Wednesday, May 1, 2019

फोलो अप मिटिंग के कुछ सकारात्मक उद्देश्य:

फोलो अप मिटिंग के कुछ सकारात्मक उद्देश्य:


● नकारात्मक बातों से बचाव और सकारात्मक जानकारी देना.

●  बिज़नेस शुरू करने में प्रॉस्पेक्ट की मदद करना .

● उन्हें अधिक जानकारी देना.

●  उन्हें बताना कि आगे क्या करना है.

● उन्हें एक बार फिर से प्लान दिखाना .

● उनकी आपत्तियों या शंकाओं का समाधान करना .

● अगली मिटिंग के लिए आमंत्रित करना .

● उनकी विज़नेस किट को खोलना .

नीचे दिए गए क्रम में प्राथमिकता अनुसार आप अपने प्रॉस्पेक्ट को बदल सकते हैं .

1) . वितरक (डिस्ट्रिब्युटर)

            आपका सबसे पहला लक्ष्य होना चाहिए, अपने पॉस्पेक्ट को डिस्ट्रिब्युटर में बदलने का . इस बिज़नेस से सही तरह परिचित होने के लिए, उन्हें 'ऑटोमेटिक पॉडक्ट रिप्लेनिशमेंट सर्व्हिस पोग्राम' (म्वचलित उत्पाद भरपाई सेवा कार्यक्रम ) उपलब्ध करवाइए .

2) . ग्राहक (कस्टमर)

           दूसरी बात, अगर आपके प्रॉस्पेक्ट डिस्ट्रिब्युटर होने से इन्कार करते हैं, तब उन्हें अपने पांडक्टम के लिए गाहक (कस्टमर) वनाइए, उन्हें  ऑटोमेटिक पॉडक्ट रिप्लेनिशमेंट सव्हिस प्रोग्राम के लिए अनुबंधित कीजिए, जब उन्हें लगा कि आपने सफलता अर्जित कर ली है, तो वो भी  डिस्ट्रिव्युटर होने के लिए तैयार हो जाएंगे, इसकी संभावना है.

3) . हवाला देने योग्य माध्यम

            तीसरी बात, अगर आपका पांरपेक्ट न तो डिस्ट्रिब्युटर बनने के लिए तैयार है और न ही ग्राहक, तब उसके हवाले का इम्तेमाल करके नए लोगों में पॉपेक्टिंग की जा सकती है. इसके लिए उनसे उनके ऐसे परिचितों के नाम देने के लिए कहिए, जिनको इस विजनेस की जरूरत हो सकती है. अगर आपको नाम मिल जाएँ, तव आप इन नए लोगों से अपने प्रॉम्पेक्ट का हवाला देकर संपर्क कर सकते है. इस तरह आपकी सूची से कम हुआ हर व्यक्ति, आपकी सूची को बढ़ाने का माध्यम हो सकता है .

पॉच सुत्रीय फोलो अप :

         एक अच्छे प्रॉस्पेक्ट से कुछ देर की शुरूआती बातचीत के वाद तथा उनके हर सवाल, शंका और उलझन को दूर करने के बाद, आपके लिए निम्नलिखित मुद्दों पर बात करना आवश्यक हो जाता है:

1). सपनों का निर्माण

         “क्या आपने सोचा है, कि जो अतिरिक्त आमदनी आप कमा सकते हैं, उसे किस तरह से खर्च करेंगे?" अगर उन्हें जवाब देने में कठिनाई होती है, तो आप कुछ प्रश्न पूछकर उनकी मदद कर सकते हैं. जैसे, “क्या आप अपने कर्जा से मुक्ति पाना चाहते हैं? क्या आप चाहते हैं, कि आपकी पत्नी नौकरी न करे और वो अपना समय बच्चों के साथ विताए? क्या आप एक बढ़िया घर खरीदना चाहते हैं? इत्यादि . उनकी जरूरतों का अहसास दिलाकर, उन्हें पैसा खर्च करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए, कम से कम इस समय उनके दिमाग में यह बात घर जरूर करनी चाहिए .

2) अपने सपने साकार करने के लिए उन्हें इन 4 ज़रूरी बातों पर अमल करने के लिए कहिए :

१). सुनने, समझने और सीखने की इच्छा

२). काम करने की इच्छा

३). सही संगत में रहने की इच्छा

४). खरीददारी की आदतो को बदलने और कुछ गाहकों का निर्माण करने की इच्छा

3) . उनके नामों की प्राथमिक सूची बनाने में मदद कीजिए:

          आप उनके कुछ करीबी दोस्तों के नाम पूछकर उनकी सूची बनाने में मदद कीजिए, बशर्ते कि उन्होंने आपके फोना अप में दिए गए माहित्य को देखकर नामों की सूची बनाना पहले से ही शुरू न कर दिया हो. अगर वो किसी कारण से हिचकिचा रहे हों, तव उनकी शंकाओं का निवारण कीजिए. अगर आपको इसमें सफलता नहीं मिले, तव भी उनपर दबाव मत डालिए. कुछ लोग मूची बनाने की बात तक आने में थोड़ा वक्त लगाते हैं. ऐसी स्थिति आने पर आप उनका ध्यान अन्य वातों की ओर मोड़ दीजिए, जैसे उन्हें प्रॉडक्ट व्हिडियो दिखाइए, उनमें अगली मुलाकात तय कीजिए, उनके सवालों का जवाब दीजिए और उन्हें आवश्यक हर तरह की मदद दीजिए.

4) . उनके साथ कुछ मिटिंग की योजना बनाइए:

            अगर आप उनके लिए होम मिटिंग करने जा रहे हैं, तव अपनी कुछ तारीखें उनके लिए आरक्षित कर लीजिए और इन तारीखों का अपना विजनेस डायरी में लिख लीजिए. साथ ही अपनी अपलाइन मे सलाह लेकर उन्हें 'संपर्क और निमंत्रण' म संबंधित आडियो सुनने के लिए दे दीजिए आप उन्हें 'वन ऑनबन' या ओपन मिटिंग में वलाकर उनकी धरूआत मही तराक म करने में मदद कर सकते हैं. आप उनके साथ कछ और मुलाकाते भी तय करके अपनी डायरी में लिख सकते हैं.

5) . उनके साथ कुछ मिटिंग तय करके, उसके लिए लोगों को आमंत्रित कीजिए:

         अगर आपके पास समय हैं, तो आप फोन के माध्यम से उनके कठ लोगों को अगली मिटिंग के लिए आमंत्रित कर लीजिए. वेहता आप उनके लिए कुछ ओव्हरहिव' या 'वन-ऑन-वन' मिटिंग तय कर लीजिए और उनके सामने ही लोगों को फोन पर आमन्त्रण दीजिए. ऐसे में आपका प्रॉस्पेक्ट खुद फोन करके अपने लोगों को बुलाए या यह काम आप उनके लिए करें, इससे फर्क नहीं पड़ता . अगर वो स्वयं फोन करते हैं, तब आप उन्हें कुछ समय तक यह सब अपनी निगरानी में करने दीजिए, जिससे आप उन्हें इस संबंध में जरूरी सलाह दे सकेंगे. आपके लिए यह महत्वपूर्ण है, कि संभावित नकारात्मक अनुभवों तथा शरूआती असफलताओं से, अपने नए डिस्ट्रिब्युटर का वचाव कीजिए.

