोवार या 'टर्न ओव्हर' इसी कारोबार के आधार पर आपके कमीशन की गणना होती है और आपकी आमदनी पैदा होती है •



● कमीशन :  यह आपके द्वारा किए गए प्रदर्शन के कारण मिलनेवाली आमदनी का एक हिस्सा हैं. आपके पूरे विज़नेस गूप द्वारा किए गए मासिक कारोबार के हिसाब से बनने वाले कमीशन के प्रतिशत में से, आपके हर समूह के द्वारा किए गए कारोबार के प्रतिशत को अलग अलग निकालकर, हर समूह से आपके कुल कारोवार के फर्क की धनराशि आपको कमीशन के रूप में प्रदान की जाती है•




छूट (डिस्काऊन्ट)  :  कंपनी के प्रॉडक्ट्स हर डिस्ट्रिब्युटर को थोक मूल्य पर प्रदान किए जाते हैं, जबकि उनका चिल्लर विक्री मूल्य ज्यादा होता है . थोक और चिल्लर बिक्री मूल्य के बीच का यह फर्क ही छूट या डिस्काऊन्ट कहलाता है, जो कि लगभग 20 प्रतिशत तक होता है•



चिल्लर विक्री मूल्य (MRP)  :   यह मूल्य हर प्रॉडक्ट पर प्रिंट किया हुआ होता है, मतलब उस प्रॉडक्ट को ज्यादा से ज्यादा इसी मूल्य पर बेचा जाना चाहिए. इस मूल्य में सभी तरह के टॅक्स समाहित होते हैं•



NLA     :     नो लॉन्गर अव्हेलेबल याने यह प्रॉडक्ट अब आगे से विक्री के लिए उपलब्ध नहीं है•




NYA     :      नाट यट अव्हेलेवल याने यह प्रॉडक्ट अभी तक बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हुआ है•




पॉइंट वॉल्यूम (PV) :   हर प्रॉडक्ट के साथ एक निश्चित पॉइंट वॉल्यूम को जोड़ा जाता है याने खरीददार को उसके साथ निश्चित पॉइन्ट्स दिए जाते हैं. पूरे गूप को महीने भर में मिलनेवाले इन्हीं कुल पॉइन्स के आधार पर कारोबार का एक निश्चित प्रतिशत कमीशन वॉटा जाता है. (3% से लेकर 21% तक) हर देश की करेंसी का मूल्य अलग होता है, इसलिए विश्व स्तर पर समानता लाने के लिए 'पॉइन्ट वॉल्यूम' का उपयोग किया जाता है •



प्रदर्शन (परफॉर्मन्स)  :   यह आपके एक महीने के कारोबार या टर्न ओव्हर को दर्शाता है . सेल्स और मार्केटिंग प्लान के हिसाब से आपने अपने ग्रुप के साथ मिलकर उस पूरे महीने में जितने प्रॉडक्ट्स खरीदे हैं, उनपर मिलनेवाले पीव्ही के आधार पर आपके प्रदर्शन की गणना की जाती है. (3% से लेकर 21% तक)



● चिल्लर बिक्री पर लाभ    :    सभी टॅक्स जोड़कर प्रॉडक्ट आपको थोक मूल्य पर मिलता है, जबकि चिल्लर विक्री मूल्य उससे लगभग 20% तक।ज्यादा अंकित होता है. इसी 20% तक का लाभ आपको पॉडक्ट की चिल्लर विक्री करने पर मिल सकता है•




●  TNA. :      टेम्परिली नॉट अव्हेलेबल याने यह प्रॉडक्ट कुछ समय तक बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है •




● उत्पाद (प्रॉडक्ट्स)     :    पॉडक्ट का मतलब है, कंपनी द्वारा बनायी गयी हर चीज, जिसे डिस्ट्रिब्युटर के लिए उपलव्य किया जाता है. जिसमें रोजमर्रा इस्तेमाल की वस्तुएँ, उनके इस्तेमाल के लिए उपयोगी उपकरण और बिज़नेस के लिए सहायक साहित्य सामुग्री शामिल है•




● सेल्स और मार्केटिंग प्लान   :     कंपनी की मार्केटिंग का पूरा विवरण दर्शानवाली योजना को ही सेल्स और मार्केटिंग प्लान कहा जाता है. पारंपरिक विजनेस में विचौलियों के बीच 60% तक का बंटनेवाला लाभ, किस तरह से हर स्तर पर छूट, कमीशन और बोनस के रूप में नेटवर्क मार्केटिंग के डिस्ट्रिब्युटर्स में बांटा जाता है, इसी का विवरण सेल्स और मार्केटिंग प्लान में किया जाता है•



विजनेस में सहायक साहित्य (BSM)   :    नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी या सिस्टम द्वारा तैयार किया गया साहित्य, जो कि विज़नेस में मददगार सावित होता है, उसे विज़नेस सपोर्ट मटेरियल (BSM) कहा जाता है. इसमें प्रॉडक्ट वॉशर, ऑडियोव्हिडियो सीडी, किताव और विज़नेस बढ़ाने के लिए उपयोग में आनेवाली हर चीज़ का समावेश है. कंपनी या सिस्टम की अनुमति के बिना ऐसे किसी साहित्य की व्यक्तिगत निर्मिती और वितरण पर पाबंदी है•




● क्रॉस गूप सेलिंग:   एक डिस्ट्रिब्युटर के द्वारा दूसरे गुप के डिस्ट्रिब्युटर को प्रॉडक्ट्स वेचना 'क्रॉस गूप सेलिंग' कहलाता है. हमें इससे बचना चाहिए•