         अगर तव आपके पास इतना समय नहीं हो, तब आप उनके साथ अगली 'फोन टीम मिटिंग निश्चित कर लीजिए, जब आप उनके लिए इसी तरह से लोगों को आमंत्रित करेंगे. अगर आपका प्रॉस्पेक्ट खुद ही लोगों से संपर्क करके उन्हें आमंत्रण देना चाहता है, तब आप उन्हें 'संपर्क और आमंत्रण' से संबंधित अध्याय इस किताव से पढ़ने के लिए दीजिए और सीडी भी दीजिए. इससे उन्हें इस काम में मदद भी मिलेगी और सीखने को भी मिलेगा. उन्हें आश्वासन दीजिए कि आप हर कदम पर उनके साथ हैं और यदि उन्हें किसी काम में कोई मुश्किल पेश आए, तो वो फोन करके कभी भी आपकी मदद ले सकते हैं.

कुछ विशेष सुझाव:

●  उन्हें अगली मिटिंग, ओपन मिटिंग, सेमिनार, फोन टीम इत्यादि में आमंत्रित कीजिए.

●  अगर आपका पॉस्पेक्ट तैयार है, तो उन्हें तुरंत विज़नेस शुरू करने में मदद कीजिए.

● अपनी अपलाइन द्वारा सुझाए गए रैली, सकारात्मक और प्रेरणादायी टेप्स उन्हें सुनने के लिए उधार दीजिए.

Share:

Monday, April 29, 2019

प्लान दिखाने के बाद फोलो अप कैसे किया जाए?

प्लान दिखाने के बाद फोलो अप कैसे किया जाए?


●  प्लान दिखाने के दौरान वक्ता सलाह देते हैं, कि उपस्थित मेहमानों ने आगे क्या करना चाहिए. इस तरह से भी सुझाव दिया जाता है, कि सभी मेहमान आमंत्रित करने वाले अपने मेजवान डिस्ट्रिव्युटर से जल्दी ही मिलें और आवश्यक हो तो अधिक जानकारी प्राप्त करें . इस तरह से हर  IBO द्वारा फ़ोलो अप किया जाता है

● प्लान पूरा होने के बाद अपने मेहमानों से कुछ सवाल पूछने ज़रूरी होते हैं.

उदाहरणार्थ:

★ वढ़िया है ना?

★ गज जी, जो पैसे आप कमाएँगे. उसे कहां ख़र्च करना चाहेंगे ?

★ इसमें आपको सबसे अच्छी और उत्साहित करनेवाली बात कौनसी लगी ?

★  प्लान तो कमाल का है, है ना?

★  क्या आपको हर बात समझ में आ गयी है ? वैसे तो इस प्लान को देखने के बाद कोई सवाल बाकी नहीं रहता . फिर भी अगर आपके मन में कोई सवाल वाकी हो, तो मैं उसका जवाब देने के लिए तैयार हूँ.

यह आपके लिए मददगार और बेहतर होगा कि आप अपने प्रॉस्पेक्ट को वक्ता या अपनी अपलाइन से मिलवाने ले जाइए और उन्हीं को बताने दीजिए, कि प्रॉस्पेक्ट को आगे क्या करना चाहिए .

●  हमेशा स्पीकर से मिलवाने के बाद और विदा करने से पहले, अपने मेहमान प्रॉस्पेक्ट्स के साथ फोलो अप के लिए अगली मुलाकात जरूर निश्चित कर लीजिए . मुलाकात निश्चित हो जाने के बाद उन्हें 'फोलो अप पॅक' ज़रूर दीजिए. उनको सुझाब दीजिए, कि अगली निश्चित मुलाकात के पहले, इस फोलो अप साहित्य का अध्ययन, हमारी आगे की बातचीत के लिए बहुत मददगार साबित होगा. आप उन्हें अभी से ही नामों की एक प्राथमिक सूची बनाने की सलाह भी दे सकते हैं. आप उनसे यह भी कह दीजिए, कि अगली मुलाकात के समय उन्हें यह फोलो अप पॅक आपको वापस लौटाना है.

●  मुलाकात का समय सुनिश्चित कर लीजिए. उन्हें पता होना चाहिए, कि आपका समय कितना कीमती है . उन्हें फिर से जता दीजिए, कि आप केवल भरोसेमंद व्यक्तियों के साथ ही काम करके उनकी सहायता करना चाहते हैं. उन्हें यह भी कह दीजिए, कि निर्धारित समय पर अगर वो किसी भी अनपेक्षित घटना के कारण मिल नहीं सकते, तब उन्होंने फोन द्वारा आपको पहले ही सूचित कर देना चाहिए, ताकि आप अपने उस समय का बेहतर उपयोग कर सकें .

●  अगर आपका कोई भी प्रॉस्पेक्ट यह कहते हुए मुलाकात के लिए मना कर देता है, कि मुझे इस विज़नेस में दिलचस्पी नहीं जानने की कोशिश कीजिए. उनसे बात करते समय या उनकी शंकाओं का जबाव देते समय आपको हमेशा सकारात्मक ही बने रहना चाहिए. इस बात की भी जाँच  कर लीजिए, कि इस स्थिति में वक्ता से कोई मदद मिल सकती है. इस स्थिति में "फील, फेल्ट, फाऊंडके सिद्धांत को अपनाइए, याने में आपकी भावना को समझता है. क्योंकि शुरूआत में मुझे भी ऐसा ही लगा था. लेकिन बाद में मने पाया कि ऐसा बिल्कुल नहीं है..." अगर फिर भी आपको लगता है, कि वो दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं, तव अपने हावभाव को ऊँचा बनाए रखिए, मगर भविष्य में उनके लिए इस विज़नेस में आने के दरवाज़ों को हमेशा खुला रखिए . तव आप उनसे ऐसे लोगों के नाम बताने के लिए भी कह सकते हैं, जिन्ह इस विजनेस में दिलचस्पी हो सकती है. (उदाहरण 4 कोई बात नहीं . आज आप विज़नेस नहीं करना चाहते, मगर आपक कुछ एसे दात हा सकते हैं, जिन्हें इस विज़नेस की ज़रूरत हो सकती है, क्या आप मुझे कुछ ऐसे नाम दे सकते हैं ?") जव भी ऐसी स्थिति आए, तव उन्हें अपने प्रॉडक्ट्स इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कीजिए, ग्राहक वनाइए. अधिकतर लोग जब विज़नेस के लिए मना कर देते हैं, तव बो किसी और कम लागत वाली बात के लिए मना नहीं करते . ऐसी बात करने से आपको एक अवसर मिलता है, जिसके कारण आप उनसे अपना रिश्ता तव तक कायम रख सकते हैं, जब तक वो इस विज़नेस में जुड़ने का निर्णय नहीं ले लेते .

फोलो अप मिटिंग के लिए विकल्प

★    प्रॉस्पेक्ट के घर पर एक व्यक्तिगत मुलाकात .