● प्लॅटिनम :      जिस डिस्ट्रिब्युटर ने कम से कम दो लेग की मदद से 21% का स्तर साल में 6 वार हासिल किया है (इसमें तीन महीने लगातार हासिल करना आवश्यक है), उसे प्लॅटिनम डिस्ट्रिब्यूटर की पिन देकर सम्मानित किया जाता है•




● डिस्ट्रिब्युटर   :   कंपनी का अप्लीकेशन फार्म भरकर जो व्यक्ति कंपनी के साथ विधिवत रूप से जुड़ जाता है, वो कंपनी का  डिस्ट्रिब्युटर कहलाता है और वो अपने बिज़नेस के मालिक की हैसियत से स्वतंत्र होकर अपना बिज़नेस बढ़ा सकता है. कंपनी के नियमानुसार उसे विज़नेस बढ़ाने की हर सुविधा और साधन कंपनी द्वारा प्रदान किए जाते हैं •




● स्पॉन्सर   :    वह डिस्ट्रिब्युटर जो किसी अन्य व्यक्ति को कंपनी के साथ जोड़कर उसे अपनी ही तरह डिस्टिव्युटार होने में मार्गदर्शन करके मदद करता है, वो उस व्यक्ति का स्पॉन्सर कहलाता है

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Monday, May 20, 2019

ब्रिट सिस्टम में प्रचलित शब्दों का अर्थ:

     ब्रिट सिस्टम में प्रचलित शब्दों का अर्थ:


● सलाहमशविरा (काउन्सिलिंग) : अपने बिज़नेस से संबंधित हर विषय पर अपनी क्रियाशील सफल अपलाइन से संपर्क बनाए रखना और हमेशा उनसे अलाहमशविरा करते रहना . यह सबके लिए एक आवश्यक कदम है, जिसे इस बिज़नेस के दौरान हर स्तर पर हमेशा किया जाना चाहिए.

● कव्हर्ड डिश : किसी के घर पर एक बढ़ती हुई नयी टीम के डिस्ट्रिब्युटरों का मेलमिलाप, जिसमें सभी अपने घर से थोड़ा व्यंजन अथबा मिठाई लाकर शामिल हो जाता है. इसका आयोजन आमतौर पर सप्ताहांत में होता है और इसका उद्देश्य है, छोटी सी बढ़ती हुई टीम में परिवारों के बीच आत्मीयता और एकता उत्पन्न करना . कभीकभी इसमें बिज़नेस के आधारभूत कार्यों का प्रशिक्षण भी शामिल कर लिया जाता है. 

● क्रॉस-लाइन : वो डिस्ट्रिब्युटर आप के लिए क्रॉस-लाइन होता है, जो आप की 'लाइन ऑफ स्पॉन्सरशीप' में नहीं होता है. यदि आप व्यक्तिगत रूप से दो डिस्ट्रिब्युटरों को स्पॉन्सर करते हैं, तब वो दोनों एक दूसरे के लिए क्रॉस-लाइन होंगे .

● क्रॉस-लाइनिंग : अपनी क्रॉसलाइन को बिज़नेस से संबंधित जानकारी देना या उनसे हासिल करने का प्रयत्न करना, क्रॉस-लाइनिंग कहलाता है . इसे हमेशा टालना चाहिए. अपनी कॉसलाइन का हमेशा सम्मान कीजिए, उनकी प्रशंसा कीजिए, मगर कभी भी उनके साथ विज़नेस से संबंधित चर्चा मत जिए. बेहतर है कि आप उनके साथ ज्यादा समय रहने की कोशिश न करें .

● गहराई(डेप्थ):  आपके द्वारा स्पोन्सर किया गया हर डिस्ट्रिब्युटर या उनके नीचे शामिल हुआ हर व्यक्ति आपकी डाउनलाइन कहलाता है. जब आप अपनी डाउनलाइन में एक के नीचे एक, लोगों को जोड़ते चले जाते हैं, तब इस प्रक्रिया को गहराई का निर्माण करना (डेप्थ विल्डिंग) कहा जाता है. इस प्रक्रिया को दोहराते हुए, जितनी ज्यादा गहराई में आप अपने बिज़नेस का निर्माण करते हैं, उसी अनुपात में आपके विज़नेस की नींव मज़बूत होती जाती है और बिज़नेस सुरक्षित होता जाता है.

●डाऊनलाइन : हर वो डिस्ट्रिब्युटर जिसे आपने विज़नेस में शामिल किया है या उनकी गहराई में शामिल हुआ है, वो आपकी डाउनलाइन कहलाता है.

● सपना (ड्रीम) : एक नेटवर्क बनाने के संदर्भ में, “सपना आपके मस्तिष्क में जन्में उस काल्पनिक भविष्य का चित्रण होता है, जिसे आप अपने और अपने चाहने वालों के लिए भविष्य में साकार करना चाहते हैं. आने वाले वर्षों में आपकी क्या आशाएँ और अभिलाषाएँ हैं, उन्हें परिभाषित कीजिए. उन्हें स्पष्ट कीजिए. उन्हें संभावनाओं के साकार रूप में देखिए. यह दूरदृष्टि आपके अंदर एक ऐसी ऊर्जा का निर्माण करती है, जो आपकी कल्पनाओं को साकार कर देती है.