★    आपके घर पर एक व्यक्तिगत मुलाकात .

★     एक अन्य होम मिटिंग

★      टीम मिटिंग

★      सेमिनार और रैली

★      पॉडक्ट और सिस्टम की प्रशिक्षण मिटिंग

             "जब आप फोलो अप के लिए जितना जल्दी हो सके मुलाकात तय करने जाते हैं, प्रॉस्पेक्ट के घर में या आपके घर में, तब अगर संयोग से उसी सप्ताह में कोई अन्य समारोह आयोजित हो, तब आप उसमें भी उन्हें आमंत्रित कर सकते हैं, जैसे कि ओपन मिटिंग (जहाँ उन्हें प्लान को दूसरी बार समझने का मौका मिलेगा), टीम मिटिंग (जहाँ वो आपकी टीम से मिल पाएँगे), किसी सेमिनार या रैली आदि में . चाहे जो हो मगर उनके साथ अपनी व्यक्तिगत मुलाकात को भी आपने तय करना चाहिए. अगर आप किसी भी कारण से उनके साथ प्रत्यक्ष मुलाकात नहीं कर पा रहे हों, तब भी उनके साथ फोन पर संपर्क बनाए रखिए.

फोलो अप मिटिंग के लिए कुछ ज़रूरी सुझाव :

●  आपके अपलाइन लीडर भी फोलो अप मिटिंग में आपके साथ चल सकते हैं और अगर संभव हो तो माथ में अपने विशेष (वात माननेवाले
प्रॉस्पेक्ट को भी ले जाइए. 

● आप उनसे ऐसे सवाल पूछिए, जिनका जवाव सकारात्मक ही होता है, “क्या आपने सोचा है, कि इस विज़नेस से आनेवाली अतिरिक्त आमदनी को आप कहाँ खर्च करेंगे ?” “कुछ ऐसे लोगों के नाम आपके दिमाग में जरूर आए होंगे, जो इस विज़नेस में बहुत सफल हो सकते हैं, है ना?”

● यह कभी मत पूछिए, “क्या आप शामिल हो रहे हैं?” अथवा “क्या आपने अभी तक निर्णय ले लिया है ?” 

● अगर फोलो अप के दौरान लोग शंकाएँ उपस्थित करते हैं, तब आप “फील, फेल्ट, फाऊंड” का उपयोग करके उनकी शंकाओं का समाधान कीजिए. अगर लोग अपनी शंकाओं को प्रकट करते हैं, तब आप उन्हें बता सकते हैं, “हमारे पास इसके समाधान के लिए एक प्रोग्राम है." या “क्या बस यही एक रूकावट है, जो आपको विजनेस में आने से रोक रही है ?" किसी से भी बहस मत कीजिए (इसके लिए डेल कार्नेगी की किताब लोकव्यवहार को अवश्य पढ़िए).

● अपनी टीम में जडे नए डिस्ट्रिब्युटर्स के लिए शुरूआत में कुछ समय तक, उनके लिए फोलो अप का काम, आपने खुद करना चाहिए. मगर इस बात का ध्यान रखिए. कि इस दौरान वो भी आपके साथ रहकर, आपको फोलो अप करते देखें और सीखें, ताकि कछ दिनों बाद वो वह इस काम को कुशलतापूर्वक करना शुरू कर दें.

Share:

चौथा आधारभूत कार्य : फोलो अप या फोलो थ्रू

चौथा आधारभूत कार्य :  फोलो अप या फोलो थ्रू
        सभी चरणों की तुलना में फोलो अप और फोलो थू की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि एक सफल और अच्छी आमदनी देने वाले इस बिज़नेस की शुरूआत करने का निर्णय अधिकतर प्रॉस्पेक्ट्स के द्वारा फोलो अप के बाद ही लिया जाता है . साधारणतः नए प्रॉस्पेक्ट द्वारा बिज़नेस में शामिल होने के बाद ही फोलो अप पूरा होता है. जब उन्होंने मार्केटिंग प्लान देख लिया  है, तब हमारा अगला कदम क्या होना चाहिए ? प्रॉस्पेक्ट की दिलचस्पी, उनकी व्यस्तता और अन्य चीज़ों पर यह निर्भर करता है. हमारा उददेश्य होना चाहिए, कि जिस व्यक्ति या दंपत्ति को मार्केटिंग प्लान दिखाया गया है, फोलो अप के लिए उनसे संभवतः जल्दी ही मिलें (48 घंटों के भीतर ही मिलना बेहतर है). तब तक बिज़नेस प्लान और उसके आँकड़े, उनके दिमाग में एकदम ताज़ा होते। हैं. इससे पहले कि अन्य लोगों से मिलकर, इस बिज़नेस के बारे में उन्हें नकारात्मक बातें सुनने का मौका मिले, हमें उनसे मिलकर उन तक सकारात्मक जानकारी पहुँचानी चाहिए. फोलो अप की प्रक्रिया कम समय में, एक-दो दिनों में ही पूरी होनी चाहिए, मगर कभीकभी यह कुछ दिन से लेकर कुछ सप्ताह तक भी चल सकती है। कई बार ऐसा होता है, कि आपको अपने परिपेक्ट के साथ कई महिनों या एकाध वर्ष तक फोलो यू करना पड़ सकता है. तब आपको उनसे घनिष्ठता वढ़ाकर, मित्रता करके और उनके सपनों को उभारकर, उन्हें नई जानकारियां देते रहना चाहिए. यह प्रक्रिया तव लक चलती है, जब तक सही वक्त न आ जाए या परिस्थितियां बदल जाएँ, ताकि वो विज़नेस में जुड़ने का निर्णय ले सकें .

फोलो अप के लिए कुछ सामान्य सुझाव :

● फोलो अप . प्लान ख़त्म होने के तुरंत बाद, अपने प्रॉस्पेक्ट से फोलो अप के लिए मुलाकात का समय निश्चित कीजिए. बेहतर होगा कि अगले 48 घंटों के भीतर ही फोलो अप को पूरा कर लीजिए.

● अपलाइन की मदद. फोलो अप का काम आप खुद भी कर सकते हैं या अपने स्पॉन्सर की या उस व्यक्ति की मदद भी ले सकते हैं, जिसने प्लान दिखाया है.

● दोस्ती कायम कीजिए. लोगों में सच्ची दिलचस्पी लेकर आप उनके साथ रिश्ता कायम कर सकते हैं, रिश्ता जितना गहरा होगा, उतना ही विश्वास और सम्मान आप जीत पाएंगे और उतना ही ज्यादा लोग आपकी बातें सुनने के लिए, आपकी बतायी राह पर चलने के लिए राजी होंगे.

● सपने जगाइए , याद रखिए कि इस बिज़नेस को करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है, लोगों के सपने . सपनों से ही उत्साह बढ़ता है और काम करने की इच्छा बलवती होती है. इसलिए उनके सपनों को समझने का, उन्हें जगाने का प्रयास कीजिए

● जानकारी दीजिए. बिना किसी ठोस जानकारी के, केवल हवा में कोई भी समझदारी भरा निर्णय नहीं ले सकता . बिजनेस की जानकारी होने से आपसी समझ बढ़ती हैं. आपसी समझ लोगों को तब ज्यादा आकर्षित करती है, जब वो इस विश्वास के साथ जड़ी हो, कि सपनों को हासिल किया जा सकता है.

फोलो अप के दौरान अक्सर सुनी जानेवाली संभावित आशंकाओं के लिए कुछ सटीक जवाव :

              सवालों का स्वागत कीजिए, क्योंकि वो उनकी दिलचस्पी की ओर इशारा करते हैं. लोगों की शंकाओं का सम्मान कीजिए. उनकी शंकाओं को खुले दिल से स्वीकार कीजिए और उनकी शंकाओं को ही उनके बिजनेस करने की वजह' में बदल दीजिए. लोगों के सवालों के जवाब देने के लिए "फील, फेल्ट, फाऊंड' के सिद्धांत को अपनाइए.

आपत्तियों के जवाब :

1) " मेरे पास समय नहीं है.”

                दरअसल इसी वजह को ध्यान में रखकर हमने आपसे इस बिज़नेस की बात की थी ..., क्योंकि इस बिज़नेस को सफलता पूर्वक अपेक्षातः कम समय लगाकर किया जा सकता है. समय के बहुगुणित होने के कारण यह बिज़नेस उन लोगों के लिए तो बहुत ही अच्छा है, जिनके पास काम करने के लिए कम समय होता है. इस बिज़नेस में बहुत से ऐसे लोगों ने सफलता हासिल की है, जिन्होंने अपने सीमित समय को इस बिज़नेस में बुध्दिमानी से लगाया था . वास्तव में देखा जाए, तो महत्वाकांक्षी लोगों के लिए लम्बे समय में, अधिक धन और समय कमाने का एक सुनहरा अवसर इस बिज़नेस में छुपा हुआ है.

2) "में तो ज्यादा लोगों को नहीं जानता."

                मान लिजिए कि एक व्यक्ति का नाम लिखने के लिए आपको 100 रूपए दिए जाएँ, तब आप कितने लोगों के नाम गिना सकते हैं ? ज्यादा लोगों को जानना इस बिजनेस के लिए बहुत अच्छा है . मगर इस बिज़नेस की विशेषता यही है, कि इसमें अगर आप ज्यादा लोगों को नहीं भी जानते, तब भी आप एक बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं. इसके लिए आपको इतना ही करना है, ऐसे कुछ लोगों की तलाश कीजिए, जिनकी पहचान ज्यादा लोगों के साथ है.

3) "भन तो सेल्समैन हूँ और न मैं वैसा काम कर सकता हूँ.”

            “फील, फेल्ट, फाऊंड' का उपयोग कीजिए. में आपकी बात को समझ सकता हैं. शुरूआत में मुझे भी ऐसा ही लगा था. लेकिन बाद में मैंने पाया, कि सौभाग्य से मेरी अपलाइन टीम इसके लिए मदद हेत आगे आती है, मुझे तो सेल्समैन की तरह काम करने की कभी ज़रूरत ही नहीं पड़ी . हम विशेष तौर पर किसी सेल्समेन की तलाश नहीं करते . सभी तरह के लोग और व्यवसायी इस बिज़नेस में सफलता हासिल कर चुके हैं.

4) " में अपने परिवार का समय इसमें नहीं लगा सकता."

                आपने बहुत अच्छी बात कही . देखिए यह एक पारिवारिक विजनेस है. इस बिज़नेस को हम अपने परिवार के साथ मिलकर ही कर सकते हैं, इसलिए हमारे परिवार में आत्मीयता और बढ़ जाती है. अपने बच्चों के भविष्य की चिंता और परिवार के साथ अधिक समय बिताने की चाहत ही. इस विज़नेस को करने की सवसे बड़ी वजह बन सकती है.

5) " मेरे पास पैसे नहीं हैं.”

               इस विज़नेस को केवल नाममात्र धन के निवेश से ही शुरू करने किया जा सकता है. यदि आपके पास निवेश के लिए धन की कमी है, तब तो यह विज़नेस आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है. आपकी यही कमी, इस बिज़नेस को हर हालत में करने के लिए, आपकी सबसे बड़ी वजह बन सकती है.

6)  “यह तो संतृप्त (सतुरातए) होने जा रहा है. (याने कुछ ही समय बाद सभी लोग इसमें जुड़ चुके होंगे.)

         हर दिन जितने लोग एम्वे विज़नेस शुरू करते हैं, उससे कई गुना ज्यादा लोग 18 वर्ष की आयु में प्रवेश करते हैं. इस हिसाब से चाहे कितनी भी तेजी से हमारा विजनेस नेटवर्क बढ़ता रहे, वो बढ़ती आबादी की रफ्तार से पार नहीं पा सकता . इसलिए विज़नेस के संतृप्त होने की कोई संभावना ही नहीं. वैसे आप अपने करीबी दोस्तों को हंसकर यह जवाब भी दे सकते हैं, "एक बात तो निश्चित है यार, कि जब तक तुम बिज़नेस से जुड़ नहीं जाते, कम से कम तव तक इसके संतृप्त होने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता .”

7).“यह मेरे लिए नहीं है.” या “यह चाय की प्याली मेरे लिए नहीं है."

            मैं  आपकी बात का मतलब समझ नहीं पाया . आखिर कौनसी बात आपके लिए नहीं है, धन कमाना या औरो की मदद करना ?

■         याद रखिए कि लोगों की शुरूआती आपत्तियाँ, एहतराज़ या विरोध, उनकी अधिक जानकारी न लेने की या बिज़नेस न करने की, असली वजह  नहीं होते . साधारणतः लोगों का असली एहतराज़ उनकी अपनी हैसियत या अपने डर की वजह से होता है. कुछ लोग अपनी कमज़ोर आत्मछवि के शिकार होते हैं या उनमें आत्मविश्वास की कमी होती है. वास्तव में लोग केवल दो ही सवालों के जवाब पाना चाहते हैं, पहला,  “क्या यह बिज़नेस वास्तव में चलता है ?” और दूसरा, “क्या मैं भी इसमें सफल हो सकता हूँ ?” मगर लोग यह दोनों वास्तविक सवालों को कभी सीधे नहीं पूछते . हम कभी भी अवास्तविक सवालों के जवाब देकर, उन्हें उनके वास्तविक डर से मुक्त नहीं कर सकते . इसलिए हमें इन वास्तविक सवालों के जवाब ही देने चाहिए.

Share:

प्लान दिखाने की रूपरेखा:

प्लान दिखाने की रूपरेखा:


1)    सहज वातावरण बनाइए

■ उन्हें वताइए, कि आप इस बिज़नेस से कैसे जुड़े

■  उन्हें इस मिटिंग का उद्देश्य बताइए

■  नेटवर्क मार्केटिंग के वार में बताइए

2)  सपनों का ज़िक्र कीजिए

  अपना घर      कार          बच्चों की शिक्षण व्यवस्था

          परिवार के लिए समय                कर्ज मुक्ति

          नौकरी से छुटकारा                    वल्र्ड टूर

             समाज सेवा के लिए दान।           मानसिक शांति .. इत्यादि .