● उत्थान (एडिफिकेशन) : यह बिजनेस रिश्तों के बल पर खड़ा होता है, जिसका आधार होते हैं भरोसा और आपसी सम्मान , हम ऐसा मानते हैं, कि लोगों द्वारा बेहतरीन परिणाम पाने के लिए, उनकी खामियों की बजाय, उनकी खूबियों पर ध्यान देकर उन्हे उभारना चाहिए. हम अपनी अपलाइन और डाउनलाइन में सकारात्मक खूबियों की पहचान करते हैं और फिर उनका पोषण करके उन्हें मज़बूत और प्रभावशाली बनाने में मदद करते हैं . एक दूसरे में खामियां तलाशना बहुत आसान होता है और हमारी मान्यता है, कि यह सिर्फ अपने समय और ऊर्जा को बरबाद करना है. आप मान लीजिए, कि आपकी अपलाइन या डाउनलाइन के लोग हर बात में परिपूर्ण नहीं हो सकते . उनकी कमजोरियों के साथ उन्हें स्वीकार कीजिए और उनके उत्थान की ओर ध्यान दीजिए आपके समह में शामिल लोग भी, तब आपके साथ ऐसा ही करेंगे •

● फोलो अप और फोलो थू : पास्पेक्ट के प्लान देख लेने के बाद, उसकी प्रतिक्रिया को जानने और उसकी शंकाओं का निराकरण करके, उसे विजनेस में जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने की प्रक्रिया को फोलो अप कहा जाता है. प्लान दिखाने के बाद 24 से 48 घंटों के भीतर ही, उनके साथ अगली मुलाकात का समय और जगह निश्चित कर लेना चाहिए, फोलो अप के दौरान काफी कुछ किया जा सकता है, मगर सामान्यतः आपका यही उद्देश्य होना चाहिए, कि उनके सवालों का जवाब देना, उनकी शंकाओं का समाधान करना और उन्हें बताना, कि विज़नेस शुरू करने के लिए उन्हें आगे क्या करना है. उन्हें अगली मिटिंग में बुलाइए, जहाँ वो सफल लोगों के समूह से मिल सकें . उन्हें पुनः प्लान देखने के लिए प्रोत्साहित कीजिए . फोलो थ्रू की प्रक्रिया कभीकभार काफी लंबे समय तक चल सकती है

● फोस्टर स्पॉन्सर के विदेश में स्थित एक ऐसे डिस्ट्रिब्युटर, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आपके प्रॉस्पेक्ट को बिज़नेस में जोड़कर उनके साथ काम करते हैं और उन्हें बिल्कुल उसी तरह से मदद करते हैं, जैसा कि आप अपनी डाउनलाइन को करते हैं .

● अग्रिम पंक्ति (फ्रट लाइन): जिन लोगों को आप सीधा अपने साथ ही बिजनेस में जोड़ते है, वो लोग आपकी अग्रिम पंक्ति या 'फ्रट लाइन' कहलाते

● लक्ष्य है अपने सपने को साकार करने के लिए समय सीमा निर्धारित करना ही 'लक्ष्य' कहलाता है. इस बिज़नेस में हर माह कुछ क्षेत्रों में लक्ष्य निर्धारित करके काम करना बेहतर होता है. आप कितनी बार प्लान दिखाएंगे ? अगले सेमिनार में आप कितने लोगों को ले आएँगे ? आप अपने तीन मुख्य समूहों (लेग्स) में अपनी 'टॅप रूट' (सबसे नीचे जुड़े व्यक्ति) को कितनी गहराई तक ले जाएंगे? इस महीने आपका व्यक्तिगत और आपके समूह का पी.व्ही. क्या होगा? आप अपने बिज़नेस का निर्माण प्रत्येक 30 दिनों के हिस्से में, दैनिक और मासिक लक्ष्य के आधार पर करेंगे, तब यह एक आसान काम बन जाएगा. वृंदवृंद से ही सागर बनता है . (हर बात सहज ही की जा सकती है .).

● होम मिटिंग : प्रॉस्पेक्ट्स के एक छोटे समूह को प्लान दिखाने के लिए, किसी के घर में यह एक पूर्वनियोजित मिटिंग होती है. इस विज़नेस की बेहतरीन शरूआत करने का एक तरीका है, कुछ एक होम मिटिंग को आयोजित करना . नए डिस्ट्रिब्युटर की मदद करने के उद्देश्य से, मार्कर वोर्ड पर प्लान दिखाने के लिए, अपलाइन लीडर होम मिटिंग में आते हैं. इस बिज़नेस को तेजी से बढ़ाने के लिए 'होम मिटिंग' ही सबसे बढ़िया उपाय है.

● अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजन (इंटरनॅशनल स्पॉन्सरिंग) : विदेशों में डिस्ट्रिब्युटर को स्पॉन्सर करके अपने बिज़नेस को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाने का यह एक सुअवसर है . आप बतौर अंतर्राष्ट्रीय स्पॉन्सर किसी खास विदेशी बाजार में नए डिस्ट्रिब्यूटर का चयन करके उन्हें बिज़नेस से जोड़ते हैं. इसके लिए उसी देश में एक फोस्टर स्पॉन्सर की नियुक्ति की जाती हैं, जो कि आपके द्वारा चुने हुए डिस्ट्रिब्युटर को बिज़नेस बढ़ाने में उसी तरह से मदद करता है, जैसा कि आप खुद वहाँ रहकर कर सकते थे.

● लेग : जब आप किसी डिस्ट्रिब्युटर को स्पॉन्सर करते हैं तथा उसको अपना समूह बनाने में मदद करते हैं, तब उसका यह समूह आपका एक “लेग” कहलाता है. इस बिज़नेस के शुरूआती दौर में अपने तीन प्रमुख समूहों (लेग्स) में गहराई (डेप्थं) का निर्माण करना चाहिए.

● प्रायोजन रेखा (लाइन ऑफ स्पॉन्सरशीप) : यह एक वंश परंपरा जैसी होती है, जैसे पिता, फिर उनके पिता, फिर उनके पिता .... दूसरे शब्दों में, आपके स्पॉन्सर, फिर स्पॉन्सर के स्पॉन्सर और फिर उनके स्पॉन्सर ..... आदि . आपकी अपनी डाउनलाइन के अलावा, इस लाइन ऑफ स्पॉन्सरशीप के बाहर का हर डिस्ट्रिब्युटर आपके लिए क्रॉसलाइन का दर्जा रखता है.

● भव्य समारोह (मेजर फंक्शन मेगा फंक्शन) : समयसमय पर आपकी लाइन ऑफ स्पॉन्सरशीप द्वारा पूरे सप्ताह चलनेवाली मिटिंग, सम्मेलन और समारोह का आयोजन किया जाता है. इनका आयोजन बहुत ही बढ़िया ठिकानों पर, विशिष्ट महानगरों में किया जाता है. इन कार्यक्रमों में आपको इस बिजनेस का 'विशाल चित्र देखने का अवसर प्राप्त होता है. ये भव्य समारोह हर लिहाज से बेहतरीन होते हैं. वहाँ आप उच्चतम स्तर पर पहुंचेबक्ताओं को सुन सकते हैं और इस बिज़नेस के बेहतरीन शिक्षकों से प्रशिक्षण एवं जानकारी पा सकते हैं. इन समारोहों में शामिल होना आपके और आपकी टीम के विकास के लिए, किसी भी अकेले कार्यक्रम की तुलना में, ज्यादा मददगार साबित होगा . इनमें आपको एकता की उस शक्ति का अनुभव होगा, जिसे आपने शायद पहले कभी महसूस नहीं किया होगा . बिज़नेस से जुड़ते ही जितना जल्दी हो सके एक भव्य समारोह में शामिल हो जाइए. इसके बाद आपके दिमाग में, किसी भी और बात से ज्यादा जल्दी, यह स्पष्ट हो जाएगा, कि यह बिज़नेस आपके लिए है या नहीं .

● सेमिनार और रॅली के सिस्टम द्वारा अधिकृत आपकी अपलाइन के ऐसे समारोहों का मकसद होता है, आपको प्रशिक्षित करना, विज़नेस बढ़ाने के लिए आधारभूत तकनीक सिखाना . ये सेमिनार 140 किलोमीटर की परिधि में, 200 से 1000 लोगों के समूह के लिए आयोजित किए जाते हैं. इसके लिए 'एमरल्ड या डायमंड' स्तर के वक्ता का चुनाव किया जाता है. इन्हें सामान्यतः दो सत्रों में आयोजित किया जाता है, दोपहर 2 .00 से 5.00 तक प्रशिक्षण सत्र और शाम 8.00 से 11 : 00 तक चलनेवाले रैली सत्र, जो कि अत्यंत उत्साहवर्धक होते हैं और इनमें बहुत से महत्वपूर्ण सुझावों तथा सफल लोगों को सम्मानित करने के कार्यक्रम को भी शामिल किया जाता है. ऐसे सेमिनार इस विज़नेस के दिल की धड़कन होते हैं, इसलिए आपको चाहिए, कि अधिक से अधिक संख्या में लोगों को इन सेमिनारों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित कीजिए .

● नट अॅन्ड बोल्टस :  विज़नेस के निर्माण के लिए आवश्यक आधारभूत कार्यो को 'नट अॅन्ड वोल्ट्स' कहा जाता है. इनका आयोजन सामान्यतः एक प्लॅटिनम द्वारा अपनी टीम को सिखाने के लिए किया जाता है. बहुत बार 'कव्हर्ड डिश' के साथ इसे जोड़ दिया जाता है .

● वन-ऑन-वन: जब आप व्यक्तिगत तौर पर, अपने या उनके घर में, किसी अकेले व्यक्ति या पतिपली (दंपत्ति) को आमनेसामने बैठकर, बिजनेस का प्लान दिखाते हैं, तब यह वनऑनवन प्लान कहलाता है.

● ओपन मिटिंग : बहुत से पॉस्पेक्ट्स को एकसाथ, पेशेवर तरीके से किसी होटल या सभागृह में, प्लान दिखाया जाता है, इसे 'ओपन मिटिंग' कहा जाता है. इसका आयोजन हर शहर में नियत कालावधि में (साप्ताहिक या मासिक) किया जाता है. सभी डिस्ट्रिब्युटरों को प्रोत्साहित किया जाता है, कि वो अपने पॉस्पेक्टस को पहली बार या फोलो अप के रूप में दूसरी बार प्लान दिखाने के लिए, इस मिटिंग में अवश्य ले आएँ. इस मिटिंग में सामान्यतः प्लॅटिनम या उनसे ऊँचे स्तर के लीडर द्वारा ही प्लान दिखाया जाता है. इसे ओपन या खुली मिटिंग इसलिए भी कहा जाता है, क्योंकि संगठन में शामिल सभी समूह, इसमें खुले रूप में शामिल हो सकते हैं .

● व्यक्तिगत (पर्सनल): आपके द्वारा व्यक्तिगत रूप से बिज़नेस में जोड़ा गया व्यक्ति 'पर्सनल' या 'फ्रट लाइन' के नाम से जाना जाता है.