3.           2-5  वर्षीय योजना
प्रॉस्पेक्ट को सहज वातावरण देने के बाद यह ज़रूरी है, कि आप उनसे इस विज़नेस के बारे में बातचीत शुरू करें 


पहला चरण                    शिक्क्ष
                                      प्लॅटिनम या रूबि के स्तर पर कैसे पहुंचा जा सकता है?



दूसरा चरण                   दोहराव
                                   डायमंड के स्तर पर कैसे पहुंचा                                     जा सकता है ?


इस विषय में बात करें:     40  वर्षीय पेंशन प्लान के बारे                                         में समझाइए



आश्वासन:    सफलता के लिए किसी प्रकार का निश्चित आश्वासन संभव नहीं है, क्योंकि किए गए प्रयास, मेहनत और लगाए गए समय पर सफलता निर्भर है, जो कि हर व्यक्ति के लिए अलगअलग हो सकते हैं.


4)   पैसा कहाँ से आता है ?

नेटवर्क मार्केटिंग बनाम परंपरागत विज़नेस के बारे में समझाइए


5)  पैसा कैसे कमाए ?

★ एमवे सेल्स एण्ड मार्केटिंग प्लान

★ इसे बताने में ज्यादा समय ना लें

★ कमाई के पहले तीन नियम समझाइए

★ चार स्टेप्स की मदद से सपने बुनिए

Share:

ओपन मिटिंग

4).ओपन मिटिंग

              ओपेन मिटिंग में प्रॉस्पेक्ट के एक बड़े समूह को एक साथ, एक बड़े हॉल में आमंत्रित करके, व्यावसायिक तरीके से सेल्स आर मोकाटग प्लान दखाया जाता है, यह सामान्यतः किसो होटल या वई सभागृह में, किसी निचिन साप्ताहिक दिन, आयोजित की जाती है। इस पनि। इसलिए भी कहते हैं, क्योंकि इसमें विट संगठन में शामिल सभी समूहों के डिस्ट्रिब्युटर्स, खुले मन से भाग ले सकते हैं. साधारणतः इस आपन मिटिंग मकवल लटिनम या उनके ऊपर के स्तर पर पहुंचे सफल लीडर्स द्वारा ही प्लान दिखाया जाता है. इस 'ओपन मिटिंग में आप अपने नए पापक्ट का पहली बार प्लान दिलाने के लिए भी आमंत्रित कर सकते हैं, जिन्होंने होम मिटिंग, वनऑनवन मिटिंग या इस बिज़नेस का ओव्हरव्हिव देखा हो, उनके लिए दूसरा वार प्लान दिखाने के रूप में या फोलोअप के रूप में भी. 'ओपन मिटिंग' का उपयोग किया जा सकता है 

ओपन मिटिंग में लोगों को आमंत्रित करने के कुछ नुस्खे नीचे दिए गए हैं 

अ. ओपन मिटिंग के पहले :

★ इस मिटिंग के लिए अपनी अपॉइंटमेंट को पक्का कर लीजिए. अगर आपके प्रॉस्पेक्ट आमंत्रण के जवाब में कहते हैं, 'शायद ...'या में आने की कोशिश करूंगा ...'तो सामान्य तौर पर इसका मतलब होता है, कि वो 'नहीं' कहना चाहते हैं और वो नहीं आ पाएँगे .

★ आपको अपने प्रॉस्पेक्ट से पक्का वादा लेना होगा, कि वो वहाँ आएंगे और समय पर आएंगे.

★ विवाहित जोड़ा हो, तो पतिपत्नी दोनों को एक साथ मिटिंग में आने का आमंत्रण दीजिए.

★ ओपन मिटिंग के लिए बहुत दिन पहले से ही आमंत्रण देकर मत रखिए. यदि आप ऐसा कर भी लेते हैं, तव अपने प्रॉस्पेक्ट को मिटिंग के एक दिन पहले फोन करके, उनके आने की बात को पक्का कर लीजिए, वहतर होगा कि शाम को देरी से ही यह फोन कीजिए

★ अपने प्रॉम्पेक्ट को सुझाव दीजिए, कि वो मिटिंग शुरू होने से 14 मिनट पहले ही आपसे मिलें, जिससे आप उनकी मुलाकात अपने कर विज़नेस सहयोगियों से करवा सकते हैं.

ब. ओपन मिटिंग के दौरान:

★ यह एक व्यावसायिक बिजनेस मिटिंग होती है. इसीलिए डिस्ट्रिब्युटर्स को हमेशा व्यावसायिक लिबास पहन कहा जाना था पम्पिक्ट की भी वैसा ही लिवास पहनने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए. व्यावसायिक लिबास में हल्के रंग की और हो सके तो सफेद शर्ट, गहरे काले या नीले रंग की पेंट और लाल रंग मिश्रित टाई शामिल हैं.


★ सभागृह के बाहर खड़े होकर अपने मेहमान के लिए कभी भी इंतजार मत कीजिए. यह कोई व्यावसायिक तरीका नहीं माना जाता और इससे लगता है, कि आपको उनकी बहुत जरूरत है. उन्हें केवल सभागृह का नाम और पता बता दीजिए, जैसे "विट वल्र्ड वाइड हाल, सक्टर 17, वाशी" और वो इसे खुद ही ढूँढ लेंगे.

★ अपने पॉस्पेक्ट को सामने वाली पहली कतार में बिठाकर स्वयं भी उनके साथ वैठ जाइए.

★ प्रस्तुति के अंत में, आप उनसे कुछ ऐसा कहें जैसे, वढ़िया लगता है, है ना?'' फिर प्रॉस्पेक्ट को स्पीकर, अपनी अपलाइन या किसी सफल लीडर से मिलवाने ले जाइए.

★  ओपन मिटिंग होते ही बेहतर होगा, कि अपने प्रॉस्पेक्ट से फोलोअप के लिए 48 घंटों के पहले ही, फिर से मिलने का समय तय कीजिए और उसे अपनी विज़नेस डायरी में लिख लीजिए.

★ अपने प्रॉस्पेक्ट को अपलाइन द्वारा सुझाया गया, एक उपयुक्त 'फोलो अप पंक' दीजिए .

★ प्लान देखने के बाद, अपने प्रॉस्पेक्ट से ज्यादा समय तक बातें मत कीजिए. उनसे यह बात जानने की कोशिश कीजिए, कि क्या वो इस बिजनेस को शुरू करना चाहते हैं. उन्हें आश्वासन दीजिए, कि हर बात के लिए एक उपयुक्त समय होता है. उन्हें 'फोलो अप पॅक' देकर तुरंत विदा कीजिए. याद रखिए कि सारी बातें एक ही मुलाकात में नहीं समझायी जा सकती .