जुड़ना या शामिल होना (प्लग-इन) : जैसे ही आप अप्लीकेशन फार्म भरकर सही करते हैं, आप इस विज़नेस से जुड़ जाते हैं, विस्तार में कहा जाए  तो, कंपनी द्वारा अपने डिस्ट्रिब्युटर को प्रॉडक्ट्स और सेवा संबंधित दी गयी सारी सुविधाओं को पाने के आप हकदार बन जाते हैं. इसी तरह आप सिस्टम के साथ जुड़कर, उसके द्वारा मिलनेवाले प्रशिक्षण और सहयोग को पाने के अधिकारी हो जाते हैं. जब आप किसी को स्थानीय, राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्पॉन्सर करते हैं, तब यह ज़रूरी है, कि आप उन्हें उन्हीं के क्षेत्र या देश में स्थित सिस्टम के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करें . इस तरह से उन्हें प्रशिक्षण और सहयोग मिलता है, जिसके कारण आपका बिज़नेस दूरस्थ स्थानों में भी तेज़ी से बढ़ता है.

● प्रॉस्पेक्ट है एक ऐसा व्यक्ति, जिसमें आपके विज़नेस में डिस्ट्रिब्युटर या पॉडक्ट्स के लिए ग्राहक बनने की संभावनाएं छुपी होती हैं. इसके लिए पहले से किसी के संबंध में निर्णय लेना जरूरी नहीं है, मगर पहले से ही उसे टटोलना अत्यंत ज़रूरी होता है. यह भी याद रखिए, कि जब कोई आपके साथ बिजनेस में जुड़ जाता है, तब चाहे आपको उससे आमदनी हुई हो या नहीं, आपकी नैतिक जवाबदारी है, कि आप उन्हें विज़नेस बढ़ाने में मदद करें.

● प्लान दिखाना (शो द प्लान, STP) जब आप प्लान दिखाते हैं, तब आप बिज़नेस की मार्केटिंग से संबंधित जानकारी को पॉस्पेक्ट के सामने खुला कर देते हैं. आप 'वनऑनवन', होम मिटिंग या ओपन मिटिंग के माध्यम से प्लान दिखा सकते हैं . जितना जल्दी हो सके अपना प्लान खुद ही दिखाना सीख लीजिए. अगर आप दो बार भी प्रयास करेंगे, तो आप प्लान दिखाना आसानी से सीख सकते हैं 

● प्रायोजित करना (स्पॉन्सरिंग) : किसी व्यक्ति या दंपत्ति को अपने बिज़नेस में जोड़ने या शामिल करने की क्रिया को 'स्पॉन्सरिंग' या प्रायोजित करना कहा जाता है.

● शिक्षण प्रणाली (सिस्टम) :  यह एक पूरी तरह से संगठित, एकजुट और समयानुसार सिध्द हो चुका प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसकी रचना आपको और आपके संगठन को नेटवर्क मार्केटिंग के सफलतम सिध्दांतों के आधार पर प्रशिक्षण देने के लिए की गयी है. हालाँकि सिस्टम के साथ जुड़ना पूरी तरह से आपकी मर्जी पर निर्भर होता है, लेकिन सामान्य तौर पर समझदारी की बात यही है, कि जब आप एक संगठन का निर्माण करेंगे, जो कि देशविदेश में फैलनेवाला है, तब आपको एक सिस्टम की ज़रूरत होगी, जो आपके संगठन को सहयोग, प्रशिक्षण, शिक्षा और प्रोत्साहन दे सके . आपको बस इतना ही करना है, कि इस अदभुत जानकारी और ऊर्जा के स्रोत से जुड़ जाइए. सिस्टम के प्रशिक्षण का आधार है, किताबें, कॅसेटस, सीडी, सेमिनार और साल में चार भव्य समारोह . सैंकड़ों सफलतम लीडर्स के मिलेजुले प्रयासों का पतिनिधित्व करती है आपकी शिक्षण प्रणाली, जिससे उत्पन्न पभाव के कारण आपको और आपके संगठन को श्रेष्ठ परिणाम मिलते हैं .

● टॅप रूट : जब आप किसी लेग या समूह में गहराई याने डेप्थ का निर्माण करते हैं, तब सवसे नीचे जुड़े हुए क्रियाशील डिस्टिव्यटर को 'टप रूट' के नाम से जाना जाता है. अपने हर लेग में 'टॅप रूट पर आपको विशेष तौर पर ध्यान देना, उसकी प्रगति की जिम्मेदारी लेने से लेकर उसे पशिक्षित करना, उसकी गहराई में स्पॉन्सर करते जाना अत्यंत आवश्यक होता है.

● टीम मिटिंग :  प्लॅटिनम या उससे ऊँचे लीडर द्वारा अपने समूहों में आयोजित किया गया प्रशिक्षण सत्र टीम मिटिंग कहलाता है. इसका आयोजन किसा हाल या होटल में महीने में एक बार या कुछ लीडर्स के गूप में ज्यादा बार भी किया जाता है, अक्सर इन सत्रों में बिज़नेस के लिए आवश्यक महत्त्वपूर्ण कार्यो को सिखाया जाता है और साथ ही सफलता पानेवालों को सम्मानित भी किया जाता है, सामान्यतः सिस्टम का सारा साहित्य इस मिटिंग में उपलब्ध कराया जाता है.

● साहित्य या औज़ार (टूल्स) : औज़ार, साहित्य या टूल्स का मतलब उस सामुग्री से है, जो सिस्टम द्वारा आपके बिज़नेस को बढ़ाने में मदद के लिए तैयार किया जाता है . किताब, कॅसेट, सीडी और प्रिंटेड साहित्य के अलावा, मार्कर बोर्ड इत्यादि जैसी सामुग्री का भी समावेश 'टूल्स याने औज़ार' के रूप में किया जाता है.

● अपलाइन : आपके स्पॉन्सर से लेकर ऊपर तक, जो भी आपकी लाइन ऑफ स्पॉन्सरशीप में आता है, वो हर लीडर आपका अपलाइन कहलाता है .

● चौड़ाई (विड्थ) : चौड़ाई (विड्थ) का संबंध आपके द्वारा स्पॉन्सर किए गए समूहों (लेग्स) की संख्या में है. जितने ज्यादा लोगों को आप अपनी 'फ्रट लाइन' में जोड़ते हैं, उतनी ही आपके विज़नेस की चौड़ाई (विड्थ) बढ़ती है. अगर आपके तीन लेग्स हैं, तब आपके विज़नेस को तीन लेग चौडा माना जाता है. जिस तरह से गहराई बढ़ने से आपके विजनेस को मजबूती और सुरक्षा मिलती है, ठीक उसी तरह से चौड़ाई बढ़ने से आपका लाभ बढता है. विड्थ और डेप्थ का संतुलन बनाए रखना विज़नेस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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Friday, May 17, 2019

अक्सर पूछे जानेवाले कुछ सवाल और उनके उचित जवाब:

           अक्सर पूछे जानेवाले कुछ सवाल और उनके उचित जवाब:


■ अंतरराष्ट्रीय प्रायोजन, आरिपर यह है क्या ?

        अंतराष्ट्रीय प्रायोजन एक ऐस अवसर को कहते हैं, जिसके माध्यम से आप अन्य देशों में स्थित लोगों को पायोजित यानि ग्पांन्सर कर सकते पर आपकी कंपनी कार्यरत है. वतीर एक अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजक, आप प्रमाणित देशों में स्थित अपने परिचित लोगों में से संभावि तयटर्स को चुनते हैं. फिर उन्हें उसी देश में स्थित फोस्टर स्पॉन्सर की मदद से प्रायोजित किया जाता है. यह फोस्टर स्पॉन्सर उनको उसी तरह से प्रशिक्षण एवं सहायता प्रदान करता है, जैसे कि आप वहां रहकर उनकी मदद कर सकते थे . सेल्स एवं मार्केटिंग पनान का लाभ अंतर्राष्ट्रीय तथा  कोस्टर लाइन ऑफ स्पॉन्सरशीप दोनों को ही प्रदान किया जाता है.

■ में अपने प्रॉस्पेक्ट से कैसे बात करें ?

           उन देशों में स्थित अपने संबंधियों एवं मित्रों को डाक, टेलीफोन, या व्यक्तिगत रूप से संपर्क करके अपने उत्साह तथा व्यापार से प्राप्त सफलता के बारे में बता सकते हैं. साथ ही साथ उन सब को व्यापार पर एक नज़र डालने के लिए पोत्साहित भी कीजिए.

■ क्या मैं अधिकृत वाज़ारों में विज्ञापन कर सकता हूँ?

          कंपनी की ओर से व्यक्तिगत विज्ञापन करने की अनुमति बिल्कुल भी नहीं हैं . उस देश के कंपनी कार्यालय से सही दिशानिर्देशों के लिए संपक कीजिए .

■ कौन सा साहित्य तथा बिक्री के साधन (सेल्स एड्स) में अपने प्रॉस्पेक्ट के पास भेज सकता हूँ?

           कंपनी के नियम इस बात की अनुमति नहीं देते, कि आप एक देश की कोई भी सामुग्री दूसरे देश में भेजे . वास्तव में, एक देश से संबंधित सामुग्री दूसरे देश में गैर कानूनी भी मानी जा सकती हैं. 

■ यदि में किसी देश में हैं, तो क्या मैं वहाँ पर अपने मित्रों तथा रिश्तेदारों को सैल्समार्केटिंग प्लान दिखा सकता हूँ?

           नहीं ! क्योंकि उस देश के कानून के हिसाब से आप जब तक प्राधिकृत नहीं हैं, तब तक सेल्समार्केटिंग प्लान दिखाने की आपको अनुमति नहीं दी जा सकती।

■ अप्लीकेशन फार्म तथा विज़नेस किट की पूति कौन करता है?

       फोस्टर स्पॉन्सर द्वारा ही बिज़नेस किट और आवश्यक साहित्य की पूर्ति की जाती है, जो कि उस देश के लिए कंपनी द्वारा विशेष रूप से तैयार की जाती है.


■ मुझे कैसे मालूम होगा, कि मेरे अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजन के प्रयलों में मुझे सफलता मिली है?

   जब आपके पॉस्पेक्ट डिस्ट्रिब्युटर हो जाते हैं, तब आपको अपने देश में स्थित कंपनी कार्यालय से बधाई पत्र प्राप्त होगा, कि आपने सफलता पूर्वक अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजन किया है.


■  मझे यह कैसे सुनिश्चित होगा, कि अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजक की हैसियत से मुझे कोई लाभ मिलेगा?

      आप अपने प्रॉस्पेक्ट को स्पष्ट निर्देश दीजिए, कि अॅप्लीकेशन के अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजक वाले खाने में आपका नाम और डिस्ट्रिब्युटर नंबर अवश्य ही लिखा जाए, इस तरह से आप उचित लाभ के निश्चित अधिकारी बन सकते हैं.


■ फोस्टर स्पॉन्सर को कौनसे लाभ मिलते हैं?