Share:

Sunday, April 28, 2019

होम मिटिंग

3)  होम मिटिंग

  इस तरह की मिटिंग आप अपने घर में आयोजित करते हैं, जहां आप अपनी लिट के कर लोगों को राकमाथ, एक नि:चत दिन और समय पर, मार्केटिंग प्लान देखने के लिए अपने घर पर आमंत्रित करते हैं. यह प्लान आपके द्वारा, आपके स्पॉन्सर के द्वारा या आपकी सफल अपलाइन के द्वारा दिखाया जाता है.

ज्यादा से ज्यादा होम मिटिंग का आयोजन करना, अपने परिचित लोगों को प्लान दिखाने का सबसे बेहतर तरीका है. इस होम मिटिंग में प्लान दिखाने  का काम अक्सर आपकी सफल अपलाइन के द्वारा किया जाता है. आपको अपनी सची में से ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसके लिए आमंत्रित करना चाहिए. यह मिटिंग हमेशा शाम को 7 .00 बजे आयोजित की जाती हैं और 7.24 के पहले ही शुरू की जाती है. यह मिटिंग लगभग एक से डेढ़ घंटे तक चलता है.

कुछ सामान्य दिशानिर्देश:

★ एक बार मिटिंग आयोजन निश्चित होने के बाद, उसे पूरा अवश्य कीजिए, फिर चाहे आमंत्रित लोग उसमें शामिल होने के लिए आ सके या न आ सके.

★ यदि आप आमंत्रण देने के बारे में आशंकित हों, तो लोगों को आमंत्रित करने के लिए अपनी अपलाइन या स्पॉन्सर की मदद लीजिए.

★  आप जितने लोगों को मिटिंग में देखना चाहते हैं, उनसे दुगने लोगों को आमंत्रित कीजिए, क्योंकि अक्सर यह देखा गया है, कि आने के
लिए 'हाँ' कहनेवालों में से आधे लोग समय पर पहुँच नहीं पाते .

★  याद रखिए शायद .." या में आने की कोशिश करूंगा.." कहनेवाले अक्सर कभी नहीं आ पाते .

★ जो लोग नहीं आ सके या नहीं आए, उनके लिए आप निराश मत होइए . कुछ ऐसी भी बातें होती हैं, जिनपर किसी का बस नहीं चलता .समय हमेशा सही नहीं होता . किसी व्यक्ति को उस दिन देर तक काम करना पड़ सकता है, किसी का बच्चा शायद बीमार पड़ गया हो,किसी के बच्चे की आय समय पर न पहुँची हो, या कई और कारण हो सकते हैं .

★ यदि केवल एक व्यक्ति या एक दंपत्ति भी आ जाए, तव भी उत्साहित रहिए. ऐसा जताइए कि मिटिंग के लिए आपने केवल उन्हें हीआमंत्रित किया है, एक अंतरंग मिटिंग के लिए . यदि कोई भी न आए, तव भी दुनिया ख़त्म नहीं होती . तव भी, इसका मतलब यह नहीं होता, कि यह विज़नेस आपके लिए काम नहीं करेगा . जो लोग डायमंड के स्तर तक पहुंच चुके हैं, उन्होंने सबसे ज्यादा ऐसी असफलताओं का सामना किया है. इसके अलावा, जब भी ऐसा होता है, तव आपकी अपलाइन को अपना बहुमूल्य समय आपके साथ विताने का ज्यादा मौका मिलता है.

★ इस बात की तसल्ली कर लीजिए, कि आपके पास काफी संख्या में साहित्य उपलब्ध होना चाहिए, ताकि आप उपस्थित होनेवाले सभी लोगों को आवश्यकतानुसार दे सकें. यदि ऐसा साहित्य कम हो, तव अपनी अपलाइन से सलाह मशविरा कीजिए.

★ पहनावा बिज़नेस के हिसाब से ही होना चाहिए, याद रखिए, आप अपने बिज़नेस की अच्छी छवि प्रदर्शित करने जा रहे हैं, आप पति-पत्नी दोनों को ही विज़नेस के हिसाब से ही लिबास पहनना चाहिए. आप जब अपने प्रॉस्पेक्ट को आमंत्रित करते हैं, तभी उन्हें बता दीजिए, कि आप विज़नेस के लिबास में होंगे, ताकि जब वो आपके धर अपने हमेशा के पहनावे में आएँ, तो दूसरे लोगों का पहनावा देखकर, वो चकित या शर्मिदा ना हों . 

★ याद रखिए, यह एक विज़नेस मिटिंग है, जिसका मतलब है, इसमें शराब, अल्कोहल, पालतू जानवर, टी.की. या वच्चे शामिल नहीं होने चाहिए . बच्चे या पालतू जानवरों के कारण मिटिंग के प्रदर्शन से ध्यान हट सकता है.

★ मिटिंग वाला कमरा आरामदायक मुगर सहज बनाकर रखिए, ध्यान रहे कि कमरे में बराबर रोशनी हो . कमरे में कुछ ही कसियों को रहने दीजिए, बाकी कुर्सियों को नज़रों से ओझल दूसरी जगह पर रखिए, जहाँ से आप ज़रूरत पड़ने पर ला सकें. मिटिंग की व्यवस्था सर्व साधारण तौर पर दोहराने योग्य और आपके लिए भी सरल होनी चाहिए. इसे सहज ही रहने दीजिए.

★ दरवाजे पर लोगों का स्वागत दोस्ताना अंदाज़ में कीजिए.मुस्कुराइए. उत्साहित रहिए, मगर व्यावसायिक अंदाज़ में. अगर प्लान दिखानेवाले आपके लीडर न आएं हों, तो उनकी इतनी प्रशंसा कीजिए, जिससे लोग उनसे मिलने के लिए उतावले हो जाएँ .

★ मिटिंग के बीच और अवकाश होने से पहले जलपान परोसना शुरू मत कीजिए. हालांकि, जल्दी पहुंचे लोगों को, मिटिंग शुरू होने से पहले, आप जलपान आदि दे सकते हैं. मिटिंग के चलते कोई भी चीज़ मत परोसिए

★  देरी से आनेवालों का इंतज़ार न करके, मिटिंग समय पर शुरू कीजिए . जो नहीं आए हैं या देरी से आए हैं, उनके बारे में लोगों को बताना बिल्कुल ज़रूरी नहीं , यह कभी न कहिए, "हम कुछ देर से शुरू करते हैं. में कुछ और लोगों के थोड़ी ही देर में पहुंचने की उम्मीद कर रहा हूँ.

★  जैसे ही आप मिटिंग शुरू करने के लिए तैयार हो जाएं, तो मार्कर वोर्ड को सही जगह पर लगा दीजिए. जहाँ तक हो सके वोर्ड को कमरे के प्रवेश द्वार के ठीक विपरित कान में लगाइए, ऐसा करके आप निश्चिंत हो सकते हैं, कि देरी से आनेवालों के कारण कम से कम अवरोध पैदा होगा . इस बात का भी ध्यान में रखिए, कि आपके पास अतिरिक्त मार्कर पेन होने चाहिए .

★ अगर सही समय हो गया हो, (उम्मीद है कि 7:24 से ज्यादा बिल्कुल नहीं ) तो ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, कि लोग अपना जलपान पूरा करके अपनी जगह पर वैट चुके हों .

★  जैसे ही स्पीकर पहुंचे, तुरंत उनका परिचय करवाइए, अपने स्पोकर को सबसे मिलवाते समय, हर एक के बारे में कोई न कोई बात स्पीकर को बताते जाइए. उदाहरण के लिए यह रमेश जी हैं, मेरे पड़ोसी . ये सरकारी ऑफिसर हैं और इन्हें घूमनेफिरने का शौक है."

★ प्लान दिखाने के लिए स्पीकर को आमंत्रित करते समय, स्पीकर का परिचय पूरे उत्साह के साथ अपने एक दोस्त और सफल बिज़नेस सहयोगी के रूप में दीजिए, संक्षेप में ही, आपको मिले बिज़नेस के इस अनमोल अवसर और मदद के लिए उन्हें पूरा श्रेय दीजिए . हो सकता है कि इस तरह से परिचय करवाने में आप कुशल न हीं और आप असहजता या परेशानी महसूस करें, मगर त। भी यह महत्वपूर्ण है, कि आप उनको परिचित करवाएँ . स्पीकर के द्वारा खुद का परिचय देना उचित नहीं होता, क्योंकि किसी भी स्थिति में वो अपनी तारीफ खुद नहीं कर सकते .

उदाहरणार्थ एक परिचय :

■  (दोस्तों, एक बेहतरीन बिज़नेस अपॉच्युनिटी की इस मिटिंग में, मैं आपका हार्दिक स्वागत करता हूँ. सबसे पहले मैं अपने मेहमान का परिचय देना चाहूंगा . वो पेशे से एक डॉक्टर हैं, एम. वी . बी . एस ., एम.डी. बहुत अच्छी पॅक्टिस थी, रोज़ 100 पेशेंट्स को देखते थे. पैसा
बहुत था, मगर परिवार के लिए समय नहीं था. इसी लिए उन्होंने पार्टटाइम में यह बिज़नेस किया और दो साल में ही अपनी प्रेक्टिस बंद कर दी. अब फ्री हैं और केवल तीन घंटे मुफ्त में इलाज़ करते हैं. उन्होंने हज़ारों लोगों की जिंदगी बदल दी है. हम शुक्रगुज़ार हैं उनके कि उन्होंने हमारे लिए इतनी दूर से आना कुबूल किया और हमें इस विज़नेस की जानकारी देनेवाले हैं. मैं चाहुँगा कि उनकी बात को ध्यान से सुनिएगा, जो कि आपकी जिंदगी बदल सकती है. तो स्वागत करते हैं हमारे गेट लीडर श्रीमान . . . . . जी का !)

■ स्पीकर का परिचय देने के बाद, आप भी पूरी मिटिंग के दौरान पास में बैठे रिहए . यदि मिटिंग में कोई दंपत्ति भी शामिल हों, तो आप पतिपली  भी उस मिटिंग में साथ में वेटिए. इस समय आपके लिए काफी वनाना या कोई और काम महत्वपूर्ण नहीं हैं . यह बात मायने नहीं रखती, कि आपने इस प्लान को पहले भी कितनी बार देखा हुआ है.

■ मिटिंग के दौरान ऐसा दीखना चाहिए, कि इस मिटिंग में सबसे ज्यादा गंभीरता से पूरा ध्यान देकर आप प्लान को देख रहे हैं, वाकी लोग आपको ही देखते रहते हैं, भले ही आपका दिन कैसा भी गुज़रा हो, मगर साबथानी रखिए कि आपके चेहरे से थकावट नहीं झलकनी चाहिए. मिटिंग के दौरान आप नोट्स लिखते रहिए . दूसरे लोग क्या कर रहे हैं, उनकी हरकतों पर बिल्कुल ध्यान मत दीजिए.

■ अगर आपके पास टेप करने की सुविधा हो, तो स्पीकर की बातें टेप करने की व्यवस्था पहले से ही करके रख लीजिए. इस टेप को बाद में बार्र बार सुनकर आप उनके प्लान की हर बारीकी को सीख सकते हैं .

■ मिटिंग के खत्म होने के बाद आप जलपान परोस सकते हैं . (ऐच्छिक)

■ स्पीकर और मेजबान को एकसाथ मिलकर, हर एक प्रॉस्पेक्ट के साथ कुछ समय बिताना चाहिए. पूछे गए सवालों का जवाब पीकर को ही देने दीजिए. इस बात का ध्यान रखिए, कि किसी भी तरह की राजनैतिक, सामाजिक आदि विषय की चर्चा को प्रयत्न करके टाल दीजिए, वहीं बातचीत केवल इस बिज़नेस के बारे में ही होनी चाहिए . 

■ हर व्यक्ति से फोलोअप के लिए मिलने का या फिर से प्लान देखने का अपॉइंटमेंट ले लीजिए. अपनी डायरी को अपने साथ में ही रखिए.
(अपॉइंटमेंट तय करने में स्पीकर आपकी मदद कर सकते हैं. आप उस फोलो अप मिटिंग को अकेले या अपने स्पीकर के साथ निश्चित कर
सकते हैं .)

■ इस बात का ध्यान रखिए, कि मिटिंग खत्म होने के बाद लोग बहुत ज्यादा देर तक वहाँ बातें करते हुए ना रूके रहें. जब उनकी स्पीकर से बात हो गई हो और अपॉइंटमेंट भी तय हो चुका हो, तब पूरी गरीमा के साथ मिटिंग ख़त्म होने की बात दोहराकर, उन्हें सम्मान के साथ विदा कर दीजिए. स्पीकर द्वारा बोली गयी बात में अपनी तरफ़ से कुछ भी जोड़ने या दोहराने की कोशिश मत कीजिए. एक व्यक्ति एक मिटिंग में कितना कुछ आत्मसात कर सकता है, इसकी भी एक सीमा होती है .

■ अपने मेहमानों को विदा करते समय, उनके आने पर खुशी और उनके प्रति विश्वास ज़ाहिर कीजिए, मगर कभी भी उन्हें धन्यवाद मत दीजिए. यदि उन्हें समझ में आ गया होगा, कि उन्होंने क्या देखा, तब वो खुद ही आपको धन्यवाद देंगे. जब लोग विदा हों, तब उनके साथ कुछ न कुछ अवश्य जाना चाहिए, जैसे कि बिज़नेस की जानकारी से संबंधित साहित्य, सीडी, किताब, बॉशर या कुछ प्रॉडक्ट्स के सैम्पल .

■मिटिंग के बाद, घर आए मेहमानों को दिए गए साहित्य और प्रॉडक्ट्स की सूची गेस्ट-रजिस्ट्रेशन/मटेरियल रिकॉर्ड कार्ड पर लिख लीजिए और अपने अपलाइन लीडर के साथ बैठकर फोलो अप से संबंधित योजना बनाइए .

होम मिटिंग की रूपरेखा है :

होम मिटिंग के लिए आप नीचे दी गई रूपरेखा का अनुकरण कर सकते हैं ...