          फास्टर स्पान्सर पर नये डिस्ट्रिब्युटर को प्रशिक्षण एवं प्रोत्साहन देने तथा पॉडक्ट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी रहती है. इस लिए नए डिस्ट्रिब्युटर क 21% स्तर पर पहुँचने तक फोस्टर स्पॉन्सर को वो सारे पुरस्कार और लाभ मिलते हैं, जो एक सामान्य स्पॉन्सर की प्राप्त होते हैं और यह भी कि तव उसके पूरे व्यक्तिगत गुप का कारोवार जो भी हो, फोस्टर स्पॉन्सर को अपनी इस महत्तम सफलता का लाभ मिलता है .

4% लीडरशीप कमीशन उत्पन्न होने के बाद, इस लाभ को दो समान भागों में बाँट लिया जाता है, 2% फोस्टर लाइन ऑफ स्पॉन्सरशीप को और 2% अंतर्राष्ट्रीय लाइन ऑफ स्पॉन्सरशीप को प्रदान किया जाता है.


■ क्या मेरे लिए यह बेहतर होगा, कि मैं अन्य देश में खुद ही अपना बिज़नेस स्थापित करूं ?

   किसी अन्य देश में अपना बिज़नेसे स्थापित करना काफी जटिल तथा महँगा साबित हो सकता है. प्रत्येक देश में बिज़नेस करने के नियम तथा आवश्यकताएँ भिन्न होती हैं, अगर आप इन जिम्मेदारियों को उठाने में सक्षम हैं, तब आप इस तरह की संभावनाओं पर विचार कर सकते हैं.

        परदेसी होने के कारण उस देश में बिज़नेस स्थापित करने से जुड़ी कठिनाइयों और खर्च को ध्यान में रखकर आपको आगाह किया जाता है, कि यह सव शुरू करने से पहले हवाई यात्रा से लेकर महंगे ख़र्चा तक, हर जरूरी चीज़ की जांच कर लीजिए. चूँकि हर देश में बिजनेस करने के नियम और आवश्यकताएँ अलग होती हैं, इसलिए इस संबंध में दोनों देशों के दूतावास और अपनी कंपनी के कार्यालय से सहयोग मिलने की बात को पहले ही सुनिश्चित कर लीजिए. जबकि दूसरी ओर एक फोस्टर स्पॉन्सर पूरे समय उसी देश में रहते हुए, आपके द्वारा प्रायोजित समूह की पूरी जिम्मेदारी उठाता है और व्यक्तिगत रूप से इस समूह की शुरूआत से लेकर सफलता पाने तक मदद करता है . तुलनात्मक रूप से एक फोस्टर स्पॉन्सर को जिम्मेदारी सौंपना एक बेहतर कदम साबित होता है.


■ यदि म दूसरे देश में खुद ही अपना विज़नेस शुरू करूं, तब मेरा अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजक कौन होगा?

आपको अपने देश में शुरू किया गया विज़नेस ही आपकी नई डिस्ट्रिब्युटरशीप का अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजक होगा तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजन के सभी लाभ प्राप्त करेगा .

■ अंतर्राष्ट्रीय विज़नेस स्थापित करने के लिए मुझे अधिक जानकारी कैसे मिलेगी ?

         अधिकाश मामलों में आपका अपलाइन प्लेटिनम ही अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजन का काम कर चुका होता है, इसलिए वो भी आपको मदद करने में सक्षम हो सकता है या फिर आपकी सफल अपलाइन में से वो लीडर, जो इस काम को कर चुका हो . अन्यथा आप विट वर्ल्ड वाइड कार्यालय से भी अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.


■  अगर हमारी कंपनी का बिज़नेस नए देशों (बाज़ारों) में कदम बढ़ानेवाला है, तब औपचारिक उदघाटन की तारीख से पहले ही. क्या में उन देशों में डिस्ट्रिब्युटर होने में रूचि रखनेवाले अपने लोगों से संपर्क कर सकता हूँ?

             औपचारिक घोषणा के बाद विकास की ओर अग्रसर बाज़ारों (देशों) में, वहाँ स्थित अपने मित्रों, संबंधियों तथा परिवार के लोगों से है मेल, टेलिफोन या व्यक्तिगत रूप से मिलकर, आप अपने उत्साह और सफलता से उन्हें अवगत करा सकते हैं. खासकर उन्हें शुभारंभ की निश्चित तारीख बना सकते हैं. आपने पॉस्पेक्ट्स को सावधान कर देना चाहिए, कि वो औपचारिक तथा अधिकृत उदघाटन का इंतज़ार करे और उससे पहले, अपने मित्रों को इस बिज़नेस के बारे में नहीं वताएँ . हर डिस्ट्रिब्युटर के लिए आवश्यक है, कि वो प्रत्येक देश के नियम और कानूनों के बारे में अवगत होने के बाद, उस देश के सामाजिक और सांस्कृतिक रीतीरिवाजों को समझे और तब ही कदम आगे बढ़ाना बेहतर होगा.

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Wednesday, May 15, 2019

विश्व-व्यापी बिजनेस का अवसर

             विश्व-व्यापी बिजनेस का अवसर


अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजन (इंटरनॅशनल स्पॉन्सरिंग) एक अनूठा अवसर

             जिस-जिस देश में हमारी डायरेक्ट सेलिंग कंपनी कार्यरत है, सभी डिस्ट्रिब्युटरों को अवसर प्राप्त है, कि वहाँ वो अपना विज़नेस फैला सकते हैं और साथ ही उन बाजारों में भी जो नए-नए खुले हैं .

           ब्रिट वर्ल्ड वाइड लिमिटेड इनमें से अधिकतर देशों में स्थापित हो चुका है और भविष्य के कई बाज़ारों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करेगा.

          अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजन की प्रक्रिया तुलनात्मक रूप से सरल है, मगर इससे मिलने वाले लाभ बहुत ज्यादा हो सकते हैं . अंतर्राष्ट्रीय प्रायोजन आपकी क्षमता बढ़ाता है तथा विदेश में रहने वाले आपके संबंधियों और मित्रों को इस महान व्यापार से लाभ उठाने का अवसर प्रदान करता है.

सामान्य दिशानिर्देश :

         जिन देशों में आपका यह बिजनेस कार्यरत हैं, उन देशों में आप जिन लोगों को जानते हैं, उनकी एक सूची बना लीजिए.

                 अपने अंतर्राष्ट्रीय पॉस्पेक्ट से संपर्क करने का उचित तरीका अपनी अपलाइन से सलाह लेकर मालूम कीजिए. फिर उनसे संपर्क करके, इस विषय में उनकी रूचि जान लीजिए. उन्हें पता होना चाहिए, कि आप भारत में यही बिज़नेस कर रहे हैं. अपनी अपलाइन द्वारा सुझाया गया साहित्य उन्हें उपलब्ध करवाइए.

एक बार जब आपका आपके प्रॉस्पेक्ट से संपर्क के बाद यह निश्चित हो चुका है, कि वो इस बिज़नेस में रूचि रखते हैं, तब उन्हें उनके ही देश में स्थित ब्रिट वर्ल्ड वाइड ऑफिस या संपर्ककार्यालय से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए, जिसकी मदद से उन्हें सेल्स और मार्केटिंग प्लान देखने की व्यवस्था वहीं हो सके . ब्रिट वर्ल्ड वाइड के अंतर्राष्ट्रीय कार्यालयों और उनके संपर्क नंबरों की पूरी सूची के लिए www.bww.com नामक वेबसाइट देखिए.

जब आपका प्रॉस्पेक्ट प्लान देख चुका हो, तब पत्र या ईमेल द्वारा संदेश भेजकर उन्हें प्रोत्साहित कीजिए.

अपने अंतर्राष्ट्रीय प्रॉस्पेक्ट को अपना नाम, डिस्ट्रिब्युटर नंबर और अपने अपलाइन डायमंड का नाम उपलब्ध करवाइए. यह इसलिए आवश्यक है, क्योंकि यह जानकारी डिस्ट्रिब्यूटर के अप्लीकेशन फॉर्म में दर्ज होनी चाहिए. आप उनका नाम एवं डिस्ट्रिब्युटर नंबर, अपने पास दर्ज करने के लिए, उनसे मॉग सकते हैं.

                  जब आपका पॉस्पेक्ट अपना बिजनेस शुरू करने के लिए तैयार हो जाते हैं, तव विट वर्ल्ड वाइड कार्यालय उनके लिए संभवतः एक फोटा स्पोन्सर को नियुक्त कर देती है, जो कि आपकी ही 'लाइन ऑफ स्पॉन्सरशीप' के अंतर्गत होता है, या फिर अगर वहाँ केवल संपर्क कार्यालय है, तव  वहां विट वल्ड वाइड स्वयं उनके लिए फोस्टर स्पॉन्सर का काम करती है. इस तरह से आप अंतर्राष्ट्रीय स्पॉन्सर बन जाएँगे .

                 अपने फोस्टर स्पॉन्सर और अपलाइन के निर्देशों का पालन करने हेतु उन्हें प्रोत्साहित कीजिए.

अन्य प्रमाणित बाज़ारों में स्थित अपने प्रॉस्पेक्ट को भेजे जाने वाले पत्रका एक उदाहरण :

प्रिय ..•••

आपके लिए भारत से शुभकामनाएँ !

(मै या • • • • और में ) आशा करते हैं, कि आप और आपके परिवार में सव कुशल मंगल होगा. हमें एक दूसरे में संपर्क किए हुए एक अरमा बीत गया है और में, हम आपको यह बताना चाहते थे, कि हमारे जीवन में एक उत्साह वर्धक घटना घटी है.

हाल ही में हमने एक अंतराष्ट्रीय मार्केटिंग समह के साथ मिलकर अपना मार्केटिंग विजनेस रू किया है. हालाँकि हम अब भी अपना पूरान व्यवसाय में ही काम कर रहे हैं, मगर इस विज़नेस में एक बढिया आमदनी और अधिक समय उपलब्ध होने की क्षमता को जानकर, हम अत्यंत उत्साहित हुए हैं  हम आपको यह पत्र लिख रहे हैं, क्योंकि हम आपके देश में अपना बिजनेस बढ़ाना चाहते हैं. बँकि हमारी रूचि ऐसे लोगों के साथ काम करने में हैं, जो महत्वकांक्षी हों और जीवन में अधिकाधिक धन प्राप्त करना चाहते हों, तब आपका नाम तत्काल हमारे दिमाग में आया था .

(मै या .... और में जानते हैं, कि आप अधिक जानकारी पाना चाहेंगे, इसके लिए आप (नाम, पता, टेलिफोन नंवर ) पर संपर्क कीजिए. हमारे इन सहयोगियों ने एक अच्छा सफल एवं अधिक आमदनी वाला विज़नेस (देश का नाम) में विकसित किया है. हमने श्री ..... की मूचित कर दिया है, कि आप उनस निकट भविष्य में संपर्क करनेवाले हैं.

               जव आप इस व्यापार के अवसर को देख चुके हों, तव हमसे संपर्क कीजिएगा, ताकि हम आपके वाकी सवालों का जवाब दे सके . (में, हम ) आशा करते हैं, कि आपकी ओर से हमें जल्द ही जवाब मिलेगा .

                                     शेष शुभ !

                                                                                  आपका अपना ही

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