1) . सबका स्वागत कीजिए और एक खुला वातावरण तैयार कीजिए. (2 मिनट)

2) . स्पीकर का परिचय दीजिए. (2 मिनट)

3) . प्रॉस्पेक्ट्स को सुविधाजनक स्थिति में बिठाइए. (5 मिनट)

4) . व्हिडियो दिखा सकते हैं. (10 से 12 मिनट)

5).  लोगों की विचारधारा को सकारात्मक दिशा में मोड़िए और उनको उनके सपने एवं लक्ष्य याद दिलाइए. (10 मिनट)

6).डायमंड स्तर की आमदनी का चित्रण कीजिए “विज़नेस की बड़ी तस्वीर” (5 मिनट)

7) . परंपरागत व्यापार बनाम नेटवर्क मार्केटिंग की अवधारणा को समझाइए. परंपरागत व्यापार की वितरण प्रणाली में ग्राहक का जो धन बेकार में ही खर्च होता है और वो ही धन कैसे नेटवर्क मार्केटिंग में आमदनी का ज़रिया बन जाता है.

8). उन्हें बताइए“45  साल नौकरी के और घर से काम' तथा 'काम से घर' की दिनचर्या आप अपने ही जीवन का उदाहरण देकर समझाइए, उनके बारे में नहीं . (5 मिनट)

9) . उन्हें '6-4-3 सेल्स/मार्केटिंग प्लान' दिखाइए. (20 मिनट) 

10) . उन्हें कंपनी के इतिहास और विकास दर के बारे में बताइए. दूसरे देशों में कंपनी की सफलता का विवरण दीजिए, जैसे कि जापान .
(5 मिनट)

11) . बिज़नेस में सफल हो चुके लीडर्स की तस्वीरें दिखाकर, उनके बारे में बताइए. उनकी जीवन शैली और सफलता की कहानियाँ बताइए.(10 मिनट)

12) . सपनों को साकार करने के बारे में बात करके समाप्त कीजिए. (जीवन पद्धति की तस्वीरें, बॉशर्स, व्हिडियो दिखाए जा सकते हैं।
(20 मिनट)

सूचना: ऊपर दिया गया समय केवल आपके मार्गदर्शन के लिए है. इसमें बदलाव किया जा सकता है ..

Share:

Saturday, April 27, 2019

वन ऑन वन मिटिंग

2•  वन ऑन वन मिटिंग



यह किसी एक व्यक्ति या दंपत्ति के साथ की जानेवाली मिटिंग होती है. गुप मिटिंग की तरह ही किसी निश्चित जगह पर, जो कि आपका घर हो सकता है, आपके प्रॉस्पेक्ट का घर, या कोई ऐसी जगह जो आप दोनों के लिए सुविधाजनक हो, वहाँ इस मिटिंग का आयोजन किया जा सकता है. इस तरह की आमनेसामने होनेवाली मिटिंग में, जब तक आप प्लान दिखाना सीख नहीं लेते, तब तक आपके स्पॉसर या अपलाइन आपके लिए प्लान दिखाते हैं. अपनी अपलाइन को देखकर जल्दी ही आपको अपना प्लान दिखाना सीखना चाहिए. यही काम बाद में आपको लगातार अपने लिए और अपनी डाउनलाइन के लिए करते रहना है, क्योंकि यही एक काम आपके नेटवर्क को बढ़ाने का सबसे बड़ा साधन है और आपको सफलता के शिखर तक ले जानेवाला है।



कुछ सुझाव :



1.  जब आप अपने प्रॉस्पेक्ट के घर पहुंचे, तब कुछ देर गपशप करने के बाद, सभी उपस्थित लोगों को सुविधा जनक जगह पर बैठा दीजिए.



2. यदि वो दंपत्ति हों, तो बेहतर है, कि पतिपली दोनों को साथ में विठाकर प्लान दिखाइए .



3 . प्लान दिखाते समय, "प्लान दिखाने की रूपरेखा के सूत्रों को अपनाइए. हालांकि, वन अन वन प्लान में आपकी बातें, उस व्यक्ति विशेष की ज़रूरतों पर ही केंद्रित होनी चाहिए.



4 . जरूरी नहीं है, कि अपने प्रॉस्पेक्ट को इस विज़नेस की हर बात, आप पहली ही मिटिंग में बता दें. अपनी बातचीत को बहुत ही सरल और सहज बनाए रखिए.



5.  प्लान दिखाने में मददगार साहित्य को अपने साथ रखिए. उदाहरण के लिए, “6-4-3. सेल्स अॅन्ड मार्केटिंग प्लान की शीट, जिसका उपयोग करते हुए भी, याने इसे पढ़ते हुए भी, आप आसानी से ओव्हरव्हिव या प्लान दिखा सकते हैं .



6.  प्लान दिखाने के बाद, यदि समय मिलता है और अगर डी.व्ही.डी. प्लेयर उपलब्ध हो, तब आप उन्हें अपलाइन द्वारा सुझाया गया व्हिडिओ भी दिखा सकते हैं.



7)  हमेशा यह याद रखिए, पॉस्पेक्ट के द्वारा सवाल पूछने का मतलब होता है कि वो इस बिजनेस में रूचि ले रहे हैं. तव उनके सभी सवालों का अपने बेहतर तरीके से सही और संतोषजनक जवाब देने की कोशिश कीजिए. जब आप किसी सवाल का जवाव बेहतर तरीके से देने की स्थिति में न हों, तब उन्हें बताइए कि आप इस बात की जॉच करके उन्हें बताएंगे . किसी भी तरह के एसे सवालों का आप यही बात कहकर सम्भाल सकते हैं. अगर आप उनका समाधान कर सकते हैं, तब ही वैसा कीजिए. हालांकि अगर आपके प्रास्पेक्ट अड़ जाते हैं, कि आप उनके सवालों का समाधान नहीं कर पा रहे हैं, तब आप उनसे कह दीजिए, कि आप उनकी शकाओं का समाधान करने के लिए उनके पास वापस आएंगे.



8). अपने प्रॉस्पेक्ट के पास आवश्यक साहित्य को छोड़ दीजिए और एक फोलो अप अपॉइंटमेंट को पक्का कर लीजिए, ताकि उस साहित्य

को वापस लेने के लिए आप आ सके .


9). अपने प्रॉस्पेक्ट को किसी होम मिटिंग या ओपन मिटिंग में आमंत्रित कीजिए, ताकि वो प्लान को एक बार फिर से देख पाएँ .



10. याद रखिए कि दूसरी बार प्लान देखने के लिए आनेवाले अधिकतर लोग इस बिज़नेस में शामिल हो जाते हैं .



11. इसके अलावा निकट भविष्य में आयोजित टीम मिटिंग, सेमिनार, रैली और अन्य समारोहों की जानकारी देकर, अपने प्रॉस्पेक्ट को उनमें शामिल होने के लिए आमंत्रित कीजिए.


Share:

Recommended Business Books

Buy Books

Featured Post

CHAPTER 13.6 सोचें तो लीडर की तरह

      साम्यवाद के कूटनीतिक रूप से चतुर कई लीडर्स - लेनिन, स्तालिन और कई अन्य - भी काफ़ी समय तक जेल में रहे, ताकि बिना किसी बाहरी चिंता क...